उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बदायूं (Badaun) जिले के मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव सैजनी स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ( Hindustan Petroleum Corporation Limited) प्लांट के मुख्य प्रबंधक परियोजना और उप प्रबंधक की हत्या कर दी गई। कार सवार हमलावर बृहस्पतिवार दोपहर प्लांट में घुसा और वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद कार से ही भाग गया। दोहरे हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ( Hindustan Petroleum Corporation Limited) के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट के नोएडा निवासी प्लांट के मुख्य प्रबंधक परियोजना सुधीर गुप्ता (55) और बरेली के रहने वाले उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा (40) पर ऑटोमैटिक गन से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। बताया जा रहा है कि दो से तीन गोलियां दोनों को मारी गईं हैं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात से प्लांट में दहशत फैल गई। चीख-पुकार मच गई। इस बीच हमलावर मौका पाकर कार लेकर वहां से भाग गया।
सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस के साथ ही आला अफसर मौके पर पहुंच गए। गोलियां लगने से लहूलुहान प्रबंधक और उप प्रबंधक को सीएचसी दातागंज ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्होंने मृत घोषित कर दिया। गोली मारने वाला आरोपी अजय प्रताप सिंह प्लांट में ऑपरेटर के पद पर रह चुका है। इस पद से हटने के बाद से ही उसका विवाद चल रहा है।
बताया जा रहा है कि कर्मचारी को कंपनी ( Hindustan Petroleum Corporation Limited) से निकालने के बाद करीब छह महीने से विवाद चल रहा था। इससे पहले भी आरोपी छह फरवरी को प्लांट में घुसकर दोनों अफसरों पर जानलेवा हमला कर चुका था। इस मामले में दोनों ओर से मामले दर्ज कराए गए थे। दोहरे हत्याकांड के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी है।
एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि प्लांट में काम चुके कर्मचारी अजय प्रताप सिंह ने अंदर घुसकर प्लांट के मुख्य प्रबंधक परियोजन व उप प्रबंधक की गोली मारकर हत्या कर दी है। मामले में आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है।
लूटी गई गाड़ी से प्लांट में बेधड़क घुसे अजय प्रताप सिंह ने अंदर दफ्तर पहुंचने के बाद जमकर गालियां दी। इस पर अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे मुख्य प्रबंधक (परियोजना) सुधीर गुप्ता और उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा जैसे ही बाहर आए तभी उसने गोलियां चला दीं।
प्लांट में कर्मचारियों की शिफ्ट दो बजे बदलती है। कर्मचारियों को लाने-ले जाने की व्यवस्था कंपनी की गाड़ी से की जाती है। चूंकि आरोपी कंपनी में काम कर चुका है तो उसे सब पता था कि किस समय गाड़ी कर्मचारियों को लेकर गांव के पास से निकलती है। उसी हिसाब से उसने अपनी पूरी योजना बनाई।
करीब 1.30 बजे कंपनी की गाड़ी का चालक धर्मेंद्र कर्मचारी भटौली निवासी किरन, पुरैनी निवासी रामौतार व दीपक को लेकर सैजनी गांव के पास पहुंचे कि अजय प्रताप सिंह गाड़ी के सामने खड़ा हो गया। उसके हाथ में तमंचा देख चालक ने गाड़ी रोक दी। चालक व अन्य तीनों कर्मचारियों को तमंचे के बल पर गाड़ी से नीचे उतारा और उनके मोबाइल फोन छीनने के बाद गाड़ी को लेकर वहां से भाग निकला। कर्मचारियों को धमकी दी कि अगर भागकर कहीं कोई सूचना दी तो जान से मारे जाओगे।
एसएसपी के मुताबिक अजय ने आरोपी ने गाड़ी मुख्य प्रबंधक परियोजना व उपप्रबंधक के कार्यालय के बाहर रोकी और दोनों हाथों में लिए तमंचों से गोलियां चला दी। गोलियों की आवाज सुनकर सुरक्षा गार्ड दौड़े लेकिन गाड़ी में बैठकर हवाई फायरिंग करते हुए आरोपी फिल्मी स्टाइल में भाग निकला।