आगरा में कोरोना वायरस (Coronavirus In AGRA ) का संक्रमण थम नहीं रहा है। मंगलवार 12 और लोगों की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट(Corona Positive ) आई है। जिले में अब तक 642 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं।16 की मौत हो चुकी है।
चिंताजनक बात यह है कि संक्रमण की रफ्तार अब सबसे तेज है। एक से चार मई तक ही 148 नए मरीज मिल चुके हैं। पहले भी मरीज मिल रहे थे लेकिन गति कम थी। पहले 100 मरीज 37 दिन में मिले थे। अब तीन दिन में संक्रमितों का शतक लग रहा है। आगरा में अब कोरोना बेकाबू है ।प्रशासन को खुद नहीं पता की संक्रमण की चेन कहां तक पहुंच गई है । अफसरों की लापरवाही का खामियाजा अब आगरा की जनता भोग रही है ।देश के प्रमुख हिन्दी समाचार पत्र के आगरा संस्करण के अधिकाशं पत्रकार/ कर्मी संक्रमित हो गये है ।17 मीडिया कर्मी स॓क्रमण की चपेट में आ गये है
आगरा में कोरोना वायरस (AGRA ) से संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। मंगलवार तक संक्रमितों की संख्या 642 हो गई है। रोज नए संक्रमित बढ़ रहे हैं। संक्रमण नहीं रुक पाने की वजह लगातार नई चेन का बनना माना जा रहा है। प्रशासन ने भी इन चेन पर काम किया है। दिक्कत यह आ रही है कि एक चेन बंद होने से पहले ही दूसरी शुरू हो जाती है।
आगरा ( AGRA ) में कोरोना वायरस इटली ( Italy )से आया। तीन मार्च को जूता कारोबारी के परिवार के पांच लोग संक्रमित मिले। यह प्रदेश का पहला मामला था। ये लोग इटली से लौटे थे। इनसे संपर्क के दो और लोग संक्रमित हुए। इसके बाद संक्रमण उन लोगों से ही फैला जो विदेश से आए। अमेरिका, इंग्लैंड, दुबई, चीन से लौटे लोगों में वायरस मिला।
ताजनगरी में पहले 100 मरीजों में 80 फीसदी से ज्यादा जमाती और उनके संपर्क के रहे। यह संक्रमण अप्रैल के शुरू में फैला। जमाती 13 मस्जिदों में ठहरे थे। 10 बस्तियों में गए थे। पुलिस ने 147 जमाती चिह्नित किए गए। इनसे कुल संक्रमित 104 हुए। सीकरी, खंदौली में भी जमाती मिले। यहां इनसे संक्रमण भी पहुंचा।
श्रीपारस हॉस्पिटल में संक्रमित मरीज का उपचार हुआ। हॉस्पिटल संचालक ने प्रशासन को सही जानकारी नहीं दी। नतीजा यह हुआ कि यह हॉस्पिटल संक्रमण का गढ़ बन गया। 100 मरीज इसी से निकले। कोई उपचार कराने से तो कोई मरीज के साथ आने से। आगरा ही नहीं, आसपास के दस और जिलों में यहां से संक्रमण फैला। यह चेन अब तक बंद नहीं हुई है। रविवार को भी यहां के स्टाफ के सदस्य संक्रमित पाए गए हैं। श्रीपारस के अलावा एसआर हॉस्पिटल समेत अन्य 10 अस्पातलों में संक्रमण फैला। एसएन के डॉक्टर और स्टाफ भी इसकी चपेट में आए।
प्रशासन केसामने सबसे बड़ी चुनौती सब्जीवालों के संक्रमित होने से आई। इनकी कांटेक्ट हिस्ट्री (संपर्क इतिहास) तलाशना चुनौती बनी हुई है। इनके संपर्क में कौन-कौन लोग आए, यह पता करना भी मुश्किल हो रहा है। सब्जीवालों के अलावा दूध विक्रेता, ऑटोवाले, रिक्शा वाले भी संक्रमित मिल रहे हैं।
कोरोना वायरस से लड़ रही आगरा पुलिस( agra police ) भी संक्रमण की चपेट में आ गई। पुलिस लाइन के दो रसोइए संक्रमित मिले। इसके बाद होमगार्ड, फिर एक सिपाही सिकंदरा और एक छत्ता का। इस तरह चेन बनती चली जा रही है। सोमवार को दो और सिपाही संक्रमित मिले। इसे रोकने की कोशिश स्वास्थ्य विभाग के साथ पुलिस के अफसर भी कर रहे हैं। पुलिसवालों को पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर के साथ बचाव का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
प्रदेश सरकार के बाद अब केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम संक्रमण की रफ्तार रोकने के लिए आगरा में डेरा डालेगी। मलिन बस्तियों से भी मरीज मिलने से चिंता बढ़ रही है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम देश के 20 सबसे संक्रमित शहरों में जाएगी। इनमें आगरा 14वें स्थान पर है।। ताजनगरी में 7,522 लोगों की जांच हो चुकी है।


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