उत्तर प्रदेश के आगरा में डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (Dr. B R Ambedkar University ) की एक शोध छात्रा के यौन शोषण के आरोपी रसायन विज्ञान विभाग प्रोफेसर गौतम जैसवार को कुलपति प्रो. आशु रानी के निर्देश पर कुलसचिव अजय मिश्रा ने निलंबित कर छलेसर परिसर में संबद्ध कर दिया है ।यह निर्णय विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा है कि यदि प्रोफेसर दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ टर्मिनेशन तक की कार्रवाई की जाएगी।
खबरों के मुताबिक, रिसर्च स्कॉलर द्वारा दो साल से शारीरिक शोषण के आरोप लगाने के मामले को गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए कुलपति प्रो. आशु रानी स्वतः संज्ञान लिया तथा प्रकरण को विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति को जांच हेतु प्रेषित किया गया। आंतरिक शिकायत समिति द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन के आधार पर कुलसचिव ने निलंबित किए जाने के आदेश पारित किए।
प्रकरण की विस्तृत जांच आंतरिक शिकायत समिति द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप सतत रूप से जारी रहेगी।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (Dr. B R Ambedkar University ) प्रोफेसर पर शोध छात्रा (रिसर्च स्कॉलर) ने शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप लगाकर शासन स्तर तक हलचल मचा दी है। मामला सामने आने पर राजभवन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। वहीं, विश्वविद्यालय ने भी तत्काल प्रभाव से आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) गठित कर जांच शुरू करा दी है।
इस मामले में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देश एवं कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट, 2013) के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
मामले के अनुसार पीड़ित शोध छात्रा ने थाना न्यू आगरा में केस दर्ज कराया है। बताया है कि खंदारी परिसर के बेसिक साइंस विभाग में कैमिस्ट्री के प्रोफेसर, जो उसके पीएचडी के को-सुपरवाइजर हैं, ने शादी का झांसा देकर दो साल तक शारीरिक शोषण किया। शादीशुदा होने के बावजूद झूठे वादे कर दबाव बनाकर संबंध बनाते रहे।
मध्य प्रदेश के खजुराहो स्थित एक होटल में तीन दिन तक और हाल ही में मथुरा के एक होटल में भी उसे ले जाकर शारीरिक शोषण किया। छात्रा ने बताया कि पिछले दो वर्षों से हर रविवार को खंदारी परिसर स्थित ऑफिस में दोपहर 2 से 6 बजे तक बुलाते थे।
छात्रा ने बताया कि 25 अक्तूबर को भी ऑफिस में बुलाकर हाथापाई की। धमकी दी की अगर बात बाहर गई तो उसकी पीएचडी रोक दी जाएगी। छात्रा का कहना है कि उसने पुलिस को चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य सबूत भी उपलब्ध कराए हैं। जिस आधार पर केस दर्ज किया गया है।
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर गौतम जैसवार पर शोध छात्रा के आरोप के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विश्वविद्यालय इकाई के कार्यकर्ताओं ने कुलपति को संबोधित ज्ञापन कुलसचिव को सौंपा। मांग की है कि आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह भी मांग रखी कि पीड़ित शोध छात्रा को सुरक्षा, मनोवैज्ञानिक सहायता एवं न्यायिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
प्रांत सह मंत्री पुनीत कुमार ने कहा यह घटना केवल एक छात्रा के साथ अन्याय नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा जगत की आत्मा पर चोट है। विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष नितिन दुबे ने कहा विश्वविद्यालय शिक्षक का दायित्व ज्ञान देना है, शोषण करना नहीं। ऐसे व्यक्तियों को तत्काल विश्वविद्यालय से बाहर किया जाना चाहिए। इकाई उपाध्यक्ष दीक्षा चौधरी ने कहा यह लड़ाई केवल एक छात्रा के सम्मान की नहीं, बल्कि हर उस बेटी की गरिमा की है जो विश्वास के साथ शिक्षा ग्रहण करने यहां आती है। कार्यकर्ताओं पैदल मार्च करते हुए नारेबाजी की। कुलपति सचिवालय में पहुंचकर धरना दिया।
दहशत में आई छात्रा ने अपने परिजन से पूरी बात बताई। इसके बाद शनिवार रात पुलिस से शिकायत की। रातभर चली प्रारंभिक जांच के बाद रविवार को पुलिस ने केस दर्ज किया। एसीपी हरीपर्वत अक्षय महाडिक ने बताया कि छात्रा की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। आरोपों से जुड़े साक्ष्य जुटाकर मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी।