Friday, September 20, 2024

COVID-19, Delhi, Health, INDIA, Law, News

 दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र से पूछा- कॉल करने पर वैक्सीन लगवाने का मैसेज सुनाई देता है, जब वैक्सीन ही नहीं तो कैसे लगेगी?

Delhi High Court

Delhi High Courtकेंद्र के मोबाइल कॉलर ट्यून  पर दिल्ली उच्च न्यायालय (   ने तीखी टिप्पणी की है। जस्टिस विपिन सिंघई और जस्टिस रेखा पल्ली की बेंच ने कहा कि जब भी कोई फोन लगाता है तो उसे चिढ़ पैदा करने वाली ट्यून सुनाई पड़ती है कि वैक्सीन(  )  लगवाइए, कौन लगाएगा वैक्सीन, जब ये है ही नहीं।

  ने कहा कि इस तरह के मैसेज का क्या मतलब है। अदालत ने कहा कि आपको सभी को वैक्सीन देनी चाहिए। अगर आप इसके लिए पैसे लेने जा रहे हैं तो भी इसे दीजिए। बच्चे भी कह रहे हैं, ये क्या है। ऐसे मामले में सरकार को थोड़ा इनोवेटिव होना चाहिए।

सरकार को और भी मैसेज बनाने चाहिए। ये नहीं कि एक ही मैसेज बनाया और हमेशा उसी को चलाते रहें। जैसे एक टेप जब तक खराब नहीं हो जाता, तब तक बजता रहता है। आप भी इस मैसेज को 10 साल तक चलाएंगे।

दिल्ली उच्च न्यायालय ( Delhi High Court) ने केंद्र से कहा कि जमीनी हालात देखते हुए बर्ताव करना चाहिए। इसलिए आपको और ज्यादा मैसेज बनाने चाहिए। जब कोई हर बार अलग-अलग मैसेज सुनेगा तो उसे इससे काफी मदद मिलेगी।

टीवी एंकर्स और प्रोड्यूसर की मदद से प्रोग्राम बनाइए। छोटी अवधि के ये प्रोग्राम ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, सिलेंडर या वैक्सीनेशन पर जागरूकता फैलाने वाले हो सकते हैं। इन्हें सभी चैनल्स पर दिखाया जाए। अमिताभ जैसे कलाकारों को इसमें शामिल कीजिए और ये सब जल्दी किया जाना चाहिए।

पिछले साल बहुत सारा प्रचार और प्रोपेगैंडा फैलाया गया था। लगातार हाथ धुलिए, मास्क लगाइए। इस बार इसी तरह के ऑडियो-विजुअल इनोवेशन ऑक्सीजन, कंसन्ट्रेटर्स और दवाइयों को लेकर किया जा सकता है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ( Delhi High Court)   ने केंद्र से कहा देर क्यों कर रहे हैं। इसे जल्दी करना चाहिए। 18 मई तक बताइए कि टीवी, प्रिंट और कॉलर ट्यून के जरिए कोविड मैनेजमेंट पर जानकारी प्रचार करने के लिए क्या कदम उठाए हैं।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels