Wednesday, June 24, 2026

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Uttar Pradesh : आगरा में अधिवक्ता सुनील शर्मा की मौत के मामले में थाना न्यू आगरा प्रभारी और चौकी इंचार्ज निलंबित,हत्या का केस दर्ज

Two Agra sub-inspectors suspended in the case of death of advocate Sunil Sharma, murder case registered.

(Agra ) में अधिवक्ता सुनील शर्मा की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को घर वालों ने वकील सुनील शर्मा का शव सड़क पर रखकर हंगामा किया। पत्नी की तहरीर पर थाना न्यू आगरा के इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज समेत 10 पुलिस वालों पर हत्या का केस दर्ज किया गया है।इसके बाद अधिकारियों ने थाना प्रभारी राजीव कुमार और दयालबाग चौकी इंचार्ज अनुराग सिंह को निलंबित कर दिया।

परिजनों ने कहा कि जब तक आरोपी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वो अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। सुनील की पत्नी ने पुलिस पर फ्लैट से नीचे फेंककर हत्या का आरोप लगाया है।

थाना न्यू आगरा में पुलिस ने अधिवक्ता सुनील शर्मा, नितिन वर्मा सहित 6 नामजद और 25 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। युवा अधिवक्ता संघ के संरक्षक सुनील शर्मा ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा था। परिजन का कहना है कि उन्होंने दावा किया था कि जमीन उनकी है। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। बंधक बनाने के आरोप गलत हैं। इसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। बिना वारंट दबिश देने पहुंची।

पुलिस को देखते ही वकील सुनील शर्मा डर गये  और हड़बड़ाहट में बिल्डिंग की 8वीं मंजिल से गिर गये  । जिससे उसकी मौत हो गई। वकील के गिरने का CCTV फुटेज भी सामने आया है।

मृतक सुनील शर्मा की पत्नी सुनीता शर्मा ने तहरीर दी है कि देर रात 10 पुलिसकर्मी उनके घर का दरवाजा तोड़कर घुस गए। उनके पति के साथ मारपीट की। फिर उन्हें घसीटते हुए ले गए और हत्या कर 8वीं मंजिल से नीचे फेंक दिया।

मृतक वकील के परिजनों ने हत्या का मुकदमा दर्ज न होने पर पंचनामे के कागज पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था। जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने देर रात 12 बजे परिजनों को समझाने की कोशिश की लेकिन वो नहीं माने।

इसके बाद अधिकारियों ने थाना प्रभारी राजीव कुमार और दयालबाग चौकी इंचार्ज अनुराग सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही 10 पुलिसकर्मियों पर नामजद हत्या का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद परिजनों ने पंचनामे पर साइन किए और 25 घंटे बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू हुई।

वकील सुनील शर्मा अपनी पत्नी के साथ मंगलम आधार अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर- 801 में करीब एक महीने से रह रहा था। 1 मार्च की रात करीब 11 बजे एक गाड़ी में पुलिस की टीम अपार्टमेंट पहुंची। पुलिस वाले सीढ़ियों से फ्लैट की ओर जा रहे थे, तभी किसी के नीचे गिरने की आवाज सुनाई दी।

जिसके बाद पुलिसकर्मी गाड़ी में बैठकर वापस जाने लगे। मगर, अपार्टमेंट के लोगों ने पुलिस को रोक लिया। इसके बाद पुलिस वाले घायल सुनील को अपनी गाड़ी से अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया ।

रविवार सुबह 11:30 बजे सुनील शर्मा का शव मंगलम आधार अपार्टमेंट लाया गया था। पत्नी पति के शव से लिपट गईं। इस दौरान बेहोश भी हो गईं। होश में आने पर बोल रही थी कि पति ने किसी का क्या बिगाड़ा था। पुलिस ने उनकी जान क्यों ले ली। मेरी मांग का सिंदूर उजाड़ दिया। अब कोई सहारा नहीं है। कैसे जी पाऊंगी। बेटा पहले ही छोड़कर चला गया। पत्नी का यह दर्द देखकर करुण क्रंदन गूंजने लगा। एक बार वो डंडा उठाकर पुलिसकर्मियों की तरफ भी जाने लगीं। मगर, परिवार के लोगों ने रोक लिया। उन्हें समझाया।
परिवारवालों ने एसीपी हरीपर्वत आदित्य सिंह के सामने पुलिस पर कई आरोप लगाए। कहा कि आदित्य तुम बहुत सीधे हो। 40 करोड़ की जमीन में से पुलिस को चार करोड़ मिलने वाले थे। मनोज ने यह आफर पुलिस वालों को दिया था। उसे पता था कि जमीन में सुनील ही रोड़ा हैं। इसलिए उसने पुलिस से सेटिंग की। उन्हें रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। फर्जी मुकदमा दर्ज कराया।

पुलिस ऑफर की वजह से बहुत तेजी दिखा रही थी। सुनील अधिकारियों से मिलकर आए थे। दीवानी में बैठ रहे थे। तब किसी ने थाने नहीं बुलाया। वह थाना न्यू आगरा पहले भी जा चुके थे। पुलिस ने अचानक दबिश क्यों दी? इसके बाद सुनील को मार दिया। वारंट तक नहीं लेकर आई थी।

परिवार वालों का कहना था कि सुनील के तीन भाई देश सेवा कर रहे हैं। इनमें एक अद्र्ध सैन्य बल से डीआईजी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। देश की सेवा करने वालों के भाई के साथ पुलिस ने ऐसा सलूक किया। उसकी जान ले ली।

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Deepak Sharma

Deepak Sharma has worked at Hindi Daily Spasht Awaz and Hindi Daily Aaj. He currently works as a news reporter with Vijayupadhyay.com