केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से जुड़े मामलों में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। इन अधिकारियों के स्थान पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम सीबीएसई के नए प्रमुख नियुक्त किया गया है। 2008 बैच के भारतीय सूचना सेवा (IIS) वरुण भारद्वाज सीबीएसई के नए सचिव होंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश के बाद सीबीएसई(CBSE) के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। यही नहीं, आन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) से जुडे टेंडर मामले की जांच के लिए भी एक सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसका जिम्मा कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की अध्यक्ष एस. राधा चौहान को सौंपा गया है। उन्हें एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
गृह मंत्रालय के गृह विभाग के तहत अतिरिक्त सचिव के रूप में सेवा दे रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम अब सीबीएसई की कमान संभालेंगे। वहीं, राहुल सिंह को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने इस निर्णय को मंजूरी दी है। शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक वरुण भारद्वाज को सीबीएसई के सचिव (निदेशक स्तर) के पद पर नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत प्रतिनियुक्ति (deputation) के आधार पर, हिमांशु गुप्ता के स्थान पर ‘लैटरल शिफ्ट’ के रूप में की गई है, जिसकी अवधि 19.09.2027 तक (यानी, केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत कुल 05 वर्ष का कार्यकाल) होगी।
सीबीएसई(CBSE) द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया गया है।सूत्रों के अनुसार यह जांच समिति ओएसएम सेवाओं की खरीद, टेंडर प्रक्रिया और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करेगी। जारी आदेश के अनुसार इस जांच समिति की अध्यक्षता कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान करेंगी। समिति को सीबीएसई द्वारा ओएसएम सिस्टम के लिए सेवाओं की खरीद से जुड़े सभी मामलों की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकारी आदेश में कहा गया है कि समिति की अध्यक्ष एस. राधा चौहान आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों और कार्यालयों के अधिकारियों की सहायता भी ले सकेंगी। वहीं समिति को सचिवीय सहायता कैपेसिटी बिल्डिंग कमेटी द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार ने जांच समिति को अपनी रिपोर्ट एक महीने के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
सीबीएसई (CBSE)के मूल्यांकन से जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर यह पूरा विवाद 13 मई को बारहवीं कक्षा का रिजल्ट आने के साथ ही खड़ा हो गया था। छात्रों ने इस दौरान कम अंक मिलने की शिकायत की। इसे पहले सीबीएसई ने अनसुना कर दिया लेकिन जब यह मामला तूल पकड़ा तो सीबीएसई ने पुनर्मूल्यांकन और कापियों को मुहैया कराने का फैसला लिया। हालांकि इस दौरान कुछ छात्रों को जो कापियां मुहैया कराई थीं, वह उनके बजाय किसी दूसरी की दे दी गई थीं। छात्रों की आपत्ति के बाद गड़बड़ियों ने और तूल पकड़ा। जो अभी तक जारी है।