देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी नीट यूजी 2026 परीक्षा में एक बार फिर वही हुआ जिसका डर था-पेपर लीक। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक नौ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।नीट यूजी 2026 पेपर लीक कांड( NEET UG 2026 paper leak) में परीक्षा कराने वाली एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अफ़सर और इसके पेपर सेट करने वाले लोग शामिल थे, यह सीबीआई। द्वारा की गयी अब तक नौ गिरफ्तारियों से साफ़ हो गया है ।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से जुड़े एक सरकारी अधिकारी की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। सीबीआई की इस जांच से पता चला है कि परीक्षा से कई दिन पहले ही असली पेपर लीक हो गया था और इसके पीछे एक बहुत बड़ा और शातिर नेटवर्क काम कर रहा था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक नौ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के हाथ जैसे-जैसे इस नेटवर्क के सिंडिकेट तक पहुंच रहे हैं, एक बेहद चौंकाने वाला सच सामने आ रहा है। सच यह कि परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा में बाहर से किसी ने सेंध नहीं लगाई, बल्कि सिस्टम के ही अंदर से दरवाजे खोल दिए थे।
नीट यूजी 2026 पेपर लीक कांड( NEET UG 2026 paper leak) में सीबीआई ने अदालत को बताया है कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने एनटीए के एक अधिकारी के साथ मिलकर गहरी साजिश रची थी। 14 मई को गिरफ्तार की गई आरोपी मनीषा संजय वाघमारे और 15 मई को पकड़े गए केमिस्ट्री के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी ने पूछताछ में कई बड़े राज खोले हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, मनीषा वाघमारे को 27 अप्रैल को ही परीक्षा के प्रश्न पत्र और उनके उत्तर मिल गए थे। इसके बाद उसने ये सवाल अहमदनगर से गिरफ्तार किए गए धनंजय लोखंडे और अन्य आरोपियों को लाखों रुपये लेकर बेच दिए।
सीबीआई की तफ्तीश के केंद्र में दो मुख्य चेहरे हैं, मनीषा गुरुनाथ मंधारे और पीवी कुलकर्णी। मनीषा पुणे की एक सीनियर बॉटनी लेक्चरर हैं और उन्हें इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने उन्हें एक एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था। इसी आधिकारिक हैसियत की वजह से प्रश्नपत्रों तक उनकी सीधी पहुंच थी। वहीं, पुणे से गिरफ्तार लातूर के रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी भी लंबे समय से एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े हुए थे। इन दोनों ने मिलकर सिस्टम के इसी भरोसे का फायदा उठाया और पेपर को लीक कर दिया।
इस मामले में सीबीआई ने शनिवार को बायोलॉजी की लेक्चरर मनीषा मांढरे को भी गिरफ्तार कर लिया है। मनीषा मांढरे एनटीए की उस खास कमेटी का हिस्सा थीं जो नीट का पेपर तैयार करती है। सीबीआई के अनुसार, मंधारे की बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पत्रों तक पूरी पहुंच थी। उसने अप्रैल के आखिरी हफ्ते में पुणे स्थित अपने घर पर बच्चों के लिए विशेष कोचिंग क्लास लगाई थी। इस क्लास में उसने बच्चों से लाखों रुपये की फीस लेकर लीक हुए सवाल और उनके जवाब रटाए थे। जांच में पाया गया कि ये सभी सवाल 3 मई को हुई असली परीक्षा में बिल्कुल वैसे ही आए थे।
मनीषा मांढरे की तरह ही लातूर के रहने वाले केमिस्ट्री के एक्सपर्ट पीवी कुलकर्णी ने भी अपने पद का भारी दुरुपयोग किया। कुलकर्णी कई वर्षों से नीट का पेपर सेट करने वाले पैनल में शामिल रहे हैं। सीबीआई का कहना है कि कुलकर्णी ने भी अप्रैल के अंतिम हफ्ते में अपने घर पर छात्रों को बुलाकर पेपर के सवाल और उनके जवाब लिखवाए थे। पकड़े जाने के डर से कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे ने 3 मई को परीक्षा खत्म होने के बाद हाथ से लिखे हुए उन सभी सवालों के पन्नों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था ताकि कोई सबूत न बचे।