Tuesday, June 23, 2026

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Supreme Court: बीसीआई ने वकील राकेश किशोर को किया निलंबित, सीजेआई पर जूता उछालने की कोशिश की थी

Chief Justice of India BR Gavai

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने वकील राकेश किशोर के अदालतों में प्रैक्टिस करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। राकेश किशोर ने सोमवार को कथित तौर सुप्रीम कोर्ट  ( ) के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति बीआर गवई (Chief Justice of India BR Gavai )पर जूता उछालने की कोशिश की थी। वकीलों के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई, जब सीजेआई गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ किसी मामले में सुनवाई कर रही थी।

आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील राकेश किशोर ने सीजेआई गवई पर जूता उछालने की कोशिश की। हालांकि, यह जूता उन तक नहीं पहुंचा। वकील ने जब डाइस की ओर बढ़ने की कोशिश की तो सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत में आ गए और उन्हें कोर्ट रूम से बाहर ले गए। जब वकील को ले जाया जा रहा था तो उन्हें यह कहते सुना गया- सनातन का अपमान नहीं सहेंगे। वह कथित तौर पर भगवान विष्णु की मूर्ति की पुनर्स्थापना पर पिछले दिनों सीजेआई की टिप्पणी से नाखुश थे। घटना के दौरान संयम बनाए रखा और कोर्ट रूम को कहा, इस सबसे विचलित मत होइए। हम विचलित नहीं होते। ये बातें मुझ पर असर नहीं करती।

यह घटना आज साढ़े ग्यारह बजे के करीब हुई। दिल्ली के मयूर विहार के रहने वाले वकील राकेश किशोर (71 वर्षीय) ने कथित तौर पर अपना जूता निकालकर चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति बीआर गवई(Chief Justice of India BR Gavai ) की पीठ की ओर फेंकने की कोशिश की। बीसीआई के अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील मनन कुमार मिश्रा ने एक अंतरिम निलंबन आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि वकील का यह व्यवहार ‘न्यायालय की गरिमा के अनुकूल नहीं’ है और यह अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत पेशेवर आचार संहिता का उल्लंघन है।

आदेश में कहा गया, छह अक्तूबर 2025 को लगभग सुबह 11.35 बजे भारत के सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम-1 में दिल्ली बार काउंसिल से पंजीकृत वकील राकेश किशोर ने अपना जूता निकालकर सीजेआई की ओर फेंकने का प्रयास किया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें रोका। बीसीआई ने कहा, किशोर को तत्काल प्रभाव से प्रैक्टिस से निलंबित किया जाए और उन्हें भारत के किसी भी न्यायालय, प्राधिकरण या अधिकरण में हाजिर होने, काम करने, पैरवी करने या अभ्यास करने से वंचित किया जाए।

बीसीआई ने  कहा कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी और उन्हें 15 दिन के भीतर यह स्पष्ट करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा कि आगे की कार्रवाई क्यों न की जाए। दिल्ली बार काउंसिल को आदेश दिया गया है कि किशोर की स्थिति की जानकारी दें, सभी न्यायालयों और अधिकरणों को अधिसूचित करें और दो दिन के अंदर अनुपालन सुनिश्चित करें। आदेश में कहा गया, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री, सभी उच्च न्यायालयों की रजिस्ट्री और सभी जिला न्यायालय इसे फाइलिंग काउंटर तथा संबंधित बार संघों को प्रसारित करेंगे।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस कृत्य को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय कहा और इसे सोशल मीडिया में गलत सूचना का परिणाम तथा ‘सस्ते प्रचार का प्रयास’ करार दिया। वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंग ने इसे ‘पूरे संस्थान पर हमला’ करार दिया, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे अभूतपूर्व, शर्मनाक और निंदनीय करार दिया और कहा कि नफरत और कट्टरता समाज को कैसे घेर चुकी है।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels