Wednesday, June 24, 2026

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Rajasthan: जयपुर फैमिली कोर्ट में 4 साल कानूनी लड़ाई लड़कर एक बेटी ने खुद के बालविवाह को कराया निरस्त,12 साल की उम्र में 20 साल लड़के से हुआ था विवाह

Jaipur court

 (  ) के ) में एक बेटी ने 12 साल की उम्र में हुए बाल विवाह को कोर्ट में चुनौती देकर निरस्त करवा लिया है। वह आगे पढ़ना चाहती है। 2012 में उसका बाल विवाह हुआ था और 2017 में उसने कोर्ट में विवाह के खिलाफ याचिका पेश की। फैमिली कोर्ट में 4 साल कानूनी लड़ाई लड़कर शादी को निरस्त करवा लिया है। कोर्ट ने बालविवाह को निरस्त कर शून्य डिग्री जारी कर दी।

जयपुर ( Jaipur )की मालवीय नगर में रहने वाली मंजू की शादी 12 साल पहले 30 अप्रैल 2012 में रवि से हुई थी। मंजू से रवि 8 साल बड़ा था। मंजू की उम्र करीब 11 साल ही थी। मंजू आगे पढ़ना चाहती थी। मंजू ने 10वीं कक्षा पास कर ली थी। तब ससुराल वाले गौना कराने के लिए दबाव बनाने लगे और ससुराल में ले जाने की जिद करने लगे। मंजू आगे पढ़ना चाहती थी। उसने ससुराल जाने से मना कर दिया और अपनी पसंद से शादी करने की बात कहीं।

मंजू नाबालिग थी। उसने बाल विवाह को मानने से इंकार कर दिया। 2017 में मंजू की ओर से फैमिली कोर्ट जयपुर ( Jaipur )में परिवाद पेश किया गया। तब मंजू की उम्र 16 साल की ही थी। उसकी मां के जरिए परिवाद पेश किया गया था। उसने परिवाद में कहा कि बाल विवाह को निरस्त किया जाए। उसने कहा कि उसे अपनी पसंद से शादी करने का पूरा अधिकार है। वह अभी नाबालिग है और आगे पढ़ना चाहती है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। बयानों में मंजू ने कहा कि उसने कभी भी रवि को पति के रूप में स्वीकार नहीं किया। उसके साथ भी कभी नही रही। ऐसे में उसके बाल विवाह को खारिज करते हुए शून्य डिग्री दी जाएं। कोर्ट ने दूल्हा पक्ष से भी दलीलें सुनी। इसके बाद कोर्ट ने मंजू के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बाल विवाह को निरस्त कर दिया।

Jaba Upadhyay

Jaba Upadhyay is a senior journalist with experience of over 15 years. She has worked with Rajasthan Patrika Jaipur and currently works with The Pioneer, Hindi.