वित्त वर्ष 2018-19 में खरीदे गये मकान की बुकिंग रद्द कराने पर बिल्डरों को मकान खरीदारों को जीएसटी रिफंड करना पड़ेगा, इस दौरान बिल्डर अपना इनपुट टैक्स क्रेडिट समायोजित कर सकता है। आयकर विभाग ने मकान खरीदारों के हितों को देखते हुए यह निर्देश जारी किया।केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एंव सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने रियल एस्टेट पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि 1 अप्रैल 2019 से लागू नई जीएसटी दर में चल रहे प्रोजेक्ट पर आईटीसी सहित 12 फीसर जीएसटी अथवा बना आईटीसी 5 फीसदी जीएसटी लेना होगा।
कीमतों में बदलाव या बुकिंग रद्द किये जाने की स्थिति में बिल्डर को क्रेडिट नोट जारी करना होगा इस नोट में बिल्डर भुगतान किये गये टैक्स को अन्य किसी कर देनदारी में समायोजित कर सकता है, हालांकि, उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि मकान खरीदार से वसूला गया जीएसटी वापस कर दिया गया है।
|
ReplyForward
|


सरकार ने 16 दवा कॉम्बिनेशन पर रोक लगाई:स्किन और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट भी शामिल, कहा- इनसे इलाज में फायदे से ज्यादा जोखिम
Jharkhand :झारखंड राज्यसभा चुनाव में एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी जीते, कांग्रेस को झटका; प्रणव झा हारे
Uttar Pradesh :फिरोजाबाद में बैंक ऑफ इंडिया के 96 ग्राहकों का करोड़ों का सोना गायब,ब्रांच मैनेजर सहित तीन पर FIR दर्ज
Uttar Pradesh :प्रयागराज में दिल दहला देने वाली वारदात, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की निर्मम हत्या,घर के अंदर से बाहर तक पड़ी थीं लाशें
Rajasthan: जयपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस का छापा, मैनेजर गिरफ्तार,नशीले फ्लेवर जब्त
अमेरिकी वायु सेना का बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस बमवर्षक विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त,आठ की मौत
ट्रेन में आग की अफवाह पर चेन पुलिंग कर उदयपुर इंटरसिटी से कूदे यात्री, दूसरी गाड़ी की चपेट में आने से 4 की मौत
Bihar :ज्ञान बिंदु वाले रौशन आनंद के भाई प्रिंस की नेपाल में मौत,’खान सर’ कोचिंग पर हमले मामले में थे आरोपी
अमेरिकी बयान पर भड़के शशि थरूर: बोले- निर्दोष भारतीयों की मौत पर अफसोस तक नहीं, यह कैसी दोस्ती?