Tuesday, June 23, 2026

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मोबाइल फोन से चिपके रहने की लत हर साल 20 हजार बच्चों की ले रही जान,केंद्रीय मंत्री वैष्णव बोले- नियमन पर आम सहमति जरूरी

हर समय टीवी या मोबाइल की स्क्रीन से चिपके रहने की डिजिटल लत (Digital addiction)बच्चों और किशोरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। हर साल कम से कम 20 हजार बच्चे इसकी वजह से आत्महत्या कर लेते हैं। यह दावा तृणमूल सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने शुक्रवार को राज्यसभा में किया। साथ ही कहा कि सरकार को इस संकट के समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए तृणमूल सांसद ने कहा कि विभिन्न अध्ययनों से संकेत मिलता है कि बच्चे और युवा हर दिन कम से कम आठ घंटे का समय मोबाइल फोन और स्क्रीन पर बिता रहे हैं, जो साल में 100 दिनों से अधिक के बराबर है। 68 देशों ने स्कूलों में मोबाइल फोन पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है।

डिजिटल लत (Digital addiction) में अत्यधिक स्क्रीन समय नींद को बाधित करता है, चिंता के खतरे को बढ़ाता है और मूड में जल्दी बदलाव का कारण बनता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मोबाइल फोन या स्क्रीन के जरूरत के अनुसार उपयोग को बढ़ावा देना, ऑफलाइन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य तथा डिजिटल एडिक्शन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर व्यापक संवाद शुरू करना शामिल है।

केंद्रीय आईटी एवं संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बच्चों पर सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभावों को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बच्चों का सोशल मीडिया के प्रति बढ़ता आकर्षण गंभीर समस्या है। अब समय आ गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, नवाचार और प्रभावी नियमन के बीच सही संतुलन बनाने के लिए देश में एक व्यापक आम सहमति बनाई जाए।

बृहस्पतिवार को एक निजी चैनल के कार्यक्रम में मंत्री ने अमेरिका की एक अदालत के हालिया फैसले का हवाला दिया, जिसमें सोशल मीडिया कंपनियों को उनके एडिक्टिव एल्गोरिदम (लत लगाने वाली तकनीक) के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। उन्होंने कहा, यह सिर्फ भारत की नहीं, बल्कि वैश्विक समस्या है। दुनिया भर के डिजिटल मंत्री इस बात को लेकर चिंतित हैं कि ये प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और विकास को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

भारत के कई राज्यों ने इस दिशा में पहल शुरू कर दी है। कर्नाटक सरकार ने 16 वर्ष से कम और आंध्र प्रदेश ने 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध की घोषणा की है। पिछले महीने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भी संकेत दिया था कि भारत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध की वैश्विक मुहिम में शामिल हो सकता है। अश्विनी वैष्णव ने मीडिया घरानों से भी इस विमर्श में सहयोग करने की अपील की है।

 

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels