Wednesday, June 24, 2026

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उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू के फेयरवेल में भावुक हुआ सदन,पीएम ने कहा- आपके वन लाइनर्स होते हैं विन लाइनर्स, खड़गे बोले- आपके बाद मौसम बहुत सताएगा

Rajya Sabha bids farewell to Chairman Venkaiah Naidu

Rajya Sabha bids farewell to Chairman Venkaiah Naiduउपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति   ( M. Venkaiah Naidu )का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इस बाबत उन्हें आज संसद में विदाई दी गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर पक्ष व विपक्ष के सभी नेता मौजूद रहे। इस मौके पर एम वेंकैया नायडू ने राज्यसभा अध्यक्ष और उपराष्ट्रपति के रूप में आखिरी बार संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में किए गए कामों को याद किया। वहीं, उन्होंने अपने कार्यकाल के पहले दिन के भावुक कर देने वाले पलों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्हें चुना जा रहा था तो उनकी आंखों में आंसू थे। उन्हें पार्टी छोड़ने का दुख था। उन्होंने देश के विकास में पीएम मोदी के योगदान की सराहना की।

उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ( M. Venkaiah Naidu )ने कहा कि पूरी दुनिया देख रही है कि भारत आगे बढ़ रहा है। मैं राज्यसभा सांसदों से शालीनता, गरिमा और मर्यादा बनाए रखने की अपील करता हूं ताकि सदन की छवि और सम्मान बना रहे। उन्होंने आगे कहा कि हम, उच्च सदन की बड़ी जिम्मेदारी है।

निवर्तमान राज्यसभा अध्यक्ष और उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ( M. Venkaiah Naidu )ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जिस दिन पीएम ने मुझे बताया कि मुझे भारत का उपराष्ट्रपति बनने के लिए चुना जा रहा है तब मैं रो रहा था। मैंने इसके लिए मना कर दिया था, लेकिन पार्टी ने जनादेश दिया था, मैंने इसके लिए बाध्य होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया। आंसू इसलिए थे क्योंकि मुझे पार्टी छोड़नी पड़ी थी।

उन्होंने कहा, मैंने सदन को उसकी गरिमा को बनाए रखने की पूरी कोशिश की। मैंने सभी पक्षों-दक्षिण, उत्तर, पूर्व, पश्चिम, उत्तर-पूर्व को समायोजित करने और अवसर देने का प्रयास किया। सदन में मौजूद सांसदों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आप में से प्रत्येक को समय दिया गया है।

निवर्तमान उप-राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ( M. Venkaiah Naidu )के विदाई भाषण में आज   ने उनकी जमकर तारीफ की। खास तौर पर उनकी वाकपटुता की प्रशंसा करते हुए उनकी भाषण कला का लोहा माना। पीएम ने कहा- किताबों के टाइटल में आपकी शब्द प्रतिभा झलकती है, जिसके लिए आप जाने जाते हैं। आपके वन लाइनर्स, विन लाइनर्स भी होते हैं। यानि उसके बाद कुछ और कहने की जरूरत ही नहीं रह जाती है। आपके हर शब्द लोग सुनते हैं और कभी विरोध नहीं करते हैं। कैसे कोई अपनी भाषा की ताकत के रूप में और सहजता से, इस सामर्थ्य के लिए जाना जाए और उस कौशल से स्थितियों की दिशा मोड़ने का सामर्थ्य रखे, मैं इसके लिए आपको बधाई देता हूं। हम जो भी कहते हैं, वो महत्वपूर्ण तो होता है, लेकिन जिस तरीके से कहते हैं उसकी अहमियत ज्यादा होती है।

विदाई भाषण में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जिस तरह पहली पंक्ति के लोगों को खाना अधिक मिलता है उसी तरह संसद में भी पहले बोलने वालों को अधिक समय मिलता है। इस पर वेंकैया नायडू ने कहा कि आप निश्चिंत रहें, आप जिस भी पंक्ति में रहे सब कुछ मिलेगा। खड़गे ने कहा कि मेरी और आपकी विचारधारा अलग है, उसकी मैं यहां चर्चा नहीं करना चाहता। आपसे मेरी कुछ शिकायतें भी हो सकती है लेकिन यह सही वक्त नहीं है। दबाव में रहते हुए भी आपने अपनी भूमिका निभाई, उसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं। मैं चंद लाइनों में अपनी बात रखना चाहता हूं- अगर तलाश करूं तो कोई मिल जाएगा, मगर आपकी तरह कौन हमें मिलेगा। आपके साथ से यह मंजर रौनक जैसा है, आपके बाद मौसम बहुत सताएगा। (खड़गे की इस शायरी पर सदन में जमकर ठहाके लगे।)  कहां आंसुओं की ये सौगात होगी, नए लोग होंगे, नई बात होगी, चिरागों को आंखों में महफूज रखना, बड़ी दूर तक रात ही रात होगी। मुसाफिर हैं हम, मुसाफिर हो तुम भी, किसी न किसी मोड़ पर फिर मुलाकात होगी।

सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने जब स्पीच दी तो वेंकैया भावुक हो गए और अपने आंसू पोंछने लगे।डेरेक ओ ब्रायन ने वेंकैया नायडू के बचपन की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि जब नायडू महज एक साल के थे, तब उनकी मां की मौत हो गई थी। डेरेक ने कहा, “गांव में एक परिवार था, जिसके पास 8 बैल थे। एक दिन इनमें से एक भड़क गया और महिला के पेट में सींग से हमला कर दिया। उसकी गोद में एक साल का बच्चा था। उसे वहीं छोड़कर महिला को अस्पताल ले जाया गया, पर उसकी मौत हो गई। वो बच्चा वेंकैया नायडू थे।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels