पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ विवादित बयान को लेकर भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा ( Nupur Sharma) की गिरफ्तारी की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने आज खारिज कर दिया। इससे नूपुर को बड़ी राहत मिल गई है। नूपुर के खिलाफ कई राज्यों में केस दर्ज किए गए हैं। इन सभी को दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश पहले ही दिया जा चुका है।
याचिका में शीर्ष कोर्ट से मांग की गई थी कि वह अधिकारियों को मुस्लिमों की भावनाएं आहत करने के आरोप में नूपुर ( Nupur Sharma) के खिलाफ कार्रवाई करने और गिरफ्तारी का आदेश दे। पैगंबर के खिलाफ नूपुर शर्मा के विवादित बयान को लेकर देश-विदेश में भारी बवाल मचा था। नूपुर का समर्थन करने पर उदयपुर व औरंगाबाद में हत्या के मामले भी सामने आए। देश के कुछ हिस्सों में उपद्रव भी हुए थे। नूपुर को जान से मारने की धमकियां दी गईं।चीफ जस्टिस यूयू ललित की अगुआई वाली पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा- ऐसी याचिका करना बहुत ही सरल लगता है, लेकिन इसके दूरगामी परिणाम होते हैं। हमारा सुझाव इसे वापस लेने का है।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस यूयू ललित ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस ने अनुच्छेद-32 के तहत दाखिल इस याचिका पर सुनवाई से इनकार दिया तब याची ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग के मामले में जो फैसला दिया था उस पर अमल होना चाहिए। चीफ जस्टिस के रुख को देखकर याची ने केस वापस लेने की गुहार लगाई और कोर्ट ने इसकी इजाजत देते हुए अर्जी खारिज कर दी।
बता दें, 26 मार्च को एक टीवी चैनल पर पैगंबर के बारे में नूपुर शर्मा ( Nupur Sharma) की टिप्पणियों से विवाद की शुरुआत हुई थी। कई मुस्लिम देशों ने भी विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद सरकार ने इस संबंध में एक बयान जारी किया था। भाजपा ने भी नूपुर शर्मा की टिप्पणियों से खुद को अलग करते हुए उसे पार्टी से निलंबित कर दिया था।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शर्मा के खिलाफ उनकी विवादास्पद टिप्पणियों के लिए देश भर में दर्ज कम से कम 10 एफआईआर को दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज केस से मिला दिया था और सारे मामले दिल्ली स्थानांतरित कर दिए थे। शीर्ष कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की एक बहु-राज्यीय जांच एजेंसी गठित करने और जांच की निगरानी करने की मांग भी खारिज कर दी थी।
इससे पहले 1 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने पैगंबर पर उनकी टिप्पणी के बाद हुई हिंसा के लिए उनको “अकेले ही जिम्मेदार” ठहराया था। कोर्ट ने तब कहा था कि नूपुर ने टेलीविजन पर धर्म विशेष के खिलाफ उकसाने वाली टिप्पणी की।
उन्होंने लोगों की भावनाएं भड़काई हैं और देशभर में जो कुछ भी हो रहा है, उसकी जिम्मेदार नूपुर ही हैं। उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया है। कोर्ट ने कहा कि अपने बयान पर माफी भी उन्होंने शर्तों के साथ ही मांगी, वह भी तब, जब लोगों का गुस्सा भड़क चुका था। यह उनकी जिद और घमंड दिखाता है।
कोर्ट ने कहा कि इससे क्या फर्क पड़ता है कि वे एक पार्टी की प्रवक्ता हैं। वे सोचती हैं कि उनके पास सत्ता का समर्थन है और वे कानून के खिलाफ जाकर कुछ भी बोल सकती हैं।
Supreme Court refuses to entertain a plea seeking directions to the authorities to act and arrest former BJP Spokesperson Nupur Sharma for her alleged hate statement against Prophet Mohammad and hurting sentiments of the Muslim community.
— ANI (@ANI) September 9, 2022


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