
ताजमहल पर विदेशी पर्यटकों को करीब 1100 रूपये का टिकट खरीदना पड़ता है। सार्क देशों के पर्यटकों को 540 रूपये का टिकट लेना पड़ता है, इस टिकट में पर्यटकों को पानी की बोतल और शू कवर मुहैया कराये जाते हैं। दरअसल, ताज के मुख्य गुंबद पर शू कवर की जरूरत होती है, चूंकि टिकट की इस दर में विकास प्राधिकरण का पथकर का शुल्क भी समाहित होता है, इसलिए शू कवर और पानी की व्यवस्था विकास प्राधिकरण करता है। विकास प्राधिकरण दोनों वस्तुओं के वितरण के लिए निजी कंपनी को ठेका देता है, इस व्यवस्था को लेकर अक्सर प्राधिकरण के अधिकारियों पर आरोप लगते रहे हैं। विंडो पर टिकट के पैसे तो तो वसूले जाते हैं, लेकिन पर्यटकों को शू कवर और पानी की बोतल नहीं दी जाती है, यह गड़बड़झाला कई बार पकड़ में भी आ चुका है।