Wednesday, June 24, 2026

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बिशप के कुकर्मों की पोल खोलने वाले निशाने पर, अब एक नन को चर्च से बाहर निकाला

दुष्कर्म  के आरोपी  बिशप  फ्रैंको मुलक्कल  के खिलाफ आवाज उठाने वाले लगातार निशाने पर है पहले इस घटना के प्रमुख गवाह की मौत फिर उन ननों के खिलाफ कार्यवाही जो दुषकर्मी बिशप के खिलाफ कार्यवाही मांग कर रही थी इसी कड़ी में अब ईसाई संस्था ने  बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल एक और नन लूसी कलप्पुरा को ‘फ्रांसिस्कन क्लारिस्ट कांग्रेगैशन (एफसीसी) यानी धर्मसभा ने निष्कासित कर दिया है।

केरल में रेप के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली सिस्टर लूसी को फ्रैंसिशन क्लैरिस्ट कॉन्ग्रिगेशन से बाहर कर दिया गया है।  फ्रैंसिशन क्लैरिस्ट कॉन्ग्रिगेशन केरल में काम करने वाली एक ईसाई संस्था है। सिस्टर लूसी इस संस्था की एक नन हैं।  सिस्टर लूसी पर ये अनुशासनात्मक कार्रवाई  फ्रैंसिशन क्लैरिस्ट कॉन्ग्रिगेशन की सुपीरियर जनरल ने की है।

बुधवार को सिस्टर एन जोसेफ ने नन लूसी को फ्रैंसिशन क्लैरिस्ट कॉन्ग्रिगेशन से बाहर का करने का आदेश थमाया। सिस्टर लूसी केरल के वायनाड में फ्रैंसिशन क्लैरिस्ट कॉन्ग्रिगेशन के सैंट मैरी कॉन्वेंट में रहती थी। दो पन्नों के उनके बर्खास्तगी आदेश में लिखा गया है कि चर्च प्रशासन के साथ नन का रवैया बेहद असहयोग भरा रहा है। इससे पहले चर्च ने कई मुद्दों पर उनसे सफाई मांगी थी।

विदित रहे  जालंधर डायसिस के  बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर एक नन ने २०१४ से २०१६ के बीच बलात्कार और अप्राकृतिक सेक्स करने का आरोप लगाया था। जून में कोट्टयाम पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में नन ने आरोप लगाया था कि बिशप ने मई २०१४ में कुराविलंगाड गेस्ट हाउस में उनका रेप किया और बाद में भी यौन शोषण करते रहे। इस मामले में नन ने पोप को भी पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में केरल पुलिस ने मुलक्कल को १९ सितंबर को पेश होने का समन भेजा था। तीन दिन की पूछताछ के बाद केरल पुलिस ने मुलक्कल को २१ सितंबर18 को गिरफ्तार कर लिया था। करीब २१ दिन के बाद केरल उच्च न्यायालय ने १५ अक्टूबर उसे सशर्त जमानत दे दी थी।

नन संग दुष्कर्म और अप्राकृतिक संबंध का मामला सामने आने के बाद सिस्टर्स और कैथलिक सुधार फोरम ने सितंबर 2018 में काफी धरना-प्रदर्शन किया था। जनता ने भी इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए बिशप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल भारत में रोमन कैथलिक के वरिष्ठ सदस्य हैं। काफी विरोध प्रदर्शन के बाद 54 वर्षीय बिशप को सितंबर 2018 में गिरफ्तार किया गया था। इसके साथ ही उन्हें   धर्मगुरू के पद से हटा दिया गया है।

केरल के चर्चित नन रेप केस के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ बयान देने वाले फादर कुरियाकोस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। कुरियाकोस की लाश  उनके जालंधर स्थित कमरे में मिली। बताया जा रहा है कि कुरियाकोस को लगातार धमकियां मिल रही थी और हाल ही में उनकी कार पर हमला भी हुआ था।गौर करने वाली बात यह है कि केरल उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद आरोपी फ्रैंको मुलक्कल १७ अक्टूबर 18 को ही जालंधर पहुंचा है। उसके जालंधर पहुंचने के ५ दिन के अंदर ही फादर कुरियाकोस की मौत हो गई।

इससे पूर्व  आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल का विरोध करने वाली पांच में चार नन को पूर्व में  हटा दिया गया है। इन सबको कोट्टम के कॉन्वेंट से बाहर जाने के लिए कह दिया गया था। विरोध करने वाली सिस्टर अनुपमा, सिस्टर एनसिटा, सिस्टर एल्फी और सिस्टर जॉसफाइन को तुरंत वापस पुराने कॉन्वेंट में जाने को कह दिया गया था।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels