Tuesday, June 23, 2026

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West Bengal :आई-पैक छापेमारी केस में ईडी अफसरों पर नहीं होगी एफआईआर,सुप्रीम कोर्ट से ममता सरकार और राज्य के डीजीपी को नोटिस जारी

  (  ) में बीते आठ जनवरी को आई-पैक के कार्यालय और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर हुई प्रवर्तन निदेशालय की रेड को लेकर  (  ) में गुरुवार को सुनवाई हुई। इस मामले में ईडी और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सुप्रीम कोर्ट में अब अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court )ने पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य के डीजीपी को नोटिस जारी किया है। अदालत ने दोनों को दो हफ्ते में जवाब देने का आदेश दिया है। अदालत ने ईडी की याचिका पर नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक ईडी अधिकारियों के खिलाफ FIR पर रोक रहेगी। कोर्ट ने कहा कि एजेंसी के काम में दखल नहीं दे सकती। कोर्ट ने CCTV समेत सभी दस्तावेजों को सुरक्षित रखने का आदेश भी दिया।

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने कहा है कि वह इस मामले में नोटिस जारी कर तथ्यों की जांच करेगी। कोर्ट ने कोलकाता हाईकोर्ट में ईडी की याचिका की सुनवाई के दौरान हुई अव्यवस्था पर भी गंभीर चिंता जताई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि एजेंसी 14 जनवरी को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान ईडी को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। ईडी ने आरोप लगाया कि कोर्ट रूम में बार-बार माइक बंद हो रहा था, जिससे पक्ष रखने में दिक्कत आई। इसके अलावा, सुनवाई के दौरान भीड़ जुटाने के लिए बसों और गाड़ियों की व्यवस्था की गई थी। स

ईडी के अनुसार, हालात ऐसे हो गए थे कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को आदेश देना पड़ा कि वकीलों के अलावा किसी अन्य को कोर्ट में प्रवेश न दिया जाए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि भीड़ ऐसे बुला ली गई थी, जैसे कोई प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर हो। कोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए मामले की जांच का संकेत दिया।

ईडी ने कोर्ट में आरोप लगाया कि रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों व अहम दस्तावेजों को जबरन अपने साथ ले गईं। ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और विपुल पंचोली की पीठ को बताया कि कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बंगाल के डीजीपी और बड़ी पुलिस टीम भी मौजूद थी। ईडी का दावा है कि पुलिस ने एजेंसी के अधिकारियों के मोबाइल फोन तक छीन लिए, जिससे जांच में बाधा आई और एजेंसी का मनोबल गिरा।

सॉलिसिटर जनरल ने इस तरह के हस्तक्षेप से केवल ऐसी घटनाओं को बढ़ावा मिलेगा और केंद्रीय बलों का मनोबल टूटेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य सरकारों को लगेगा कि वे हस्तक्षेप कर सकती हैं, अनियमितताएं कर सकती हैं और फिर धरने पर बैठ सकती हैं। साथ ही कोर्ट से अपील की कि स्पष्ट रूप से उपस्थित अधिकारियों को निलंबित किया जाए ताकि उदाहरण स्थापित हो। उन्होंने कहा कि आई-पैक कार्यालय में आपत्तिजनक सामग्री मिलने के सबूत मौजूद थे। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि प्रत्यक्ष अधिकार रखने वाले अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाए और जो कुछ हो रहा है उसका संज्ञान लिया जाए।

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर की है, जिसमें पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार के निलंबन की मांग की गई है। ईडी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग की है, आरोप लगाते हुए कि उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया और दुराचार किया। सेंट्रल एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट से कर्मचारी और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और गृह मंत्रालय को निर्देश देने की अपील की है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए।

वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court )में याचिका दाखिल कर कहा है कि उसका पक्ष सुने बिना कोई आदेश न दिया जाए। इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले में TMC की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें पार्टी ने ED पर गलत तरीके से कागजात जब्त करने का आरोप लगाया था।

यह मामला 8 जनवरी की घटना से जुड़ा है, जब ईडी ने कोलकाता के सॉल्ट लेक में I-PAC कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर कोयला तस्करी मामले में छापेमारी की थी। एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान उसके काम में बाधा डाली गई। ईडी ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं और जांच से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत अपने साथ ले गईं। वहीं, मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को खारिज करते हुए ईडी पर अधिकारों से आगे बढ़ने का आरोप लगाया है। उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भी जांच में रुकावट डालने के आरोपों से इनकार किया है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल पुलिस ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels