Tuesday, June 23, 2026

Delhi, INDIA, News, Terrorism

Delhi Blast: डीएनए से कन्फर्म डॉक्टर उमर नबी ही लाल किले ब्लास्ट का फिदायीन हमलावर,26/11 जैसा हमला कर दिसंबर में दहलाना चाहता था दिल्ली, अयोध्या था अगला निशाना

DNA confirms Dr. Umar Nabi is the Red Fort bomber

 ( )  में लाल किले ( Red Fort)के नजदीक सोमवार शाम कार में हुआ धमाका पुलवामा निवासी डॉ. उमर नबी ने ही अंजाम दिया था। घटना स्थल पर कार में चिथड़ों में मिली लाश से लिए डीएनए के नमूने का उमर की मां के डीएनए से मिलान हो गया है।  इस बीच, जांच में खुलासा हुआ है कि उमर छह दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर दिल्ली में मुंबई के 2008 के 26/11 जैसे हमले को अंजाम देने की फिराक में था।

इसीलिए बड़ी मात्रा में विस्फोटक जमा किया गया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) व दिल्ली पुलिस को बुधवार देर रात डीएनए जांच की रिपोर्ट मिली। इससे साफ हो गया कि आई20 कार उमर नबी ही चला रहा था और धमाके में उसकी भी मौत हो गई। उमर ने अपने साथियों को बताया था कि वह दिसंबर में हमला करेगा। इसे अंजाम देने के लिए ही उसने आई20 में विस्फोटक लाद रखा था। जांच एजेंसियां मान रही हैं कि उमर वाहन से जुड़ा विस्फोटक यानी कार बम बनाने की कोशिश में जुटा था और इसके लिए उसने इंटरनेट से जानकारी जुटाई। 10 नवंबर को साथियों की गिरफ्तारी से डरकर उमर ने बौखलाहट में विस्फोट कर दिया।

जांचकर्ताओं को फरीदाबाद के सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल के तहत पकड़े गए आठ संदिग्धों से पूछताछ में इस साजिश का पता चला है। एजेंसियों के मुताबिक, लाल किला,( Red Fort) इंडिया गेट, कॉन्स्टीट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर उनके निशाने पर थे। देशभर में रेलवे स्टेशनों और शॉपिंग मॉल्स को भी निशाना बनाने की तैयारी थी।

इस बीच, शक के घेरे में आए अल फलाह विश्वविद्यालय ने कहा कि गिरफ्तार दोनों डॉक्टरों से उसका सिर्फ पेशेवर संबंध है। हम इस दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम से व्यथित हैं। हम जिम्मेदार संस्थान हैं, राष्ट्र के साथ एकजुटता से खड़े हैं।

गंभीर चोटों व ज्यादा खून बहने से गई जान : विस्फोट में मृत लोगों के पोस्टमार्टम में गंभीर चोटों का पता चला है। इसमें टूटी हड्डियां और सिर में चोट शामिल हैं। मौत के कारणों में गहरे घाव व अत्यधिक रक्तस्राव शामिल है। पोस्टमार्टम के दौरान शवों या कपड़ों पर किसी छर्रे के निशान नहीं मिले। ज्यादातर चोटें शरीर के ऊपरी हिस्से, सिर और सीने पर लगी थीं।

फरीदाबाद से गिरफ्तार सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल से जुड़े डॉ. मुजम्मिल गनई ने इस साल जनवरी में कई बार लाल किला ( Red Fort)इलाके की रेकी थी। उसके मोबाइल फोन के डंप डाटा से यह खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियां मान रही हैं कि रेकी 26 जनवरी को भी इस ऐतिहासिक स्मारक को निशाना बनाने की साजिश थी, पर तब साजिश नाकाम हो गई। मुजम्मिल व उमर के तुर्किये कनेक्शन का भी खुलासा हुआ है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, मुजम्मिल के मोबाइल फोन डाटा से पता चला कि जनवरी के पहले सप्ताह में लाल किला क्षेत्र और आसपास उसकी बार-बार मौजूदगी थी।

मुजम्मिल, उमर के साथ सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ का पैटर्न समझने के लिए कई बार वहां गया था। टावर लोकेशन डाटा व नजदीकी क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि हुई है। एजेंसियों को यह भी पता चला कि उमर व मुजम्मिल तुर्किये गए थे। उनके पासपोर्ट में तुर्किये के आव्रजन टिकट मिले हैं। जांच की जा रही है कि क्या दोनों वहां किसी विदेशी हैंडलर से मिले थे। मुजम्मिल के संचार व डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि मॉड्यूल के लिए धन व विस्फोटकों के स्रोत का पता चल सके। वहीं, तुर्किये सरकार ने आतंकी गतिविधियों में शामिल होने से इन्कार किया है। उसने कहा, ऐसी खबरें सच्चाई से दूर हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी से जुड़े लोगों के 500 से ज्यादा ठिकानों पर छापे मारे। 12 से अधिक डॉक्टरों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। कार्रवाई श्रीनगर, गांदरबल, बडगाम, बारामूला, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा और शोपियां जिलों में आतंकी ढांचे को खत्म करने के लिए की गई। अकेले कुलगाम में 200 और श्रीनगर में 150 से अधिक जगह छापे मारे गए। इस दौरान, आपत्तिजनक सामग्री और डिजिटल उपकरण जब्त किए और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए डॉक्टरों में से अधिकतर दक्षिण कश्मीर के हैं। डॉ. मुजम्मिल की बहन अस्मत उर्फ जासी भी देर रात तक पुलिस हिरासत में थी।

केंद्र सरकार ने लाल किले के नजदीक कार विस्फोट को जघन्य आतंकी वारदात करार देते हुए कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव पारित कर आतंकवाद के सभी रूपों के प्रति भारत की शून्य सहनशीलता की नीति को दोहराया गया। साथ ही कहा, सरकार देश और इसके हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के उच्चतम स्तर पर स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

कैबिनेट ने धमाके में मारे गए निर्दोष लोगों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखते हुए जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया। प्रस्ताव के मुताबिक, देश-विरोधी ताकतों ने जघन्य आतंकी घटना को अंजाम दिया। इस कायरतापूर्ण और घृणित कृत्य में निर्दोष लोगों की मौत की मंत्रिमंडल कठोर शब्दों में निंदा करता है। मंत्रिमंडल मृतकों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि भी अर्पित करता है और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता है। मंत्रिमंडल सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है और पीड़ितों की देखभाल व मदद करने वाले चिकित्सा व आपातकालीन कर्मियों के त्वरित प्रयासों की सराहना करता है।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels