कनाडा ( Canada)में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) के इस्तीफे के बाद उनके 10 साल पुरानी सत्ता का अंत हो गया। ट्रूडो ने भारतीय समयानुसार रात करीब 10 बजे इस्तीफे का एलान किया। जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे से पहले एक अधिकारी ने बताया कि सरकार के प्रति बढ़ते असंतोष के कारण उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया। ट्रूडो के अलावा वित्त मंत्री भी इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में कनाडा की राजनीति में अस्थिरता बढ़ने के संकेत हैं।
वहीं, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने कहा, ‘मैं पार्टी नेता के पद से तथा पार्टी द्वारा अगले नेता का चयन करने के बाद प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे रहा हूं… कल रात मैंने लिबरल पार्टी के अध्यक्ष से यह प्रक्रिया शुरू करने को कहा’।इस्तीफे से पहले उन्होंने देश को संबोधित किया। कहा कि वे अगले चुनाव के लिए अच्छे विकल्प नहीं हो सकते।
ट्रूडो ने कहा, ‘अगर मुझे घर में लड़ाई लड़नी पड़ेगी, तो आने वाले चुनाव में सबसे बेहतर विकल्प नहीं बन पाऊंगा।’ उन्होंने खुद को एक अच्छा योद्धा बताया। कहा कि उन्हें कनाडाई लोगों की बहुत परवाह है। मैं हमेशा कनाडाई लोगों की भलाई के लिए काम करता रहूंगा।
जस्टिन ट्रूडो(Justin Trudeau) 2015 में प्रधानमंत्री बने थे। उससे पहले दस साल तक कनाडा में कंजर्वेटिव पार्टी का शासन था। शुरुआत में उनकी नीतियों को सराहा गया था। लेकिन हाल के वर्षों में बढ़ती खाद्य और आवास की कीमतों और बढ़ते आप्रवासन के कारण उनका समर्थन घट गया है। यह राजनीतिक उथल-पुथल ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर कनाडा अपने यहां अमेरिका में आने वाले अप्रवासी और नशीली दवाओं को रोकने में विफल रहा तो, कनाडा के सभी सामानों पर 25 फीसदी शुल्क लगा दिया जाएगा।
कनाडा की पूर्व वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने 16 दिसंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अर्थव्यवस्था से जुड़े जस्टिन ट्रूडो(Justin Trudeau) के फैसलों की आलोचना की थी। फ्रीलैंड और ट्रूडो के बीच नीतियों पर मतभेद थे। फ्रीलैंड का कहना था कि इस समय कनाडा को आर्थिक रूप से मजबूत रहना चाहिए और खर्चों को नियंत्रण में रखना चाहिए, ताकि अगर अमेरिका से किसी प्रकार के आर्थिक दबाव या शुल्क का सामना करना पड़े, तो कनाडा के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन हों। उनका मानना था कि ब्रिकी कर पर अस्थायी छूट और नागरिकों को 250 डॉल भेजने जैसी योजनाएं राजनीतिक दिखावा हैं और इनसे आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ सकता है।


सरकार ने 16 दवा कॉम्बिनेशन पर रोक लगाई:स्किन और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट भी शामिल, कहा- इनसे इलाज में फायदे से ज्यादा जोखिम
Jharkhand :झारखंड राज्यसभा चुनाव में एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी जीते, कांग्रेस को झटका; प्रणव झा हारे
Uttar Pradesh :फिरोजाबाद में बैंक ऑफ इंडिया के 96 ग्राहकों का करोड़ों का सोना गायब,ब्रांच मैनेजर सहित तीन पर FIR दर्ज
Uttar Pradesh :प्रयागराज में दिल दहला देने वाली वारदात, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की निर्मम हत्या,घर के अंदर से बाहर तक पड़ी थीं लाशें
Rajasthan: जयपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस का छापा, मैनेजर गिरफ्तार,नशीले फ्लेवर जब्त
अमेरिकी वायु सेना का बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस बमवर्षक विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त,आठ की मौत
ट्रेन में आग की अफवाह पर चेन पुलिंग कर उदयपुर इंटरसिटी से कूदे यात्री, दूसरी गाड़ी की चपेट में आने से 4 की मौत
Bihar :ज्ञान बिंदु वाले रौशन आनंद के भाई प्रिंस की नेपाल में मौत,’खान सर’ कोचिंग पर हमले मामले में थे आरोपी
अमेरिकी बयान पर भड़के शशि थरूर: बोले- निर्दोष भारतीयों की मौत पर अफसोस तक नहीं, यह कैसी दोस्ती?