Tuesday, June 23, 2026

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श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बंगाल में पहली बार खिला कमल,असम में हैट्रिक,तमिलनाडु में विजय की आंधी;  केरलम में यूडीएफ की वापसी

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की।

देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आ चुके हैं। पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा का कमल खिल चुका है। भाजपा ने टीएमसी को पटखनी देते हुए 206 सीटें हासिल की हैं। वहीं, तमिलनाडु में डीएमके को बड़ा सियासी झटका देते हुए अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ा दल बनकर उभरी है। हालांकि, बिना गठबंधन के राज्य में विजय की सरकार नहीं बनेगी।

उधर, असम में भाजपा ने सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में जीत की हैट्रिक लगाई है। असम में एनडीए को 102 सीटें मिली हैं। वहीं, देश में वाम दलों का आखिरी किला कहे जाने वाले केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। इधर, पुदुचेरी में एक बार फिर से एनडीए सरकार की वापसी हुई है। सीएम एन रंगासामी के नेतृत्व में लगातार दूसरी बार सरकार बनने जा रही है।

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में चार मई की तारीख ने नया अध्याय जोड़ दिया। पश्चिम बंगाल के मतदाताओं ने जहां राज्य को भगवा रंग में रंगने का भाजपा-जनसंघ का सात दशक पुराना स्वप्न साकार कर दिया।

भाजपा की आंधी में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी का किला तिनके की तरह बिखर गया। भाजपा ने 206 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया। बंगाल में सरकार न बना पाने की संघ-भाजपा के नेतृत्व की टीस भी खत्म हो गई।

जनसंघ के संस्थापकों में शुमार और भाजपा के प्रेरणा-पुरुष श्यामा प्रसाद मुखर्जी के गृहराज्य पश्चिम बंगाल में आखिर कमल खिल गया। 2011 के विधानसभा चुनाव में शून्य पर सिमटने वाली भाजपा ने अनथक संघर्ष के जरिये तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया। तृणमूल महज 80 सीटों पर सिमट गई, जो पिछले चुनाव में भाजपा की 77 सीटों से सिर्फ तीन अधिक है। भाजपा की ओर से सीएम पद के सबसे सशक्त उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के साथ भवानीपुर सीट पर कांटे के मुकाबले में ममता खुद हार गईं। उनके 20 मंत्री भी हार गए। शुभेंदु भवानीपुर के साथ नंदीग्राम से भी चुनाव जीत गए हैं।

भाजपा की जीत कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, पुरुलिया, झारग्राम व बांकुड़ा में तृणमूल का खाता तक नहीं खुला। उत्तर बंगाल और उसके करीब के जिले भाजपा का गढ़ माने जाते हैं, लेकिन इस बार पार्टी ने दक्षिण बंगाल में शानदार प्रदर्शन किया।

तृणमूल को मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद, दिनाजपुर, मालदा के अलावा उत्तर व दक्षिण 24 परगना जिलों ने सहारा दिया, जहां उसने अधिकांश सीटें जीतीं। जिस सिंगूर में आंदोलन कर ममता ने 15 साल पहले वाम मोर्चे को उखाड़ फेंका था, वह भी भाजपा से हार गईं।

असम में भाजपा की जीत को लेकर किसी को कोई संशय नहीं था। सवाल सिर्फ यही था कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा कितनी सीटों तक पहुंचाएंगे। राज्य में भाजपा ने पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल किया है। सहयोगियों को भी दस-दस सीटों पर विजय मिली।

जीत की हैट्रिक लगाने वाली भाजपा ने 126 सदस्यीय विधानसभा में अपने दम पर 82 सीटें जीती हैं, जबकि सहयोगी असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को 10-10 सीटें मिली हैं। इस तरह एनडीए ने 102 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन करते हुए सिर्फ 19 सीटों पर सिमट गई।

मुख्यमंत्री हिमंत के कट्टर विरोधी कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई को जोरहाट सीट पर भाजपा विधायक हितेंद्रनाथ गोस्वामी से 23,181 वोटों से करारी हार मिली। वहीं, बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ को सिर्फ दो सीटें मिलीं। रायजोर दल को दो और तृणमूल कांग्रेस को एक सीट पर जीत मिली है। हिमंत ने जलुकबारी में कांग्रेस के बिदिशा नियोग को 89,434 वोटों से हराया।

पश्चिम बंगाल के बाद सबसे बड़ी खबर तमिलनाडु से आई, जहां सुपरस्टार विजय चंद्रशेखर ने दो ध्रुवीय द्रविड़ियन राजनीति को जोरदार पटखनी दी है। मात्र दो साल पुरानी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) को उन्होंने सत्ता की दहलीज पर पहुंचा दिया।

234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके ने 107 सीटें जीतने में कामयाबी हासिल की। वह बहुमत से सिर्फ 11 सीटें दूर है। टीम लीडर यानी थलापति के रूप में प्रसिद्ध विजय की इस जीत ने राज्य में फिर से अभिनेताओं को सत्ता सौंपने की परंपरा जीवित कर दी। टीवीके के शानदार प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री एमके स्टालिन चुनाव हार गए। स्टालिन को कोलाथुर में टीवीके उम्मीदवार वीएस बाबू ने 8,795 वोटों के अंतर से हराया। हालांकि स्टालिन के बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि जीत गए। सरकार के 15 मंत्री भी हार गए। अन्नाद्रमुक प्रमुख के पलानीस्वामी ने एडप्पाडी से 98,110 के अंतर से बड़ी जीत हासिल की। टीवीके के बाद द्रमुक दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है और उसने 60, जबकि अन्नाद्रमुक ने 47 सीटें जीती हैं

देश में वामपंथी दलों का आखिरी किला ढह गया। केरलम में दो चुनाव में जीत हासिल करने वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) को करारी हार मिली है। सीएम पी विजयन ने रविवार रात ही सोशल मीडिया पर सीएम वाला अपना बायो हटा दिया था।

केरलम के मतदाताओं ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) पर भरोसा जताते हुए 140 सदस्यीय विधानसभा में उसे 99 सीटें सौंप दी। केरलम अब देश में कांग्रेस शासित चौथा राज्य हो जाएगा। माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे को 35 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा ने अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 3 सीटें जीती हैं। मुख्यमंत्री पी विजयन ने धर्मदम से कांग्रेसी वीपी अब्दुल रशीद को 19,247 वोटों से हराया। छठे दौर की गिनती तक विजयन पीछे चल रहे थे। विजयन के 21 में से 13 मंत्री चुनाव हार गए। कांग्रेस को अपने दम पर 63 सीटें मिली हैं, जबकि उसके गठबंधन में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है, उसने 22 सीटें जीती हैं।

केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी को लेकर किसी को कोई अंदेशा नहीं था। मुख्यमंत्री एन रंगासामी की पार्टी एआईएनआर कांग्रेस के नेतृत्व में एनडीए की जीत तय मानी जा रही है और नतीजों ने इसे सही साबित किया।

तीस सदस्यीय विधानसभा में एआईएनआर कांग्रेस को 12, भाजपा को चार व अन्नाद्रमुक को एक सीट मिली है। पुडुचेरी में लगातार दूसरी बार एनडीए सरकार बनने जा रही है। मुख्यमंत्री रंगासामी ने मंगलम सीट पर द्रमुक के एसएस रंगन को हराया। विपक्षी द्रमुक गठबंधन में द्रमुक को 5 जबकि कांग्रेस को एक सीट मिली है। खास यह है, तमिलनाडु में शानदार जीत हासिल करने वाली टीवीके ने यहां भी खाता खोल लिया। उसे दो सीटें मिली हैं। निर्दलीय व अन्य ने 5 सीटें जीती हैं। अतीत में पुडुचेरी में अक्सर उस पार्टी की जीत होती रही है, जिसकी तमिलनाडु में सरकार हो, पर पिछले दो बार से यह ट्रेंड बदल गया।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels