Tuesday, June 23, 2026

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Uttar Pradesh: 2.43 करोड़ रुपये की नकली दवा पकड़े जाने पर आगरा में दवा कारोबारी एक करोड़ की रिश्वत देते गिरफ़्तार,दो करोड़ किये थे ऑफ़र

Caught With 2.43 Crore Fake Medicines, Agra Pharma Dealer Offers 2 Crore Bribe to FDA and STF Team, Arrested

  में वर्षों से नकली दवाओं(  Fake Medicines )का बाजार खूब फल-फूल रहा है। कहीं फैक्टरी पकड़ी जा चुकी है तो कहीं दवा के सप्लायर गिरफ्तार किए गए। इसके बावजूद इस अवैध कारोबार पर रोक नहीं लग सकी है। 10 रुपये की नकली दवा तैयार कर 100 रुपये में बिक्री की जा रही है।

एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम ने फव्वारा स्थित बंसल मेडिकल एजेंसी और हेमा मेडिकल स्टोर व चार गोदामों पर छापा मारा। जांच में हेमा मेडिको और इसके गोदाम से 2.43 करोड़ रुपये की नकली दवाएं(  Fake Medicines ) जब्त की हैं। नकली दवा पकड़े जाने के बाद कार्रवाई न करने के लिए बैग में एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने पहुंचे कारोबारी हिमांशु अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया।टीम का कहना है कि पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी स्पेशल फोर्स को एक करोड़ की रिश्वत दी गई। न मानने पर रकम को 2 करोड़ तक कर देने की बात भी कही गई।

इतनी बड़ी रकम तभी दी जा सकती है, जब कारोबार से मोटा मुनाफा हो रहा होगा। एसटीएफ ने आरोपी को पकड़ने के बाद नोटों की गिनती के लिए थाने में ही मशीन को मंगाया। कारोबारी इतना पैसा एकदम कहां से लेकर आया? यह भी पता किया जा रहा है। कार्रवाई से पूरे दवा बाजार में खलबली मची है।
एसटीएफ  के मुताबिक, हेमा मेडिको के संचालक की दो और फर्म हैं। दवाओं की बिक्री आगरा सहित आसपास के जिलों में भी है। जो माल बरामद हुआ, उनमें चार कंपनियों का माल है।
संचालक हिमांशु अग्रवाल से टीम ने यह जानने का प्रयास किया कि अवैध कारोबार में और कितने लोग शामिल हैं? पूरा माल कहां से आता है? क्यूआर कोड कहां से लगाए जाते हैं? माल किन फैक्टरी में तैयार किया जा रहा है? इस खेल के पीछे मास्टरमाइंड कौन है? उसने एसटीएफ को पेशकश की थी कि रिश्वत लेकर उसे छोड़ दिया जाएगा तो वह पूरे खेल को उजागर कर देगा। 2 करोड़ तक वह रकम दे सकता है? यह सुनकर टीम के भी होश उड़ गए। इस पर उसे रंगे हाथ पकड़ने का निर्णय लिया गया।
पुलिस ने छापेमारी में पकड़े गए माल की जांच के लिए दवाइयों की कंपनियों के प्रतिनिधियों को बुलाया था। उन्होंने क्यू आर कोड की जांच की। मगर यह असली जैसे नजर आए। दवा की पैकिंग भी उनकी कंपनी जैसी ही लग रही थी। मगर उन्होंने इन दवाओं की कंपनी से बिक्री होने की पुष्टि नहीं की।
पूरे मामले का एक-एक अपडेट लखनऊ में बैठे अधिकारियों को दिया गया है। एडीजी कानून व्यवस्था को भी अवगत कराया गया है। उन्होंने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस पूरे खेल में जिन-जिन लोगों के नाम सामने आएंगे, उन सब की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है। आरोपी हिमांशु से भी पूछताछ की जा रही है, जिससे अन्य लोगों के बारे में पुख्ता जानकारी मिल सके और कार्रवाई की जा सके।
एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम ने फव्वारा स्थित बंसल मेडिकल एजेंसी और हेमा मेडिकल स्टोर व चार गोदामों पर छापा मारा। जांच में हेमा मेडिको और इसके गोदाम से 2.43 करोड़ रुपये की नकली दवाएं(  Fake Medicines ) जब्त की हैं। शुक्रवार को 80 लाख रुपये की दवाएं जब्त की थीं।
कार्रवाई रोकने के लिए हेमा मेडिकल स्टोर के संचालक ने एसटीएफ निरीक्षक और सहायक आयुक्त औषधि बस्ती को एक करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की। रकम कम लगने पर दोगुना करने की भी बात कही। इस पर टीम ने आरोपी दवा कारोबारी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
एसएन मेडिकल कालेज के फिजिशियन डा. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि कई बार मरीज की तबीयत में दवा लेने के बाद भी सुधार नहीं होता है तो दूसरी कंपनी की वही दवा लिख दी जाती है। इससे तबीयत में सुधार हो जाता है। ऐसा नकली दवा के कारण होता है। नकली दवा की गुणवत्ता खराब होती है इसलिए उसका असर नहीं पड़ता है।

Vishal Sharma

Vishal is a bilingual journalist who has worked with reputed English and Hindi newspapers in India as well as the United States. The publications he has worked with include Indian Express, The Pioneer, Business Standard, Rashtriya Swaroop, Indo-American Times, Talent Magazines, Spirit Seeker, Balanced Life, California Tour and Travels Magazine, and several others. He currently freelances for a number of online news portals, apart from editing Indian Talent Magazine.