Wednesday, June 24, 2026

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Rajasthan: जयपुर के हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति ओम थानवी विवादों के घेरे में

Haridev Joshi University of Journalism and Mass Communication, Jaipur's Vice Chancellor Om Thanvi is in the midst of controversies

Haridev Joshi University of Journalism and Mass Communication, Jaipur's Vice Chancellor Om Thanvi is in the midst of controversies  ) में हरिदेव जाेशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति ओम थानवी( Om Thanvi )विवादों में घिर गये है ।पहले उनकी नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी है, आरोप उनमें कुलपति पद के लिये कोई योग्यता न होने के बाद भी कुलपति बना दिया गया ।दूसरी तरफ जब उनके कार्यकाल के चंद दिन बचे है तब उन्होंने विश्वविद्यालय में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जिसे राज्यपाल के आदेश के बाद स्थगित किया गया।

 विश्वविद्यालय में चल रही भर्ती प्रक्रिया काे राजभवन ने मंगलवार काे स्थगित करने के निर्देश दे दिए। करीब 24 शैक्षणिक पदाें पर भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। वहीं राज्यपाल कलराज मिश्र ने प्रदेश की सभी राज्य वित्त पोषित यूनिवर्सिटीज काे भी निर्देश दिए हैं कि यूनिवर्सिटी के कुलपति अपने कार्यकाल के अंतिम 3 महीनों में काेई भी नीतिगत निर्णय नही लेंगे। संज्ञान में आया है कि कतिपय कुलपति, जिनका कार्यकाल अल्पावधि का शेष रह जाता है, उनके द्वारा विभिन्न नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं, जाे प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं है। इस संबंध में राज्यपाल के प्रमुख सचिव सुबीर कुमार ने पत्र जारी किया है। गौरतलब है कि प्रदेश में 28 यूनिवर्सिटी है। पत्रकारिता यूनिवर्सिटी के कुलपति ओम थानवी का कार्यकाल 8 मार्च 2022 को समाप्त हो रहा है।

राजस्थान हाईकोर्ट  में  हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय ( Haridev Joshi University of Journalism and Mass Communication )जयपुर ( Jaipur ) के संस्थापक कुलपति ओम थानवी ( Om Thanvi ) की नियुक्ति को लेकर योग्यता पर सवाल उठाते हुए एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसके बाद हाईकोर्ट ने यूजीसी, राज्य सरकार  और विश्वविद्यालय के कुलपति ओम थानवी को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में इस पर जवाब मांगा है। बता दें कि याचिका पंकज प्रताप सिंह की ओर से दायर की गई है जिसमें कुलपति की योग्यता पर सवाल उठाए गए हैं जिनके तहत विश्वविद्यालय में वर्तमान कुलपति ओम थानवी को नियुक्त किया गया है।

याचिका में कहा गया है कि यूजीसी के नियमों के मुताबिक कुलपति के तौर पर 10 साल का प्रोफेसरशिप का अनुभव और पीएचडी की डिग्री होना अनिवार्य है,याचिका के मुताबिक ना तो कुलपति ओम थानवी के पास पीएचडी डिग्री है और ना ही 10 साल का प्रोफेसरशिप अनुभव है।

 राजस्थान हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ,राजस्थान सरकार, ओम थानवी और हरिदेव जोशी पत्रकारिता व जनसंचार यूनिवर्सिटी चारों को मामले में नोटिस जारी कर 3 सप्ताह में जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं। पंकज प्रताप सिंह रघुवंशी व अन्य की याचिका पर हाईकोर्ट के जस्टिस मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस बिरेन्द्र कुमार की बेंच ने सुनवाई की।

कहा गया है कि  पीएचडी करने के बाद ही कोई शिक्षक प्रोफेसर बन सकता है। उससे पहले उसे असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर कार्य का अनुभव लेना होता है। हरिदेव जोशी यूनिवर्सिटी के एक्ट में भी लिखा है कि वीसी पद के लिए 10 साल का अनुभव होना चाहिए। जबकि ओम थानवी( Om Thanvi ) केवल पत्रकारिता के क्षेत्र में अनुभव रखते हैं। कोर्ट में ओम थानवी का बायोडेटा और अपॉइंटमेंट लेटर पेश किया गया है। जिस आधार पर पाया गया है कि इन्हें 10 साल का प्रोफेसर पद का अनुभव नहीं है। याचिका में कहा गया है कि हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान खोली गई थी। बाद में बीजेपी सरकार के सत्ता में आने पर यूनिवर्सिटी को बन्द कर दिया गया था। अब कांग्रेस सरकार की फिर से वापसी होने पर यूनिवर्सिटी को फिर से शुरू किया गया है। जब पत्रकारिता यूनिवर्सिटी बन्द की गई थी। तब से इस यूनिवर्सिटी की फैकल्टी को राजस्थान यूनिवर्सिटी में शिफ्ट कर दिया गया था। राजस्थान यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर मास कम्युनिकेशन में फैकल्टी पढ़ाती आ रही थी। यह फैकल्टी अब वापस पत्रकारिता यूनिवर्सिटी में लौट आई है।

हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय जयपुर ( Jaipur ) में राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के बाद विवाद शुरू हो गया है। बीजेपी विधायक वासुदेव देवनानी ने जहां राज्यपाल द्वारा लगाई गई रोक को सही ठहराया है। वहीं, मुख्यमंत्री के सलाहकार और कांग्रेस विधायक संयम लोढ़ा ने राज्यपाल द्वारा लगाई गई रोक पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल, हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति ओम थानवी ने 24 पदों पर भर्ती निकाली थी। जिसके तहत विश्वविद्यालय में 4 दिसंबर 2021 को 5 प्रोफेसर, 9 एसोसिएट प्रोफेसर, 9 असिस्टेंट प्रोफेसर और 1 असिस्टेंट लाइब्रेरियन के पदों पर भर्ती निकाली गई थी।

बीजेपी विधायक वासुदेव देवनानी ने हरिदेव जोशी विश्वविद्यालय में हो रही भर्ती प्रक्रिया को गलत ठहराया था। उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिख बताया था कि हाईकोर्ट ने जब कुलपति ओम थानवी की योग्यता को लेकर नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही थानवी का कार्यकाल भी अब 3 महीने का ही बचा है। ऐसे में राजभवन ने बड़ा फैसला देते हुए 1 फरवरी को भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी।

बीजेपी विधयक वासुदेव देवनानी ने कहा कि पत्रकारिता विवि के कुलपति ओम थानवी सेवानिवृत्ति से पहले धांधलीबाजी करते हुए इस भर्ती को पूरा करने जा रहे थे। जबकि भर्ती प्रक्रिया में यूजीसी योग्यता मापदंडों की पालना नहीं हो रही थी। इसके साथ ही चहेतों को फायदा देने के लिए भर्ती प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां भी थी। ऐसे में राजयपाल द्वारा लगाई गई रोक से राजस्थान में होने वाला बड़ा भ्रष्टाचार रुका है।

वहीं, मुख्यमत्री के सलाहकार और विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य विधायक संयम लोढा ने राज्यपाल द्वारा रोकी गई भर्ती प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा की जब कार्यकाल के अंतिम समय में कुलाधिपति कुलपति को नियुक्ति कर सकते हैं। तो फिर हरदेव जोशी विश्वविद्यालय के कुलपति को ये अधिकार क्यूं नहीं है। लोढ़ा ने कहा की पूरी पारदर्शिता के साथ भर्ती की जा रही थी लेकिन बेवजह भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई गई है।

Jaba Upadhyay

Jaba Upadhyay is a senior journalist with experience of over 15 years. She has worked with Rajasthan Patrika Jaipur and currently works with The Pioneer, Hindi.