राजस्थान ( Rajasthan ) भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक रिश्वतखोर आईपीएस अधिकारी मनीष अग्रवाल ( IPS Manish Agarwal ) को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया है। अग्रवाल का 2010 बैच में IPS में चयन हुआ था। सबसे पहले उन्हें जम्मू-कश्मीर ( Jammu and Kashmir) कैडर मिला तब राजस्थान कैडर की IPS से शादी करने के बाद वे कैडर बदलवाकर राजस्थान आ गए लेकिन यहां अपनी कार्यशैली कठघरे में रही है।
एसीबी डीजी बीएल सोनी ने बताया कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी मनीष अग्रवाल को भ्रष्टाचार के एक मामले में अनुसंधान अधिकारी ने भ्रष्टचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है।
मनीष अग्रवाल पर दौसा( Dausa ) एसपी ( IPS Manish Agarwal )रहते हुए हाइवे बना रही कंपनी को धमकाकर 38 लाख रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है। मनीष अग्रवाल को दोपहर करीब 1 बजे जयपुर के झालाना स्थित एसीबी ऑफिस लाया गया। एसीबी महानिदेशक बीएल सोनी ने बताया कि आईपीएस मनीष के घर की तलाशी की जा रही है। हाइवे निर्माण कंपनी से रिश्वत लेने के मामले में एसीबी की यह चौथी गिरफ्तारी है। इस मामले में एसीबी ने 13 जनवरी को बांदीकुई की एसडीएम रही पिंकी मीणा और दौसा एसडीएम रहे पुष्कर मित्तल और दलाल नीरज मीणा को गिरफ्तार किया था। तीनों जेल में हैं।
रिश्वतखोरी के इस मामले की जांच में ही आईपीएस मनीष अग्रवाल ( IPS Manish Agarwal )का नाम सामने आया था। एसीबी को पता चला था कि दलाल नीरज मीणा ने तब दौसा एसपी रहे मनीष अग्रवाल के नाम पर कंपनी के अधिकारियों को धमकाकर रिश्वत ली थी। कंपनी के काम में रुकावट नहीं डालने के एवज में हर माह 4 लाख रुपए लिए जा रहे थे। इसके अलावा, कंपनी के खिलाफ कुछ केस को रफा-दफा करने के एवज में 10 लाख रुपए लिए। दलाल नीरज कंपनी से 38 लाख की रिश्वत ले चुका था। आईपीएस का नाम सामने आने के बाद सरकार ने उन्हें दौसा एसपी पद से हटा दिया था और मुख्यालय में अटैच कर दिया था।
हाइवे कंपनी से रिश्वत लेने के मामले में 13 जनवरी को एसीबी ने एसडीएम पिंकी मीणा और एसडीएम पुष्कर मित्तल को गिरफ्तार किया था। पिंकी मीणा को 10 लाख और दौसा एसडीएम पुष्कर मित्तल को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। इन अफसरों को 14 जनवरी को एसीबी ने मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। इसके बाद एसपी मनीष अग्रवाल के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया था।
मंगलवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की गिरफ्त में आए दौसा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल की सर्विस विवादित ही रही है। 10 साल के करियर में छह साल राजस्थान में गुजारे हैं।इस दौरान वे महज दो बार जिले में 10 महीने के लिए एसपी बनाए गए। इतना ही नहीं, उन्हें छह साल में राजस्थान में 6 जगह भेजा गया वहां मात्र एक पोस्टिंग ऐसी थी जहां वे एक साल पूरा कर पाए। जिले के एसपी के बतौर वे बाड़मेर में केवल चार महीने रह पाए तो दौसा से भ्रष्टाचार के आरोप के कारण 6 महीने में ही हटाना पड़ा।


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