गोरखपुर (Gorakhpur ) के गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा को गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath ) ने मठ के पहले तल पर स्थित शक्तिपीठ में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कर प्रथम दिन मां शैलपुत्री की विधि विधान से पूजा अर्चना की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath ) नवरात्र पर्व पर नौ दिन व्रत के व्रत पर हैं। व्रत का यह सिलसिला उनके गोरक्षपीठ में आगमन के साथ से ही ढाई दशक से अधिक समय से जारी है। मुख्यमंत्री बनने से पूर्व योगी आदित्यनाथ पूरी नवरात्र गोरखनाथ मठ के पहले तल पर ही प्रवास कर उपासना में रत रहते थे। सीएम की बड़ी जिम्मेदारी के बाद सिर्फ प्रवास में बदलाव हुआ है, शेष पूजा-आराधना का क्रम अनवरत जारी है।
मां दुर्गा की आराधना, देवी पाठ, आरती और क्षमा प्रार्थना के साथ पूर्ण हुई। कलश स्थापना के पूर्व गोरखनाथ मंदिर परिसर में परंपरागत भव्य कलश शोभायात्रा श्रद्धाभाव से निकाली गई। शाम करीब साढ़े पांच बजे मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ को गोरक्षपीठाधीश्वर ने परंपरागत रूप से अपने हाथों से शिवावतारी गुरु गोरक्षनाथ का त्रिशूल देकर रवाना किया।
योगी कमलनाथ के नेतृत्व में साधु-संतों की शोभायात्रा मां दुर्गा के जयघोष के बीच पौराणिक मान्यता वाले भीम सरोवर पर पहुंची। जहां कलश भरने और सरोवर की परिक्रमा के बाद शोभायात्रा वापस शक्तिपीठ पहुंची। मठ के भूतल पर जल भरा कलश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उठाया और शक्तिपीठ के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वरुण देवता का आह्वान कर कलश स्थापित किया।
गोरक्षपीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath ) ने सबसे पहले मां दुर्गा, भगवान शिव और गुरु गोरखनाथ के शस्त्र त्रिशूल को प्रतिष्ठापित करके गौरी-गणेश की आराधना की। इसके साथ ही दुर्गा मंदिर (शक्तिपीठ) के गर्भगृह में श्रीमद् देवीभागवत का पारायण पाठ एवं श्रीदुर्गासप्तशती के पाठ का भी शुभारंभ हो गया। पाठ के उपरांत आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। आरती में मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ भी सम्मिलित रहे। सभी आनुष्ठानिक कार्य मंदिर के प्रधान पुरोहित आचार्य रामानुज त्रिपाठी के नेतृत्व में अन्य पुरोहितों, संस्कृत विद्यापीठ के आचार्यगण व वेदपाठी छात्रों ने संपन्न कराए।
मंदिर परिसर में कलश शोभायात्रा पूरी तरह परंपरागत ढंग से निकली। आगे-आगे त्रिशूल लिए मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ और उनके पीछे अस्त्र-शस्त्र लिए अन्य साधु संत, साथ मे संस्कृत विद्यापीठ के आचार्य व वेदपाठी छात्र। घंट-घड़ियाल, शंख और नाथ संप्रदाय के विशेष वाद्ययंत्र नागफनी की गूंज के बीच कलश यात्रा भीम सरोवर पहुंची।
शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस के अवसर पर आज @Gorakhnathmndr परिसर स्थित श्री दुर्गा मंदिर में परंपरागत रूप से वैदिक मंत्रों के मध्य विधि-विधान से कलश की स्थापना की।
माँ आदिशक्ति से प्रार्थना है कि संपूर्ण जगत का कल्याण करें।
जय माता दी! pic.twitter.com/yPALsfDgtN
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 26, 2022
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