एक अगस्त से भारत दुनिया की सबसे शक्तिशाली संस्था संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ( UNSC) के अध्यक्ष की कमान संभाल ली है और इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) करेंगे। भारत का कार्यकाल एक महीने का रहने वाला है। वहीं भारत को सुरक्षा परिषद की कमान मिलने से पाकिस्तान और चीन को अपनी पोल खुलने का डर सताने लगा है। दोनों देशों को लग रहा है कि भारत कहीं दुनिया के अन्य देशों के सामने उनकी छवि न खराब कर दे।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन( Syed Akbaruddin ) ने कहा कि हमारे पीएम नरेंद्र मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे जिन्होंने यूएनएससी ( UNSC)की बैठक की अध्यक्षता करने का फैसला किया है। यूएनएससी पर यह हमारा आठवां कार्यकाल है। उन्होंने कहा कि 75 से अधिक वर्षों में, यह पहली बार है जब हमारे राजनीतिक नेतृत्व ने यूएनएससी के किसी कार्यक्रम की अध्यक्षता करने में रुचि दिखाई है। यह दर्शाता है कि हमारे नेता सामने से नेतृत्व करना चाहते हैं। यह यह भी दर्शाता है कि भारत और उसके राजनीतिक नेतृत्व ने विदेश नीति उपक्रमों में कितनी मजबूती से काम किया है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को उम्मीद जताई कि भारत अपने कार्यकाल के दौरान निष्पक्ष होकर काम करेगा और सही फैसला लेगा। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जाहिद हाफीज चौधरी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि भारत अपने कार्यकाल के दौरान प्रासंगिक नियमों और मानकों का पालन करेगा। इसके अलावा पाकिस्तान ने एक बार फिर से जम्मू कश्मीर का भी जिक्र किया। पाकिस्तान ने कहा कि भारत का अध्यक्ष बनने का अर्थ ये भी है कि पाकिस्तान जम्मू कश्मीर के मुद्दे को इस मंच पर नहीं उठा सकेगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ( Dr. S. Jaishankar )ने कहा कि हम एक अगस्त से यूएनएससी ( UNSC)की अध्यक्षता संभालने जा रहे हैं। इस दौरान भारत अन्य सदस्यों के साथ सहयोगात्मक रूप से काम करने के लिए तत्पर हैं। भारत हमेशा से संयम की आवाज, संवाद का हिमायती और अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थक रहा है और रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत का पहला कार्यकारी दिवस सोमवार, दो अगस्त को होगा। इस दौरान वह तीन प्रमुख क्षेत्रों समुद्री सुरक्षा, शांतिरक्षा और आतंकवाद को रोकने संबंधी विशेष कार्यक्रमों की मेजबानी करने के लिए तैयार है।
जयशंकर ने कहा कि भारत हमेशा संयम की आवाज, वार्ता का हिमायती और अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थक रहेगा। विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट किया कि जैसा कि हम अगस्त के लिए यूएनएससी की अध्यक्षता संभाल रहे हैं, अन्य सदस्यों के साथ उत्पादक रूप से काम करने के लिए तत्पर हैं। भारत हमेशा संयम की आवाज, वार्ता का समर्थक और अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थक रहेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने रविवार को ‘महत्वपूर्ण दिन’ बताया।
उन्होंने इस बारे में बोलते हुए भारत के वैश्विक दृष्टिकोण के तौर पर संस्कृत वाक्यांश ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ (दुनिया एक परिवार है) का उल्लेख किया। बागची ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत का कार्यकाल पांच ‘एस’- ‘सम्मान (रिस्पेक्ट), संवाद (डायलॉग), सहयोग (कोऑपरेशन), शांति (पीस) और समृद्धि (प्रॉस्पेरिटी) द्वारा निर्देशित है।
भारत का पहला कार्य दिवस सोमवार 2 अगस्त होगा। भारत ने 1 जनवरी को यूएनएससी ( UNSC)के एक अस्थायी सदस्य के रूप में अपना दो साल का कार्यकाल शुरू किया था। यह एक अस्थायी सदस्य के रूप में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत का सातवां कार्यकाल है। भारत इससे पहले 1950-51, 1967-68, 1972-73, 1977-78, 1984-85 और 1991-92 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य रहा है।


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