असम (Assam) में ही नहीं पूरे पूर्वोत्तर में पार्टी के सबसे दिग्गज चेहरे हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे। सरमा ने लगातार तीसरी बार (दो बार विधानसभा और एकबार लोकसभा) प्रदेश में कमल खिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, क्योंकि वह इलाके में पार्टी के सबसे बड़े रणनीतिकार माने जाते हैं।
ब्राह्मण परिवार में जन्मे सरमा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का पूरा भरोसा है, क्योंकि उनका कांग्रेस से आने के बाद से ही पूर्वोत्तर में कमल खिलने के सिलसिले ने रफ्तार पकड़ी है।
सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल और फिर बाद में राजग विधायक दल का रविवार को नेता चुने जाने के बाद नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस (एनईडीए) के संयोजक हिमंत बिस्व सरमा के असम का अगला मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय पर्यवेक्षक और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने यह जानकारी दी।
हाल में हुए चुनावों में सत्ताधारी राजग के प्रदेश में लगातार दूसरी बार स्पष्ट बहुमत हासिल करने के एक हफ्ते बाद तक शीर्ष पद पर कौन होगा इसे लेकर अटकलें चल रही थीं क्योंकि हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma)और निवर्तमान मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल दोनों ही दावेदार थे, हालांकि एनईडीए संयोजक के पार्टी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद स्थिति साफ हो गई।
सूत्रों ने कहा कि सरमा के रविवार शाम को राज्यपाल जगदीश मुखी से मिलकर अगली सरकार बनाने का दावा पेश करने की उम्मीद है।श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में सोमवार को नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण होने की संभावना है।निवर्तमान मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने सरमा के नाम का प्रस्ताव रखा और भाजपा के प्रदेश पार्टी अध्यक्ष रंजीत कुमार दास और हाफलांग से नव निर्वाचित विधायक नंदिता गार्लोसा ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
बता दें कि शनिवार को दोनों वरिष्ठ नेताओं सर्बानंद सोनोवाल और हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma)को दिल्ली तलब कर बातचीत की गई। पार्टी के अधिकृत सूत्रों ने बताया कि चार दौर की बातचीत के बाद देर रात हिमंत को नया मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बन गई थी। इसके बाद आज भाजपा विधायकों की बैठक में हिमंत के नाम पर मुहर लगा दी गई।
इससे पहले पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने आवास पर गृह मंत्री अमित शाह और संगठन महासचिव बीएल संतोष की मौजूदगी में दोनों नेताओं से मुलाकात की। पहले राज्य के मौजूदा स्वास्थ्य व वित्त मंत्री हिमंत पहुंचे। उनसे बातचीत के बाद पहुंचे सोनोवाल के साथ भी केंद्रीय नेताओं ने अकेले में बात की। इसके बाद तीसरे दौर की बातचीत में दोनों को एकसाथ बैठाकर बीच का रास्ता निकालने का प्रयास किया गया। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व ने दोनों को अलग-अलग केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। लेकिन दोनों नेताओं ने इस प्रस्ताव पर अपनी असहमति जाहिर की।
With the blessings of the people, tendered my resignation as the Chief Minister of Assam to the Hon’ble Governor Shri @jagdishmukhi ji in Raj Bhavan, Guwahati. pic.twitter.com/t4cu5jsfjQ
— Sarbananda Sonowal (@sarbanandsonwal) May 9, 2021


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