Tuesday, June 23, 2026

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Malegaon Blast Verdict:मालेगांव विस्फोट मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा समेत सभी आरोपी बरी; एनआईए कोर्ट का फैसला

17 साल पहले  ( के मालेगांव विस्फोट (Malegaon Blast  )मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद  लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित जो कि विस्फोट मामले के आरोपी थे कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। पत्रकारों से बातचीत के दौरान पुरोहित ने कहा कि मैं देश और उन सभी लोगों का आभारी हूं जिन्होंने हमारा साथ दिया।

उन्होंने कहा कि न्यायपालिका ने केस को समझा और हम सबको न्याय दिया। इस लड़ाई में भारतीय सशस्त्र बलों ने मेरा पूरा साथ दिया। मैं उनका धन्यवाद करने के लिए शब्द नहीं ढूंढ पा रहा हूं। बता दें कि मामले में पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी पर आतंकवाद और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप लगे थे। इसके बाद गुरुवार को एनआईए कोर्ट ने आरोपित सभी को बरी कर दिया।
फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा ने कहा, ‘मैंने शुरू से ही कहा था कि जिन्हें भी जांच के लिए बुलाया जाता है, उनके पीछे कोई न कोई आधार जरूर होना चाहिए। मुझे जांच के लिए बुलाया गया और मुझे गिरफ्तार करके प्रताड़ित किया गया। इससे मेरा पूरा जीवन बर्बाद हो गया। मैं एक साधु का जीवन जी रही थी, लेकिन मुझ पर आरोप लगाए गए और कोई भी हमारे साथ खड़ा नहीं हुआ। मैं जिंदा हूं, क्योंकि मैं एक संन्यासी हूं। उन्होंने एक साजिश के तहत भगवा को बदनाम किया। आज भगवा की जीत हुई है, हिंदुत्व की जीत हुई है और ईश्वर दोषियों को सजा देगा। हालांकि, भारत और भगवा को बदनाम करने वालों को आपने गलत साबित नहीं किया।’
मालेगांव विस्फोट (Malegaon Blast  )मामले में भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित सभी सात आरोपियों को विशेष एनआईए अदालत द्वारा दोषमुक्त किए जाने के बाद मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भावुक हो गईं। प्रज्ञा ठाकुर को याद करते हुए उमा भारती की आंखें भर आईं और उन्होंने नासिक जेल में साध्वी के साथ हुए व्यवहार का दर्द साझा किया। ठाकुर  के बरी होने की खुशी में उमा भारती के बंगले पर मिठाईयां बांटी गई और जमकर आतिशबाजी की गई।
 मीडिया से बातचीत के दौरान उमा भारती ने कहा कि मैं इतनी खुश हूं कि शब्द नहीं हैं। जब प्रज्ञा ठाकुर नासिक जेल में थीं, तब मैं उनसे मिलने गई थी। उस समय कोई और उनसे मिलने नहीं जाता था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया था कि प्रज्ञा को प्रताड़ित किया जा रहा है। जब मैं उनसे मिली तो मैं खुद को रोक नहीं पाई और रोने लगी। तब प्रज्ञा ने मुझे शांत किया और कहा हां दीदी, मुझे सच में बहुत प्रताड़ित किया जा रहा है। उमा भारती ने कहा कि इस फैसले से उन्हें बेहद संतोष हुआ है और आज उन्हें लग रहा है कि सच्चाई की जीत हुई है। भावनाओं में बहते हुए उन्होंने कहा कि “मैं उसके लिए जेल में कुछ ले नहीं गई थी, बस अपने आंसू लेकर गई थी। प्रज्ञा ने ही मुझे चुप कराया।
मालेगांव विस्फोट (Malegaon Blast  )29 सितंबर 2008 को हुआ था। महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए इस धमाके में 6 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। यह घटना रमजान के महीने में घटी थी, जिससे माहौल और संवेदनशील हो गया था। इस मामले की जांच एनआईए ने की थी और इसमें 323 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने सभी सात आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।

करीब 17 साल बाद आए फैसले में जज एके लाहोटी ने कहा कि जांच एजेंसी आरोप साबित नहीं कर पाई है, ऐसे में आरोपियों को संदेह का लाभ मिलना चाहिए।

जज लाहोटी ने कहा कि धमाका हुआ था, लेकिन यह साबित नहीं हुआ कि बम मोटरसाइकिल में रखा था। यह भी साबित नहीं हुआ कि मोटरसाइकिल साध्वी प्रज्ञा के नाम थी। यह भी साबित नहीं हो सका कि लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित ने बम बनाया।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels