गोरखपुर (Gorakhpur ) में यूपी पुलिस पुलिस का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। चेकिंग के दौरान 3 अप्रैल को कोतवाली थाना की बेनीगंज पुलिस ने एक व्यक्ति के पास 50 लाख रुपए बरामद किए। चौकी इंचार्ज आलोक सिंह ने 50 लाख रुपए अपने पास रख लिए। रुपए लेकर नौतनवा जा रहे युवक ने अपने पैसे मांगे तो पुलिस वालों ने उसे एनकाउंटर करने की धमकी देकर भगा दिया। एसएसपी ने चौकी प्रभारी बेनीगंज आलोक सिंह को निलंबित किया है।आरोपी चौकी इंचार्ज आलोक सिंह और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
दरअसल, बीते रविवार चेकिंग के दौरान पुलिस ने 50 लाख पकड़े थे। जिसमें आरोप था कि दारोगा ने 50 लाख रुपये की हेराफेरी करने के बाद शेष रुपये लौटा दिए थें। बताया जा रहा है कि हवाला वाले के पास कुल 85 लाख की रकम थी। ऐसे में जब युवक ने बाकी बचे रुपये की मांग की तो दरोगा ने एनकाउंटर की धमकी देकर उसे वहां से भगा दिया था। जिसके बाद नवीन श्रीवास्तव नाम के व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना पाने पर जब पुलिस ने दरोगा के घर छापा मारा तो वहां से उनको 44 लाख रुपए बरामद हुए। इस खबर ने पुलिस विभाग में हलचल तेज कर दी थी। जिसके बाद अब एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर ने मामले पर संज्ञान लेते हुए बेनीगंज चौकी प्रभारी आलोक सिंह को निलंबित कर दिया है।
इस दौरान मामले पर जानकारी देते हुए गोरखपुर (Gorakhpur ) एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि, “क्योंकि हवाला के रुपये पकड़े जाने की शिकायत किसी ने नहीं की इसलिए कर्तव्य का पालन न करने पर बेनीगंज चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया है।
गोरखपुर (Gorakhpur )एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि पीड़ित नवीन श्रीवास्तव की तहरीर पर कोतवाली थाने में चौकी इंचार्ज आलोक सिंह और उसके साथी प्रिंस श्रीवास्तव समेत 3 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद जब जांच कराई गई तो घटना सही निकली। चौकी इंचार्ज के पास से आज यानी मंगलवार सुबह 44 लाख रुपए भी बरामद हुए हैं। आरोपी चौकी इंचार्ज आलोक सिंह और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
दरअसल, इस मामले में सामने आया कि शहर के शाहमारूफ में दुकान चलाने वाला व्यापारी हवाला के धंधा से जुड़ा है। वह देवरिया जिले के प्रभावी जनप्रतिनिधि के रुपए लेकर नौतनवा (नेपाल बॉर्डर) पर किसी को देने के लिए निकला था। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गाड़ी में लाखों रुपए लेकर व्यापारी जा रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर गाड़ी से रुपए पकड़ लिया।कार से रुपए बरामद तो कर लिया, लेकिन चौकी इंचार्ज ने इसकी सूचना न तो अपने थानेदार को दी और न ही किसी अन्य अफसर को। आरोपी को छोड़ दिया।
बेनीगंज के लालीटोली के रहने वाले पीड़ित नवीन श्रीवास्तव ने पुलिस को दी गई लिखित तहरीर में बताया- मैं एक व्यापारी हूं और व्यापार के सिलसिले में रोज कैश कलेक्शन कर देर शाम तक घर आता हूं। अगले दिन बैंक में जमा कर देता हूं। इसी तरह 3 अप्रैल को मैं अपना व्यापार करके 50 लाख रुपए एक थैली में रखकर लेकर चरनलाल चौराहे से बेनीगंज चौराहे के तरफ सुबह करीब 6 बजे अपनी बाइक से जा रहा था।
मेरे साथ मेरा सगे भाई गगन कुमार श्रीवास्तव भी थे। जब मैं बेनीगंज चौकी के पास पहुंचा तो वहां वर्दी पहने एक दरोगा आलोक सिंह चौकी प्रभारी बेनीगंज और उसके साथ तीन चार लोग सादे कपड़ों में खड़े दिखाई दिए। दरोगा ने हमें रोकने का इशारा किया। मेरे भाई गगन ने बाइक रोकी तो दरोगा ने हमसे जांच करने के लिए कहा और पूछा की थैली में क्या है? तुम लोग कौन हो? मैंने और गगन ने अपना परिचय दिया और थैली में 50 लाख रुपए होने की बात कही।
यह सुनते ही दरोगा और सादे कपड़ों में खड़े लोग एक-दूसरे को देखकर इशारा करने लगे। तभी मैंने उनसे दरोगा के साथ खड़े एक व्यक्ति को पहचान लिया। जिसका नाम प्रिंस श्रीवास्तव निवासी राजेंद्र नगर गोरखपुर है। जिसे मैं पहले भी कई बार मिल चुका हूं। हमारी बात सुनकर दरोगा ने मुझसे बैग ले लिया और कहने लगे कि चुनाव के समय इतना पैसा बिना अनुमति के कहां से लेकर जा रहे हो?
जरूर यह पैसा चोरी या लूट का होगा। तुम लोग व्यापारी नहीं हो… यह कहते हुए दरोगा ने रुपए से भरा बैग ले लिया और चौकी के अंदर चले गए। दरोगा रुपए गिनने लगे और सोमवार को कहा कि पूरे 50 लाख रुपए हैं। अब तुम दोनों को लूट के आरोप में जेल भेजता हूं।
हम लोग बुरी तरह डर गए और गिड़गिड़ाने लगे कि आप इन रुपयों की जांच करा लें। लेकिन, दरोगा ने कहा कि अब जेल जाने के बाद ही सब पता चलेगा। हम लोग बुरी तरह डरे हुए थे। तभी प्रिंस श्रीवास्तव ने दरोगा से कहा मैं इनसे बात करता हूं। फिर वो हमें चौकी के बाहर ले आया। बाहर आकर कहने लगा कि तुम दोनों को जेल जाने से बचा सकता हूं। बस तुम दरोगा से अंदर जाकर कहना कि साहब आप रुपए की जांच कर लो हमें घर जाने दो। हमें झूठे मुकदमे में जेल मत भेजना। हम दोपहर में आकर अपना पैसा वापस ले जाएंगे। साथ में खड़े कुछ अन्य व्यक्तियों ने भी हमें यह बात समझने लगे।
चौकी इंचार्ज ने मुझसे कहा कि अगर तुम सही हुए तो दोपहर में आकर अपना पैसा ले जाना। हम लोग जेल जाने के डर से बचकर रुपए से भरा थैला चौकी में ही छोड़कर घर चले आए। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे के लगभग जब हम दोबारा चौकी गए तो दरोगा ने कहा कि अभी तुम्हारे रुपए की जांच चल रही है। अभी और इंतजार करो और कल तक मैं खुद ही कॉल कर दूंगा। इधर-उधर किसी से कहने और शिकायत की जरूरत नहीं है। वरना जेल जाने की तैयारी रखना।
एक दारोगा जी ने चेकिंग के दौरान पकड़े गए 50 लाख हड़प लिए और बोले की चलते बनो, वर्ना एनकाउंटर भी हो सकता है. मामला खुल गया और एसएसपी की सख्ती से दारोगा जी गिरफ्तार कर लिए गए. यूपी के गोरखपुर में बेनीगंज चौकी इंचार्ज थे होनहार दारोगा आलोक सिंह. #Gorakhpur #UttarPradesh pic.twitter.com/24lDlmucSY
— Nitin Sabrangi (@Nitinsabrangi) April 9, 2024


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