Tuesday, June 23, 2026

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राहुल गांधी का झूठ: बोले- कृषि कानून पर दिवंगत अरुण जेटली ने मुझे धमकाया था, बीजेपी का पलटवार- 2019 में उनका निधन हुआ, 2020 में कैसे मिले?

Rahul Arun Jaitley

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष   (  ) ने वार्षिक लीगल कॉन्क्लेव- 2025 में दावा किया पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिवंगत बीजेपी नेता अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानून को लेकर धमकाया था। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि मुझे याद है जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था तो अरुण जेटली को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया था।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के शीर्ष नेता रहे अरुण जेटली को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कुछ आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों का विरोध न करने की धमकी दी थी। अब इस मामले में कांग्रेस सांसद राहुल घिरते नजर आ रहे हैं, क्योंकि कृषि कानूनों का विरोध अगस्त, 2020 में शुरू हुआ था और जेटली का निधन 2019 में ही हो चुका था। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि राहुल गांधी को अपने बयान के लिए तत्काल माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद के बयान के बाद प्रधान ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राहुल ने सभी मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है। संवेदना जैसी बातों से कांग्रेसियों का कोई संबंध नहीं और राहुल की भाषा किसी मर्यादित व्यक्ति से कोसों दूर है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल को जेटली, उनके परिवार और समर्थकों से तत्काल माफी मांगनी चाहिए।

इससे पहले राहुल गांधी के आरोपों पर अब अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने भी प्रतिक्रिया दी। रोहन जेटली ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘राहुल गांधी का दावा है कि कृषि कानूनों को लेकर मेरे पिता ने उन्हें धमकाया, लेकिन कृषि कानून 2020 में लाए गए और 2019 में ही मेरे पिता का देहांत हो गया था।’

रोहन जेटली ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘राहुल गांधी दावा कर रहे हैं कि मेरे दिवंगत पिता अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था। मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का देहांत 2019 में हुआ था। कृषि कानून 2020 में पेश किए गए थे। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरे पिता के स्वभाव में किसी को भी धमकाना नहीं था। वह एक कट्टर लोकतांत्रिक व्यक्ति थे और हमेशा आम सहमति बनाने में विश्वास रखते थे।

अगर कभी ऐसी स्थिति आती भी, जैसा कि राजनीति में अक्सर होता है, तो वह सभी के लिए एक पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने के लिए स्वतंत्र और खुली चर्चा का आह्वान करते थे। वह बस ऐसे ही थे और आज भी उनकी यही विरासत है। मैं राहुल गांधी की सराहना करूंगा कि अगर वे उन लोगों के बारे में बोलते समय सचेत रहें जो हमारे साथ नहीं हैं। उन्होंने मनोहर पर्रिकर जी के लिए भी कुछ ऐसा ही करने की कोशिश की, उनके अंतिम दिनों का राजनीतिकरण किया, वह भी बेहद ही घटिया था।’

गौरतलब है कि वार्षिक कानूनी सम्मेलन-2025 में बोलते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी  ( Rahul Gandhi )ने कहा कि ‘मुझे याद है जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था, तो अरुण जेटली जी को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया था। उन्होंने मुझसे कहा था, ‘अगर आप सरकार का विरोध करते रहे, कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ते रहे, हमें तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी’। मैंने उनकी तरफ देखा और कहा ‘मुझे नहीं लगता कि आपको पता है कि आप किससे बात कर रहे हो।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अरुण जेटली पर की गई टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने शनिवार को लोकसभा में कहा कि विपक्ष की नेता की इस तरह की गैरजिम्मेदाराना टिप्पणियों से केवल कांग्रेस को नुकसान होता है।

वित्त मंत्री ने राहुल गांधी  ( Rahul Gandhi )की टिप्पणी का जवाब देते हुए सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने पोस्ट में कहा कि अगर गैरजिम्मेदारी का कोई चेहरा है, तो वह लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी हैं। सार्वजनिक जीवन में लोगों पर निराधार आरोप लगाना, यहां तक कि उन पर भी जो अब हमारे बीच नहीं हैं, उनके लिए एक व्यक्तित्व विशेषता बनती जा रही है। दिवंगत श्री अरुण जेटली पर उनकी टिप्पणी घृणित है। भारत को एक मजबूत विपक्षी दल की जरूरत है। एक गैरजिम्मेदार नेतृत्व उनकी पार्टी और देश को नुकसान पहुंचाता है। लेकिन क्या उन्हें परवाह है।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels