नई दिल्ली से देहरादून आ रही शताब्दी एक्सप्रेस( Delhi-Dehradun Shatabdi Express ) के कोच में आग लगने से हड़कंप मच गया। लोको पायलट और गार्ड ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेन को कांसरो रेलवे स्टेशन पर रोक दिया। इसके बाद राजाजी टाइगर रिजर्व और रेलवे के अधिकारियों को किसी तरह सूचना दी गई।
बताया गया कि लोको पायलट ने आग बढ़ने से पहले ही इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन जंगल के बीच में ही रोक दी। तत्काल कोच सी-5 को खाली कराया गया। इसके साथ ही कोच को ट्रेन से अलग कर अन्य कोचों को सुरक्षित बचा लिया गया।
इस कोच सी-5 में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। कोच के सभी यात्रियों को दूसरो कोचों में शिफ्ट कर दिया गया। जिसके बाद ट्रेन देहरादून के लिए रवाना हो गई। वहीं घटना के मद्देनजर देहरादून रेलवे स्टेशन के बाहर एुबंलेस भेज दी गई हैं। स्वाथ्य कर्मी और पुलिस भी स्टेशन पर तैनात हैं।
कोच में 35 से अधिक लोग सवार थे। घटना शनिवार दोपहर 12:20 बजे के आसपास की बताई जा रही है। वहीं आग लगने का कारण शॉट सर्किट बताया जा रहा है।
राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र होने के कारण कांसरो में मोबाइल नेटवर्क सेवा उपलब्ध नहीं है। जिस कारण घटना की जानकारी जुटाने में समय लगा। आग लगने से किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। वहीं आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते पूरा कोच आग की लपटों की चपेट में आ गया। जिस जगह पर यह हादसा हुआ, वहां सिर्फ वन विभाग की चौकी है।
अधिकारी मौके पर पहुंचे गए हैं और घटना की छानबीन में लग गए हैं। वहीं देहरादून रेलवे स्टेशन के अधीक्षक परिचालन सीताराम शंकर ने बताया कि शताब्दी एक्सप्रेस रायवाला से देहरादून के लिए रवाना हुई थी।
इस बीच कांसरो में जंगल में उसके एक कोच में आग लग गई। जंगल का रास्ता होने की वजह से फायर ब्रिगेड को भेजने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ा। रेल महकमे ने देहरादून से अतिरिक्त पेट्रोलिंग स्टाफ मौके पर भेजा है।
राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र होने के कारण कांसरो में मोबाइल नेटवर्क सेवा उपलब्ध नहीं है। जिस कारण घटना की जानकारी जुटाने में समय लगा। आग लगने से किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। वहीं आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते पूरा कोच आग की लपटों की चपेट में आ गया। जिस जगह पर यह हादसा हुआ, वहां सिर्फ वन विभाग की चौकी है।
अधिकारी मौके पर पहुंचे गए हैं और घटना की छानबीन में लग गए हैं। वहीं देहरादून रेलवे स्टेशन के अधीक्षक परिचालन सीताराम शंकर ने बताया कि शताब्दी एक्सप्रेस रायवाला से देहरादून के लिए रवाना हुई थी।
इस बीच कांसरो में जंगल में उसके एक कोच में आग लग गई। जंगल का रास्ता होने की वजह से फायर ब्रिगेड को भेजने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ा। रेल महकमे ने देहरादून से अतिरिक्त पेट्रोलिंग स्टाफ मौके पर भेजा है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 12:50 बजे ऋषिकेश कंट्रोल रूम द्वारा सूचना दी गई कि रेलवे स्टेशन कांसरो के पास शताब्दी एक्सप्रेस आग लग गई है। उक्त सूचना पर थानाध्यक्ष रायवाला अमरजीत सिंह रावत मय फोर्स के पहुंचे।
वहां पहुंचते ही तत्काल प्रभाव से रेलवे कर्मचारियों के साथ मिलकर शताब्दी एक्सप्रेस ( Delhi-Dehradun Shatabdi Express )नंबर 02817 के कोच नंबर सी-5 में बैठी 35 सवारियों को उनके सामान सहित सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सभी यात्रियों को आगे के कोचों में शिफ्ट करवाया गया। वहीं आग लगी हुए कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया। उसके बाद फायर सर्विस टेंडर को रेलवे व अन्य व्यक्तियों की मदद से रेलवे ट्रैक के नजदीक लाया गया और आग को बुझाया गया।
शताब्दी एक्सप्रेस ( Delhi-Dehradun Shatabdi Express )02017 आज सुबह दिल्ली से देहरादून के लिए चली थी। जिसमें कुल 12 सवारी कोच थे। जिसमें कुल 316 व्यक्ति सवार थे।


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