इजराइल ने बुधवार को लेबनान(Lebanon) की राजधानी बेरुत में एयरस्ट्राइक की। इस हमले में 254 लोगों की मौत हो गई और 1000 से ज्यादा घायल हो गए। यह जानकारी लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, इस हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा बंद कर दिया है।
घनी आबादी वाले कई व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को बिना पूर्व सूचना के निशाना बनाया गया। हमले ऐसे समय में हुए, जब ईरान के साथ युद्ध विराम की घोषणा हो चुकी थी। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में 254 लोगों की मौत हुई और 1,165 लोग घायल हुए हैं।
युद्ध विराम की घोषणा से लेबनान के निवासियों को थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन इस्राइली सेना के अचानक हमलों से दहशत में फैल गई। इस्राइली सेना ने 10 मिनट में हिजबुल्ला के 100 से अधिक ठिकानों पर पर हमला किया। इसमें बेरूत, दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी शामिल हैं।
समु्द्र तटीय राजधानी के कई हिस्सों में काला धुआं छाया रहा, जहां युद्ध से विस्थापित हुए लोगों ने बड़ी संख्या में शरण ली थी। चहल-पहल भरी, साफ आसमान वाली दोपहर में धमाकों ने वाहनों के हॉर्न की आवाज को गायब कर दिया। एंबुलेंस आग की लपटों की ओर तेजी से बढ़ीं। आवासीय इमारतों पर भी हमले हुए।
एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, बेरूत के मध्य में स्थित कॉर्निश अल मजरा इलाके के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक पर वाहन और जमीन पर जले हुए शव देखे गए। यह इलाका व्यावसायिक और आवासीय दोनों क्षेत्रों का मिश्राण है। बचावकर्मी फोर्क लिफ्ट (कांटा ट्रक) की मदद से सुलगते मलबे को हटा रहे थे और मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे थे।
इससे पहले उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने चेतावनी दी थी कि अगर सीजफायर में लेबनान(Lebanon) को शामिल नहीं किया गया, तो यह समझौता टूट जाएगा।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का कहना है कि ईरान के साथ सीजफायर प्लान में हिजबुल्लाह शामिल नहीं है। इससे पहले ईरान ने अमेरिका को 10 पॉइंट का सीजफायर प्लान भेजा था, उसमें हिजबुल्लाह पर हमले रोकने की मांग की गई थी। तब इजराइल ने कहा था कि वो हिजबुल्लाह पर हमले नहीं रोकेगा।
अमेरिका (America ) और ईरान के बीच करीब 40 दिन बाद 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बनी है। ट्रम्प ने बताया कि यह फैसला पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ की अपील के बाद लिया गया।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया कि ईरान की लीडरशिप सीजफायर के लिए भीख मांग रही थी, क्योंकि उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा था। उन्होंने कहा कि अब किसी भी हालत में ईरान को परमाणु बम बनाने नहीं दिया जाएगा।
हेगसेथ ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है और जहाज वहां से गुजरते रहेंगे। अमेरिका और ईरान की सेनाएं इस इलाके पर नजर रखे हुए हैं। ट्रम्प के पास इतनी ताकत थी कि वो चाहें तो कुछ ही मिनटों में ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था ठप कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
बेरूत पर इजरायली हमलों के बीच लेबनान के प्रधानमंत्री ने एक बयान जारी कर अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर का स्वागत किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इजरायल घनी आबादी वाले लेबनानी इलाकों पर हमले कर रहा है और बेबस नागरिकों को मार रहा है। उन्होंने कहा कि इजरायल युद्ध रोकने के लिए सभी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहा है।


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