महामारी से लड़ने के लिए कोविड-19 वैक्सीन( Covid-19 vaccine ) का इंतजार अब खत्म हो गया है। भारत के औषधि महानियंत्रक( Drugs Controller General of India) यानी डीसीजीआई (DCGI) वीजी सोमानी ने दो स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग के लिए रविवार को मंजूरी दे दी।
डीसीजीआई ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ‘कोविशील्ड’ ( Covishield )और भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ ( Covaxin )को एक साथ मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही भारत दुनिया का पहला ऐसा देश हो गया है, जिसने एक साथ दो वैक्सीन को मंजूरी दी है।
भारतीय औषधि महानियंत्रक वीजी सोमानी ( V G Somani )ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक की वैक्सीन को दो से आठ डिग्री तापमान पर रखा जा सकता है। दोनों वैक्सीन को आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के लिए अनुमति दी जाती है।
दोनों स्वदेशी वैक्सीन ( Covid-19 vaccine )के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर भारतीय वैज्ञानिकों को बधाई दी।उन्होंने चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, वैज्ञानिकों, पुलिसकर्मियों और स्वच्छता कर्मियों समेत कोरोना योद्धाओं के प्रति आभार जताया। डीसीजीआई ने भारत के सीरम संस्थान और भारत बायोटेक के टीकों को स्वीकृति प्रदान करते हुए स्वस्थ और कोरोना मुक्त देश के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। भारत को बधाई। हमारे मेहनती वैज्ञानिकों को बधाई। हर भारतीय को गर्व होगा कि जिन दो वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी गई है, वे भारत में बने हैं। हमारे वैज्ञानिकों की उत्सुकता दर्शाती है कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के मूल में देखभाल और करुणा है।
देश ने रविवार को कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए सीरम इंस्टीट्यूट के कोविशील्ड ( Covishield )और भारत बायोटेक के स्वदेशी कोवैक्सीन (Covaxin) टीके पर रविवार को अंतिम मुहर भी लगा दी। इन टीकों के सीमित आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है।
भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने टीकों पर भरोसा देते हुए कहा, ये 110 फीसदी सुरक्षित हैं। इस फैसले से जल्द ही देश में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की राह साफ हो गई है। इस मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां इसे गर्व की बात कही है, वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस फैसले का स्वागत किया।
डीसीजीआई डॉ. वीजी सोमानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर कोविड-19 वैक्सीन( Covid-19 vaccine )कोविशील्ड और कोवाक्सिन को एकसाथ आपात स्थिति में इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। वहीं, जाइडस कैडिला हेल्थकेयर के जाइकोव-डी टीके के तीसरे चरण के परीक्षण को भी हरी झंडी दी गई है।
डॉ. सोमानी ने कोविशील्ड ( Covishield )और कोवाक्सिन ( Covaxin )के सुरक्षित होने के सवाल के जवाब में कहा, यदि सुरक्षा संबंधी थोड़ी भी चिंता होती तो हम कभी भी इसे मंजूर नहीं करते। पर्याप्त जांच के बाद ही केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने कोरोना टीकों पर बनी विषय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर अपनी सहमति दी थी। दोनों ही टीके पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इनका इस्तेमाल आपातकालीन स्थिति में किया जा सकेगा। हल्के बुखार, दर्द और एलर्जी जैसे कुछ दुष्प्रभाव हर टीके के लिए आम बात है।
उन्होंने यहां तक कहा, कोविशील्ड के अब तक सामने आए परिणामों के अनुसार यह टीका 70.42 फीसदी तक असरदार पाया गया है। कोविशील्ड को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका और पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा विकसित किया गया है। वहीं, कोवाक्सिन भारत बायोटेक द्वारा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के सहयोग से विकसित किया जा रहा स्वदेशी टीका है। केंद्र सरकार ने अगले 6 से 8 महीनों में टीकाकरण अभियान के पहले चरण में करीब 30 करोड़ लोगों को टीका देने की योजना बनाई है।


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