Tuesday, June 23, 2026

Corruption, Crime, News, Uttar Pradesh

Uttar Pradesh :शाहजहांपुर में सूदखोरों के मकड़जाल में फंसे कारोबारी सचिन ग्रोवर  ने पत्नी व 4 साल के बेटे के साथ की खुदकुशी,13 पेज का लिखा सुसाइड नोट

Debt-ridden couple poisons 4-year-old son, die by suicide in Uttar Pradesh's Shahjahanpur

 ( के  (  जिले  में  सूदखोरों व कर्ज से परेशान दुर्गा एन्कलेव कॉलोनी निवासी हैंडलूम कारोबारी सचिन ग्रोवर (36 वर्ष) और पत्नी शिवांगी (34 वर्ष) ने चार साल के बेटे को जहर खिलाने के बाद फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।

सूदखोरों के मकड़जाल में फंसकर एक और परिवार खत्म हो गया। रोजगार बढ़ाने के लिए सूदखोरों से ली धनराशि के फेर में सचिन ग्रोवर फंसता चला गया। पहले दोस्त बनकर मिलने वाले सूदखोर ब्याज वसूलने के लिए उसे प्रताड़ित कर थे। ब्याज न चुका पाने के चलते भाई की बाइक और पत्नी के नाम दर्ज कार तक कब्जा ली थी। उद्योग केंद्र से लिए ऋण का अनुदान भी अटका हुआ था। इससे परेशान होकर हैंडलूम कारोबारी सचिन ग्रोवर (36 वर्ष) व उनकी पत्नी शिवांगी ग्रोवर (34 वर्ष) ने चार साल के बेटे को जहर खिलाने के बाद आत्महत्या कर ली। बुधवार सुबह दंपती के शव कमरे में फंदे से लटके मिले। मासूम का शव बेड पर पड़ा मिला। कारोबारी के फोन में 13 पेज का सुसाइड नोट मिला है।

शाहजहांपुर ( Shahjahanpur )शहर के मोहनगंज में संकट मोचन मंदिर के पास स्थित पानीपत हैंडलूम शोरूम के संचालक सचिन ग्रोवर पत्नी व बेटे फतेह के साथ अपने मकान में दूसरी मंजिल पर रहते थे। भूतल पर रहने वाले बड़े भाई रोहित की पत्नी ज्योति से सचिन मंगलवार रात करीब 11:30 बजे मोबाइल फोन का चार्जर मांगने नीचे आए थे। उसके बाद उन्हें किसी ने नहीं देखा। बुधवार को मोहित के नौ महीने के बेटे का नामकरण संस्कार कार्यक्रम गुरुद्वारे में था। उसमें शामिल होने के लिए सभी को जाना था।

सुबह आठ बजे तक सचिन के नीचे नहीं आने पर मकान में साथ रहने वाली मां सीमा ने आवाज लगाई। कोई प्रतिक्रिया नहीं आने पर वह ऊपर पहुंचीं। अंदर झांककर देखा तो दृश्य देखकर चीख पड़ीं। शिवांगी का शव रस्सी के फंदे से लटका हुआ था। वहीं बेड पर फतेह का शव पड़ा था। ऊपर से कंबल डाला गया था। उसके मुंह से झाग निकल रहे थे।

दूसरे कमरे में सचिन का शव लटक रहा था। इसके बाद भाभी ज्योति ने शोर मचाया। तब कॉलोनी के लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर रोजा थाने की पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस को 13 पेज का सुसाइड नोट सचिन के मोबाइल में मिला है। इसमें आर्थिक तंगी और लोगों की देनदारी का जिक्र है।

सचिन की सास संध्या मिश्रा ने आरोप लगाया कि शाहजहांपुर ( Shahjahanpur )जिला उद्योग केंद्र से स्वीकृत ऋण के अनुदान के नाम पर दामाद को परेशान किया जा रहा था। कहा, 17 लाख के अनुदान में से आधी धनराशि की मांग की जा रही थी। भाई गौरव ग्रोवर ने शहर के चार लोगों पर दो लाख के कर्ज पर प्रतिदिन दो हजार रुपये ब्याज की वसूली का आरोप लगाया। बताया कि सूदखोराें ने बाइक और कार भी सचिन से जबरन ले ली थीं।

कर्जदारों के चंगुल में फंसकर सचिन ग्रोवर पूरी तरह से टूट गए थे। हालात से पता चल रहा है कि उन्होंने खुदकुशी करने का फैसला पहले ही कर लिया था। दंपती के गले में जो रस्सियां मिलीं, वे नई हैं। इससे लगता है कि वह इन्हें खरीदकर लाए थे। भाई गौरव ग्रोवर के अनुसार, उन्हें नहीं पता कि रस्सी घर में कब आई। फतेह रात आठ बजे घर के सामने से चॉकलेट लाया था। परिवार के नजदीकी लोगों का मानना है कि फतेह को चॉकलेट के ऊपर जहर लगाकर दिया गया।

खाते समय उसे उल्टी भी हुई। एक बार उसने बाथरूम व दूसरी बार बेड पर उल्टी की। बच्चे की मौत का कारण जानने के लिए पोस्टमॉर्टम के वक्त विसरा सुरक्षित कर लिया गया। वहीं सचिन व शिवांगी की मौत फंदे से लटकने से होना बताया गया है। शाम को उनके शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

13 पेज के सुसाइड नोट में सचिन की पत्नी शिवांगी ने अपनी मां के लिए भी लिखा है। लिखा है कि सॉरी मम्मी, मैंने जो कुछ भी किया है। उसकी कोई माफी नहीं है। मेरी कार मेरे मरने के बाद लोन फ्री हो जाएगी। अभी चौक में गिरवी है। साढ़े तीन लाख रुपये में छुड़वाकर बेच लेना। जो पैसा मिलें, उससे अपना गोल्ड निकलवा लेना।

कैपरी गोल्ड लोन में है। बाकी चौक में गुरुद्वारा वाली गली में ज्वैलर के पास सचिन के नाम से है। कैपरी मेरे नाम से है। मम्मी किसी से डरने की या प्रेशर में आने की जरूरत नहीं है। घर बेच देना मेरा और लोन सैटल करवा लेना। सब तुम्हारा है अब। हम नहीं चाहते कि तुम हम लोगों को नफरत से याद करो, बुरी याद समझकर भूल जाना। -आई लव यू, फ्रॉम शिवांगी, सचिन, फतेह

Disclaimer:
If you or someone you know is struggling with thoughts of suicide or self-harm, remember that help is available. Suicide is never the answer, and there is always someone ready to listen and support you. Reaching out for help is a courageous step toward healing. You do not have to face this alone.

There are numerous resources that offer confidential support 24/7, such as trained counselors, helplines, and mental health professionals. Take a moment to connect with them and share what you’re going through. Your life matters, and there are people who care and want to help you navigate this difficult time.

For immediate help, you can visit the Suicide Prevention India Foundation here or call NIMHANS suicide prevention helpline at 80461 10007. In case of emergencies, please reach out to your local emergency services or a trusted individual.

Remeber! You are not alone, and help is just a call or message away.

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Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels