उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh) के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री राकेश धर त्रिपाठी( Rakesh Dhar Tripathi )के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति के मुकदमे में प्रयागराज (Prayagraj ) की एमपी एमएलए की विशेष न्यायालय के न्यायाधीश डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ल ने शनिवार को फैसला सुनाया।
शनिवार दोपहर बाद विशेष कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी ( Rakesh Dhar Tripathi )को दोषी पाते हुए तीन वर्ष का कारावास और 10 लाख रुपए के अर्थ दंड के सजा से दंडित किया।
कोर्ट ने कहा कि अगर अर्थ दंड की राशि नही जमा की गई तो छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। पिछले कई माह से प्रतिदिन विचाराधीन मुकदमे की सुनवाई हो रही थी।
आरोप है कि एक मई 2007 से 31 दिसंबर 2011 के बीच उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में लोकसेवक रहे ,पद पर रहते हुए इस अवधि के दौरान आय के समस्त स्रोतों एवं वैध स्रोतों से 49,49,928, रुपए अर्जित किया तथा इस अवधि में संपत्ति अर्जन एवं भरण पोषण पर 2,67,08,605 रुपए खर्च किया जोकि आय के सापेक्ष 2,17,58,677 रुपए अधिक है जिसका संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया जो कि भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13 (2) के अधीन अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
सजा सुनाए जाने के बाद जज ने कोर्ट में मौजूद राकेश धर को कस्टडी में लेने का आदेश दिया। आदेश सुनकर उनकी आंखें डबडबा गईं। इसके बाद राकेश ( Rakesh Dhar Tripathi )के अधिवक्ताओं ने अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की। कोर्ट ने 3 साल और उससे कम सजा होने के क्लॉज को ध्यान में रखते हुए। 40 दिन की अंतरिम जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट ने 20-20 हजार के दो जमानती और निजी मुचलके पर उन्हें रिहा करने का आदेश दिया। राकेश एमपी एमएलए कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देंगे।
भदोही निवासी अशोक कुमार शुक्ला ने 6 जुलाई 2012 को डीजी विजिलेंस को शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि बसपा सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहते राकेश धर त्रिपाठी( Rakesh Dhar Tripathi ) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। 18 जून 2013 को प्रयागराज के मुट्ठीगंज थाने में केस दर्ज करवाया। विजिलेंस ने जांचकर वाराणसी की जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल की। 2007 से 2012 तक बसपा सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए राकेश धर त्रिपाठी की कुल आय 49 लाख 49 हजार 928 रुपये थी, जबकि खर्च दो करोड़ 67 लाख 80 हजार 605 रुपये दिखाया गया था।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे राकेश धर 1985 में पहली बार जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीते। 1989 में जनता दल से दूसरी बार विधायक चुने गए। 1996 में बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल की। 2002 में चुनाव हार गए। 2007 में बीएसपी के टिकट पर जीते और सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री बने। 2022 के चुनाव में अपना दल (एस) के टिकट पर प्रयागराज की प्रतापपुर सीट से लड़े, हार गए।


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