केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के बीच जारी टकराव के बीच कानून मंत्री किरेन रिजिजू ( Kiren Rijiju )का एक बड़ा बयान सामने आया है। रिजिजू ने कहा, जज बनने के बाद उन्हें चुनाव या जनता की जांच का सामना नहीं करना पड़ता है। लेकिन आज सोशल मीडिया का जमाना है और सोशल मीडिया के इस युग में जनता सब देख रही है।
केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ( Kiren Rijiju )ने कहा है कि भारत में लोकतंत्र सिर्फ जीवित ही नहीं, बल्कि मजबूती से आगे चले, उसके लिए एक मजबूत और आजाद न्यायपालिका का होना जरूरी है। न्यायपालिका की आजादी को कमजार या उसके अधिकार, सम्मान और गरिमा को कम करेंगे, तो लोकतंत्र सफल नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि जज बनने के बाद उन्हें चुनाव या सार्वजनिक जांच का सामना नहीं करना पड़ता है। जजों के फैसलों और जिस तरह से वे न्याय देते हैं और अपना आकलन करते हैं, उसे जनता देख रही है। सोशल मीडिया के इस युग में कुछ भी नहीं छुपाया जा सकता है।
ऐसे में ये तो साफ है कि जजों को आम जनता नहीं चुनती है और यही वजह है कि जनता आपको (जजों) बदल भी नहीं सकती। लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि जनता आपको देख नहीं रही है।
रिजिजू ने कहा, ”जज, अपने फैसलों और जिस तरह से वे न्याय देते हैं और अपना आकलन करते हैं, जनता उसे देखती है. सोशल मीडिया के इस दौर में कुछ भी छिपा नहीं रह सकता.” रिजिजू ने कहा कि आज जो सिस्टम चल रहा है उस पर कोई सवाल नहीं उठाएगा या फिर कोई सवाल नहीं उठेंगे, ऐसा सोचना गलत है।
इस दौरान कानून मंत्री ने मीडिया पर भी सवाल उठाया, रिजिजू ने कहा कि जजों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सरकार और न्यायपालिका के बीच मतभेद को बढ़ा-चढ़ा कर बताया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘सरकार और न्यायपालिका के बीच कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा, ”हमारी सरकार और पहले की सरकारों ने जरूरत पड़ने पर संविधान के अनुच्छेद में भी बदलाव किया है। इसलिए कभी भी बदलाव को नकारात्मक तरीके से ही नहीं देखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मैंने CJI को एक पत्र लिखा, जिसके बारे में किसी को नहीं पता था। पता नहीं किसे कहां से पता चला और खबर बना दी कि कानून मंत्री ने CJI को पत्र लिखा कि कॉलेजियम में सरकार का प्रतिनिधि होना चाहिए। इस बात का कोई सर पैर नहीं। मैं कहां से उस प्रणाली में एक और व्यक्ति डाल दूंगा।
आपको बता दें कि इससे पहले किरेन रिजिजू ( Kiren Rijiju )ने रविवार को हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज आर एस सोढ़ी का एक इंटरव्यू शेयर किया था जिसमें हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज कह रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने खुद न्यायाधीशों की नियुक्ति का फैसला कर संविधान को ‘हाईजैक’ कर लिया है। कानून मंत्री ने यह इंटरव्यू शेयर करके दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर एस सोढ़ी (सेवानिवृत्त) के विचारों का समर्थन करने का आह्वान किया था। अब फिर किरेन रिजिजू ने जजों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।
#WATCH | "After becoming judges, they don't have to face elections or scrutiny by the public," says Union Law minister Kiren Rijiju pic.twitter.com/4aLPjLoGrk
— ANI (@ANI) January 23, 2023


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