Tuesday, June 23, 2026

INDIA, News, Religion, Socio-Cultural, Uttar Pradesh

Magh Mela : प्रयागराज माघ मेले में मकर संक्रांति पर एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई डुबकी, ठंड और कोहरे पर आस्था पड़ी भारी

Over 10 million devotees took a holy dip in the Sangam on Makar Sankranti in Prayagraj

माघ मेले (Prayagra Magh Mela 2026)में मकर संक्रांति पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान करने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। शाम पांच बजे तक एक करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई है। देर शाम तक यह संख्या और बढ़ सकती है।

माघ मेला(Magh Mela ) के दूसरे मुख्य स्नान पर्व पर बृहस्पतिवार को घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति के दुर्लभ संयोग में बुधवार रात शुरू पुण्य की डुबकी लगाने का सिलसिला बृहस्पतिवार रात तक जारी रहा।ब्रह्ममुहूर्त से संगम और उसके आसपास के सभी घाटों पर सर्द हवाओं और गलन के बाद भी श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं नजर आई। नौ बजे धूप खिली तो घाटों की ओर जाने वाले हर रास्तों पर श्रद्धालु ही नजर आए। प्रशासन का दावा है कि रात आठ बजे तक लगभग 1.03 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे।

त्रिवेणी तट पर करीब 12 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में फैले घाटों पर आस्था सैलाब उमड़ा था। आध्यात्मिक उल्लास के बीच लोग गंगा मइया के जयकारे लगाते घाटों की ओर बढ़ते जा रहे थे। मेला की तरफ जाने वाली लाल सड़क, काली सड़क, त्रिवेणी व अक्षयवट मार्ग से संगम की ओर जाने वाले गाटा मार्गों पर स्नानार्थियों का रेला था। संगम नोज पर सूर्योदय के साथ ही मकर संक्रांति की डुबकी के साथ गंगा की महिमा बखान करने वाले गीत गूंजते रहे। स्नान करने के बाद लोगों ने मां गंगा का दुग्धाभिषेक भी किया।

स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पुरोहितों के अलावा गरीबों और दिव्यांगों को खिचड़ी, तिल, वस्त्र दान कर दक्षिणा भी दी। उधर, घाट से हटकर चंदन और टीका लगाने वालों की भी भरमार रही। लोग तरह-तरह के टीके लगवाते रहे। स्नानार्थियों ने साधु-संतों के शिविरों में जाकर संकट, कष्ट और विकारों से मुक्ति के लिए संतों और महात्माओं को प्रणाम कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम रहे।

मकर संक्रांति पर मेला (Magh Mela ) प्रशासन ने एक से डेढ़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान जताया था  और आंकड़ा एक करोड़ तीन लाख से ज्यादा  पहुंच गया।। इसके 24 स्नान घाटों पर इंतजाम किया गया है। इसके अलावा हाईटेक रिस्पांस प्लान लागू कर आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। नदी की धारा में परिवर्तन के कारण घाटों में आंशिक संशोधन भी किया गया है।

स्नान घाटों एवं मार्गों पर किसी को भी सोने न देने, पैनिक की स्थिति उत्पन्न न होने देने और संचार के लिए अनिवार्य रूप से वायरलेस सेट के प्रयोग के लिए प्लान तैयार किया गया हैं। वहीं, मकर संक्रांति पर्व से पहले बुधवार को 75 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई।

श्रद्धालु सिर पर गठरी, हाथों में बैग, झोला लिए पैदल संगम की ओर बढ़ते नजर आए। मेला संतों, साधु-संन्यासियों और कल्पवासियों के विराट समागम का केंद्र बन गया है। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के अनुसार नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के अनुरूप घाटों एवं मार्गों पर आवश्यक कार्रवाई करने पर विशेष जोर देने को कहा गया है।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels