Tuesday, June 23, 2026

Crime, Education, INDIA, Maharashtra, News

Maharashtra: आईआईटी बॉम्बे के छात्र ने 10वीं मंजिल से कूदकर की आत्महत्या, सालभर में सामने आ चुके हैं ऐसे 14 केस

IIT Bombay student, 26, dies by suicide after jumping from hostel terrace,14 such cases have come to light in a year

बॉम्बे (IIT  Bombay )  में शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। मृतक छात्र आईआईटी बॉम्बे में पढ़ता था और हॉस्टल की छत से कूदकर उसने आत्महत्या की है। मृतक लड़का मेटा साइंस चौथे वर्ष में पढ़ रहा था, उसकी उम्र 26 साल थी। घटना रात लगभग ढाई बजे की बताई जा रही है। पवई पुलिस के अनुसार, छात्र ने हॉस्टल की छत से छलांग लगाई थी। घटना के तुरंत बाद उसे पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

दिल्ली निवासी रोहित की मौत ने एक बार फिर से आईआईटी और अन्य शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे (IIT  Bombay ) छात्र की पहचान रोहित सिन्हा के रूप में हुई है, जो दिल्ली का रहने वाला था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब यह घटना हुई, उसी समय हॉस्टल में ही रहने वाला एक अन्य छात्र छत पर मोबाइल पर बात कर रहा था और उसी दौरान रोहित ने छलांग लगाई। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पवई पुलिस थाने में इस मामले में एडीआर दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

पुलिस को आईआईटी बॉम्बे (IIT  Bombay )  में छात्र के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस आत्महत्या का कारण पता लगाने में जुटी हुई है। मृतक को मोबाइल फोन खंगाला जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी उसके बारे में जांच कर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक छात्र के परिजनों और दोस्तों से भी बात की जा रही है, ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके।

जनवरी 2024 से अगस्त 2025 तक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में पढ़ने वाले 13 छात्रों ने आत्महत्या की है। सबसे ज्यादा चार आत्महत्याएं आईआईटी खड़गपुर में हुई थीं। इसके बाद एक 10 सदस्यीय समिति गठित की गई, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या रोकथाम पर ध्यान दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने मई 2025 में आईआईटी खड़गपुर और कोटा में आत्महत्या के मामलों में एपआईआर दर्ज करने की स्थिति की जांच की और इसे परेशान करने वाला पैटर्न बताया। आरटीआई डेटा के अनुसार, 2005 से 2024 तक आईआईटी में कुल 115 आत्महत्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से 37 मामले 2019-2024 के बीच हुए। 2024 में आईआईटी ने मानसिक दबाव को कम करने के लिए उपस्थिति नियमों में ढील और लंबी छुट्टियां देने जैसे नीतिगत सुधार किए हैं।

Disclaimer:
If you or someone you know is struggling with thoughts of suicide or self-harm, remember that help is available. Suicide is never the answer, and there is always someone ready to listen and support you. Reaching out for help is a courageous step toward healing. You do not have to face this alone.

There are numerous resources that offer confidential support 24/7, such as trained counselors, helplines, and mental health professionals. Take a moment to connect with them and share what you’re going through. Your life matters, and there are people who care and want to help you navigate this difficult time.

For immediate help, you can visit the Suicide Prevention India Foundation here or call NIMHANS suicide prevention helpline at 80461 10007. In case of emergencies, please reach out to your local emergency services or a trusted individual.

Remeber! You are not alone, and help is just a call or message away.

अस्वीकरण:
यदि आप या आपका कोई परिचित आत्महत्या या आत्मनुकसान के विचारों से जूझ रहा हैतो कृपया याद रखें कि मदद हमेशा उपलब्ध है। आत्महत्या कभी समाधान नहीं हैऔर हमेशा कोई न कोई आपकी बात सुनने और सहायता करने के लिए तैयार है। सहायता लेना एक साहसिक कदम हैऔर आप इसे अकेले नहीं लड़ना है।

कई संसाधन हैं जो आपको गोपनीय सहायता प्रदान करते हैंजैसे प्रशिक्षित परामर्शदाताहेल्पलाइनऔर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ। कृपया उनके संपर्क में आएं और अपनी स्थिति को साझा करें। आपका जीवन महत्वपूर्ण हैऔर ऐसे लोग हैं जो आपकी परवाह करते हैं और इस कठिन समय में आपका साथ देने के लिए तत्पर हैं।

तत्काल सहायता के लिएआप सुसाइड प्रिवेंशन इंडिया फाउंडेशन की वेबसाइट यहां देख सकते हैं या आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन पर 80461 10007 पर कॉल कर सकते हैं। आपातकाल की स्थिति मेंकृपया अपने स्थानीय आपातकालीन सेवाओं या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से संपर्क करें।

याद रखें! आप अकेले नहीं हैंमदद बस एक कॉल या संदेश की दूरी पर है।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels