यूपीए सरकार में विदेश मंत्री रहे और कांग्रेस (Congress ) के वरिष्ठ और कद्दावर नेता और पद्म विभूषण से सम्मानित कुंवर नटवर सिंह ( K Natwar Singh ) का शनिवार रात निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। वे 93वर्ष के थे और गुरुग्राम के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उन्हें करीब दो सप्ताह पहले गुरुग्राम में भर्ती कराया गया था।नटवर सिंह का जन्म 16 मई 1931 को राजस्थान के भरतपुर (Bharatpur ) जिले में हुआ था। अंतिम संस्कार दिल्ली में होगा।
पूर्व राजनयिक सिंह ( K Natwar Singh ) 2004-05 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में विदेश मंत्री थे। वे 1953 में भारतीय विदेश सेवा में चुने गए थे, जिसे उन्होंने 1984 में छोड़ दिया था।1984 में नटवर सिंह कांग्रेस में शामिल हुए।
1984 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। नटवर सिंह ने कई पुस्तकें और संस्मरण लिखे हैं। उनकी आत्मकथा ‘वन लाइफ इज नॉट इनफ’ काफी पॉपुलर है, जिसमें उन्होंने अपने जीवन और राजनीतिक अनुभवों के बारे में विस्तार से लिखा है।
कुंवर नटवर सिंह ( K Natwar Singh ) ने कांग्रेस के टिकट पर राजस्थान के भरतपुर से चुनाव लड़ा था और लोकसभा सांसद बने थे। 1985 में उन्हें राज्य मंत्री (एमओएस) के रूप में शपथ दिलाई गई और उन्हें इस्पात, कोयला और खान तथा कृषि मंत्रालय दिए गए। 1986 में वे विदेश राज्य मंत्री बने। सिंह 1987 में न्यूयॉर्क में आयोजित निरस्त्रीकरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के अध्यक्ष चुने गए और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 42वें सत्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी किया। उन्होंने लगभग एक दर्जन किताबें भी लिखीं, जिनमें ‘द लिगेसी ऑफ नेहरू: ए मेमोरियल ट्रिब्यूट’, ‘टेल्स फ्रॉम मॉडर्न इंडिया’, ‘ट्रेजर्ड एपिस्टल्स’ और उनकी आत्मकथा ‘वन लाइफ इज नॉट इनफ’ शामिल हैं।
कुंवर नटवर सिंह ( K Natwar Singh ) ने 1953 में 22 साल की उम्र में आईएफएस में शामिल होने के बाद, सिंह ने यूके (1973-77) में भारत के उप उच्चायुक्त के रूप में कार्य किया और फिर जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त बने। (1977). उन्होंने 1980-82 के दौरान पाकिस्तान में भारत के राजदूत के रूप में भी काम किया। सिंह ने दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज में इतिहास में अध्ययन किया, और कैम्ब्रिज, U.K. और चीन में पेकिंग विश्वविद्यालय में भी अध्ययन किया। 1983 में नई दिल्ली में गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन की प्रारंभिक समिति के प्रमुख के रूप में कार्य करने के बाद उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया।प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, “नटवर सिंह जी के निधन से दुख हुआ। उन्होंने कूटनीति और विदेश नीति की दुनिया में समृद्ध योगदान दिया। वह अपनी बुद्धि के साथ-साथ विपुल लेखन के लिए भी जाने जाते थे। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं. ॐ शांति.”
Pained by the passing away of Shri Natwar Singh Ji. He made rich contributions to the world of diplomacy and foreign policy. He was also known for his intellect as well as prolific writing. My thoughts are with his family and admirers in this hour of grief. Om Shanti. pic.twitter.com/7eIR1NHXgJ
— Narendra Modi (@narendramodi) August 11, 2024


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