उत्तराखंड ( Uttarakhand) में गलत तरीके से कॉलेजों की संबद्धता के मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय ( Hemwati Nandan Bahuguna Garhwal University ) के तत्कालीन कुलपति सहित 17 अन्य आरोपियों के देहरादून, श्रीनगर गढ़वाल व नोएडा में स्थिति 14 आवासीय परिसरों और कार्यालयों में रेड की है। देहरादून( Dehradun )में 12 और नोएडा ( Noida ) व श्रीनगर में एक-एक जगह सीबीआई ने छापा मारा गया। कुलपति और ओएसडी के विभिन्न बैंकों में तीन लॉकरों को भी खंगाला गया, जिनसे सीबीआई ने मामले से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए हैं। जांच के बाद सीबीआई ने मामले में कुलपति, उनके ओएसडी, अन्य आरोपियों और छह निजी संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सीबीआई मुख्यालय को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन कुलपति की ओर से अपने ओएसडी और विश्वविद्यालय ( Garhwal University ) के अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर नियमों के विपरीत विभिन्न कॉलेजों, निजी संस्थानों के संबद्धता को आगे बढ़ाकर जारी रखा। जिसके बाद मामले की जांच की गई। जांच पूरी होने के बाद शुक्रवार को सीबीआई ने तत्कालीन कुलपति गढ़वाल विश्वविद्यालय, उनके ओएसडी सहित अन्य आरोपियों के देहरादून, श्रीनगर उत्तराखंड, नोएडा के 14 आवासीय परिसरों और कार्यालयों पर एक साथ छापा मारा।
सीबीआई के मुताबिक इस दौरान कुलपति और उनके ओएसडी के विभिन्न बैंकों में तीन लॉकरों को भी खंगाला गया। जिनसे सीबीआई को इस मामले से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने तत्कालीन कुलपति एचएनबी विश्वविद्यालय, उनके ओएसडी सहित अन्य आरोपियों और छह निजी संस्थानों के खिलाफ छह अलग-अलग मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया हैं। मामले में सीबीआई की जांच जारी है।
एचएनबी गढ़वाल (केंद्रीय) विश्वविद्यालय ( Garhwal University )में संबद्धता प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मामला तत्कालीन कुलपति ( Vice-Chancellor ) प्रो. जेएल कौल के कार्यकाल का है। 3 दिसंबर 2014 को गढ़वाल विवि के कुलपति बनने के बाद प्रो. जेएल कौल के कार्यकाल में निजी शिक्षण संस्थानों की संबद्धता और सीटों की वृद्धि की शिकायत एमएचआरडी (मानव संसाधन विकास मंत्रालय) से की गई थी। इस पर एमएचआरडी ने शिकायतों की प्राथमिक जांच के लिए समिति (फैक्ट फाइंडिग कमेटी) का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट के बाद एमएचआरडी ने राष्ट्रपति (विवि के विजीटर) से प्रो. कौल को हटाने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, इससे पूर्व प्रो. कौल ने इस्तीफा भेज दिया था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। राष्ट्रपति की अनुमति मिलने के बाद 29 दिसंबर 2017 को प्रो. कौल को पदमुक्त कर दिया गया। बाद में यह मामला सीबीआई को दे दिया गया। कार्य परिषद की मई 2020 में आयोजित बैठक में केस दर्ज करने की अनुमति दे दी गई।
अल्पाइन इंस्टीट्यूट, बाबा फरीद इंस्टिट्यूट, उत्तरांचल कॉलेज, दून पीजी कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, दून वैली कॉलेज ऑफ एजुकेशन। सीबीआई के अनुसार इन संस्थानों के छह आफिस और इनके मालिकान के घरों व बैंक में कुल 12 जगह सीबीआई की टीम ने महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल किए हैं। इसके अलावा एक जगह श्रीनगर और नोएडा में जेएल कौल के घर छापा मारा गया है।


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