प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi ) ने कहा कि संविधान संशोधन का ऐसा खून कांग्रेस के मुंह लग गया कि वह समय-समय पर संविधान का शिकार करती रही। संविधान के स्पिरिट को लहूलुहान किया। छह दशक में 75 बार संविधान बदला गया। जो बीज देश के पहले प्रधानमंत्री ने बोया, उसको खाद पानी एक और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने दिया। 1971 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संविधान बदलकर पलटा गया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लोकसभा में भारत के संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर चर्चा का जवाब दे रहे थे ।
पीएम मोदी ने कहा देश की अदालत के पंख काट दिए थे। उन्होंने तब अदालत के अधिकारों को छीना था। कोई रोकने वाला था नहीं। इसलिए जब इंदिरा जी के चुनाव को अदालत ने खारिज कर दिया और उनको सांसद पद छोड़ने की नौबत आई, तो उन्होंने गुस्से में देश पर इमरजेंसी थोप दी। अपनी कुर्सी बचाने के लिए और उसके बाद 1975 में 39वां संशोधन किया और उसमें उन्होंने क्या किया- राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, अध्यक्ष इनके चुनाव के खिलाफ कोई कोर्ट में जा ही नहीं सकता, ऐसा नियम बनाया और इसे पीछे के लिए भी लागू कर दिया।
पीएम मोदी(PM Modi ) ने कहा कि कांग्रेस के एक परिवार ने संविधान को चोट पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। देश के लंबे इतिहास में एक ही परिवार ने राज किया है। इस परिवार के कुविचार, कुरीति, कुनीति, इसकी परंपरा निरंतर चल रही है। हर स्तर पर इस परिवार ने संविधान को चुनौती दी है। 1947 टू 1952 इस देश में चुनी हुई सरकार नहीं थी। एक अस्थायी व्यवस्था, एक सेलेक्टेड सरकार थी। चुनाव नहीं हुए थे। एक अंतरिम व्यवस्था के तौर पर खाका खड़ा हुआ था। 1952 के पहले राज्यसभा का गठन नहीं हुआ था। जनता का कोई आदेश नहीं हुआ था। अभी अभी तो संविधान निर्माताओं ने संविधान बनाया था। तब उन्होंने ऑर्डिनेंस कर के संविधान को बदला और किया क्या- अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला कर दिया गया। ये संविधान निर्माताओं का भी अपमान था। लेकिन वहां उनकी चली नहीं। बाद में जैसे ही मौका मिला, उन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी पर हथौड़ा मार दिया। वो जो संविधान सभा में नहीं करवा पाए, वो उन्होंने पीछे के दरवाजे से किया। जो चुनी हुई सरकार के नेता नहीं थे, उन्होंने ये किया।
पीएम मोदी(PM Modi ) ने कहा कि मैं तो संविधान के प्रति विशेष आदर का भाव व्यक्त करने आया। संविधान की वजह से हम यहां पहुंच पाए। संविधान के सामर्थ्य और जनता के आशीष ने हमें यहां तीसरी बार पहुंचाया है। मैं देश की जनता संविधान के साथ खड़ी रही।
पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi )ने कहा कि तब अटल जी की सरकार थी। जब देश संविधान का 50 वर्ष मना रहा था। तब यह मेरा भी सौभाग्य था कि मुझे संवैधानिक प्रक्रिया से मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल गया था। तब मैंने तय किया था मुख्यमंत्री के नाते कि हम संविधान के 60 साल मनाएंगे। हमने यह किया था। आज 75वें साल में भी मुझे संविधान दिवस मनाने का अवसर मिला। जब मैंने संविधान दिवस मनाने के लिए कहा था, तब एक नेता ने कहा था कि 26 जनवरी तो है, संविधान दिवस की क्या जरूरत। इसी सदन की बात है। अच्छा होता कि संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर लोग संविधान की चर्चा करते, लेकिन यहां कुछ और ही बात हुई।
पीएम मोदी ने कहा कि संविधान के जब 25 साल थे, हमारे देश में इमरजेंसी लाई गई। नागरिकों के अधिकारों को लूट लिया गया। प्रेस की स्वतंत्रता को ताले लगा दिए गए। कांग्रेस के माथे पर ये जो पाप है न, यह धुलने वाला नहीं है। लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था। जब 50 साल हुए तब क्या भुला दिया गया था। तब देशभर में संविधान का 50वां वर्ष मनाया गया था। अटल जी ने देश को एकता और संविधान की भावना का संदेश दिया था।
पीएम मोदी (PM Modi )ने कहा कि देश के बुनियादी ढांचे में भेदभाव की बू आती रही है। हमने उसे मिटाया और एकता को मजबूत किया। देश के हर राज्य में बुनियादी ढांचे को सामर्थ्य देने का हमने काम किया। पीएम ने कहा कि युग बदल चुका है। भारत की तकनीक का हमने विकास किया। हम तकनीक को पंचायत तक लेकर गए हैं। हमने मातृभाषा का महत्व स्वीकारा है। हमने नई शिक्षा नीति में इसको बल दिया है। अब गरीब का बच्चा भी मातृभाषा में डॉक्टर, इंजीनियर बन सकेगा। हमने शास्त्रीय भाषाओं की दिशा में भी काम किया है। एक भारत श्रेष्ठ भारत देश की एकता को मजबूत कर रहा है।
पीएम मोदी (PM Modi )ने कहा कि मैं संविधान के प्रकाश में इन बातों को रख रहा था। पिछले 10 साल देश की जनता ने हमें जो बहुमत दिया है, उसमें हमने देश में एकता का भाव मजबूत किया है। जम्मू-कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 देश की एकता में रोड़ा बन रहा था। हमने अनुच्छेद 370 को हटा दिया। वन नेशन-वन टैक्स यानी जीएसटी, वन नेशन-वन राशन कार्ड हमने लागू किया। आज देश का कोई व्यक्ति अगर कहीं बीमार हो गया तो उसके पास देश में आयुष्मान कार्ड है। हमने वन नेशन-वन इलेक्ट्रिक ग्रिड के सपने को पूरा कर दिया। आज बिजली को देश के किसी भी जगह से कहीं भी दिया जा सकता है।
पीएम मोदी(PM Modi ) ने कहा कि हमारा संविधान भी भारत की एकता का आधार है। हमारे संविधान के निर्माण में इस देश के बड़े दिग्गज रहे हैं। समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व था। सभी भारत की एकता के लिए बहुत संवेदनशील थे। बाबासाहेब आंबेडकर जी ने चेताया था कि समस्या यह है कि देश में जो विविधता से भरा जनमानस है, उसे किस तरह एकमत किया जाए। कैसे देश के लोगों को एक साथ होकर निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे देश में एकता की भावना पैदा हो। मुझे बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि आजादी के बाद विकृत मानसिकता के कारण अगर सबसे बड़ा प्रहार हुआ है तो वह संविधान के मूलभाव पर प्रहार हुआ है। इस देश की प्रगति विविधता में एकता सेलिब्रेट करने में रही है। लेकिन गुलामी की मानसिकता में पैदा हुए लोग, जिनके लिए हिंदुस्तान 1947 में ही पैदा हुआ, वह विविधता में एकता को सेलिब्रेट करने के बजाय, उसमें इस तरह जहर बोते रहे कि उससे चोट पहुंचे।
Speaking in the Lok Sabha.https://t.co/iSrP6pOV2p
— Narendra Modi (@narendramodi) December 14, 2024


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