यूपी में अपनी दूसरी पारी शुरू करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार और लापरवाही पर पहले से ज्यादा सख्त दिखाई दे रहे हैं। एक हफ्ते में ही दूसरा बड़ा एक्शन लेते हुए औरैया के जिलाधिकारी (Auraiya DM )सुनील वर्मा को निलंबित कर दिया है।
सुनील वर्मा (Auraiya DM Sunil Kumar Verma)पर काम में लापरवाही, भ्रष्टाचार और नकल माफियाओं से सांठगांठ का आरोप लग रहा था। इससे पहले सोनभद्र के डीएम टीके शिबू और गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार को भी एक साथ निलंबित करने जैसा कठोर कदम उठाया गया था।
वर्मा, 2013 बैच के आईएएस हैं और रायबरेली जिले के रहने वाले हैं। डीएम के निलंबन पर ट्वीट कर इटावा सांसद रामशंकर कठेरिया ने कहा कि यह बहुत ही सराहनीय फैसला है। सुनील वर्मा महाभ्रष्ट जिलाधिकारी औरैया की तरह इटावा जिलाधिकारी की भी जांच होनी चाहिए।
बताते चलें कि डीएम (Auraiya DM )सुनील वर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इसके अलावा जिले के तमाम जनप्रतिनिधियों ने बेवजह परेशान करने और वर्ग विशेष के चलते कार्रवाई करने का आरोप लगाया था। इस पर दो दिन पहले ही एडीजी कानपुर भानु भास्कर, कमिश्नर कानपुर डॉ. राज शेखर ने जांच कर तमाम दस्तावेज जब्त किए थे।
विधानसभा चुनाव में दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे प्रदीप यादव से भी सांठ-गांठ करने का आरोप है। सुनील कुमार वर्मा ने विधानसभा चुनाव परिणाम आने से पूर्व सपा प्रत्याशी प्रदीप यादव को डिनर कराया था।
इससे पहले विजलेंस से गोपनीय तरीके से जांच कराई गई थी। डीएम के निलंबन के बाद जिले के अन्य अफसरों में खलबली मची हुई है। माना जा रहा है कि डीएम के करीबी कई अन्य अधिकारी भी निशाने पर हैं और इन पर भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
जनवरी माह के अंत में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह ने थाने में बैठकर औरैया कोतवाली के इंस्पेक्टर संतोष अवस्थी से अभद्रता की थी। इस मामले में एक वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद डीएम व एसपी ने इनके खिलाफ ताबड़तोड़ कई कार्रवाई कर दी थी। इससे पहले अछल्दा ब्लॉक प्रमुख शरद राणा द्वारा बनवाई गई कुछ दुकानों को अवैध बता डीएम (Auraiya DM ) ने कार्रवाई की।
इटावा सांसद रामशंकर कठेरिया भी इनसे नाराज चल रहे थे। हाल ही में एक गुलाब सिंह महाविद्यालय समेत दस विद्यालयों पर की गई कार्रवाई पर भी डीएम को निशाने पर लेते हुए लोगों ने जबरन कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही भाजपा के कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर एक वर्ग विशेष को जानबूझ कर परेशान करने का आरोप लगाया। सोमवार को हुई कार्रवाई को इन्हीं प्रकरणों से जोड़ कर देखा जा रहा है।
इससे पहले सोनभद्र के डीएम टीके शिबू और गाजियाबाद के एसएसपी आईपीएस अधिकारी पवन कुमार को 31 मार्च को निलंबित किया गया था। सोनभद्र के डीएम को खनन एवं निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और चुनाव के दौरान ठीक से काम न करने के कारण निलंबित किया गया, जबकि गाजियाबाद के एसएसपी अपराध न रोक पाने और कर्तव्यों का पालन नहीं करने पर निलंबित हुए हैं।