‘ना कजरे की धार’, ‘चिट्ठी आई है…’, ‘चांदी जैसा रंग है तेरा’ जैसे न जाने कितने गानों को अपनी आवाज देने वाले बॉलीवुड ( Bollywood) के जाने-माने मशहूर गजल गायक पंकज उधास ( Pankaj Udhas)का निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वे 72 साल के थे। उनका जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के जेतपुर में हुआ था। पंकज उधास की बेटी नायाब उधास ने पिता के निधन की पुष्टि की है।’चिट्ठी आई है, आई है, चिट्ठी आई है’ गाना पंकज उधास का सर्वश्रेष्ठ गाना था, जिसे लोग आज तक गुनगुनाते हैं। यह गाना उनके अल्बम ‘याद’ का है, जो 1993 में रिलीज हुआ था।
नायाब उधास ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह दुखद खबर साझा करते हुए लिखा, ‘भारी दिल और बड़े दुख के साथ आप सभी को सूचित करना पड़ रहा है कि लंबी बीमारी के चलते 26 फरवरी 2024 को पद्मश्री पंकज उधास का निधन हो गया है’।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पंकज उधास ( Pankaj Udhas)का निधन 26 फरवरी को सुबह करीब 11 बजे ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ। गायक लंबे समय से बीमार थे। बीते कई दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी। सिंगर के निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। उनके चाहने वालों को झटका लगा है। सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए फैंस श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
पंकज उधास ( Pankaj Udhas)का जन्म गुजरात के जेतपुर में 17 मई 1951 को हुआ था।1980 में गजल एल्बम ‘आहट’ से शुरुआत करने के बाद उन्होंने ‘मुकरार’, ‘तरन्नुम’ औ ‘महफ़िल’ जैसे एल्बम से पॉप्युलैरिटी हासिल की थी। तीन साल में ही उन्होंने मनोरंजन जगत में अपनी पहचान बना ली थी। इसके अलावा पंकज उधास ने महेश भट्ट की फिल्म ‘नाम’ में गाना ‘चिट्ठी आई है’ गाया और वो रातोंरात सुपरहिट हो गया। पंकज उधास तीन भाई थे और सबसे छोटे थे। पिता का नाम केशुभाई उधास और मां का नाम जितुबेन उधास हैं। इनके बड़े भाई मनहर उधास भी जाने-माने बॉलीवुड के सिंगर हैं। भावनगर से स्कूलिंग करने के बाद मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। वहीं, इनके पिता केशुभाई उधास एक सरकारी कर्मचारी थे। केशुभाई की मुलाकात प्रसिद्ध वीणा वादक अब्दुल करीम खान से हुई थी, जिन्होंने बाद में पंकज को ‘दिलरुबा’ वाद्ययंत्र बजाना सिखाया था।
‘ना कजरे की धार’ गाना प्रेमियों के लिए मशहूर है। पंकज उधास ( Pankaj Udhas)का यह गाना फिल्म ‘मोहरा’ का है। फिल्म में अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी मुख्य भूमिका में थे। फिल्म 1994 में रिलीज हुई थी।पंकज उधास द्वारा गाया हुआ गाना ‘चांदी जैसा रंग है तेरा’ फिल्म ‘एक ही मकसद’ का है। यह फिल्म 2001 में रिलीज हुई थी।’आज फिर तुमपे’ गाना पंकज उधास का गाया हुआ सदाबहार गीत था। इस गाने को उन्होंने अनुराधा पौडवाल के साथ मिलकर गाया था। यह 1988 में रिलीज हुई फिल्म ‘दयावान’ का गाना है।पंकज उधास के प्रशंसकों के बीच उनका गाना ‘थोड़ी थोड़ी पिया करो’ खूब लोकप्रिय हुआ। यह गाना उनके एल्बम ‘आफरीन वॉल्यूम 2′ का गाना है, जो 1986 में रिलीज हुआ था।’आदमी खिलौना है’ गाना पंकज उधास ( Pankaj Udhas)का सबसे लोकप्रिय गाना रहा, जो आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा रहता है। यह ‘आदमी खिलौना है’ फिल्म का शीर्षक गीत है। यह फिल्म 1993 में रिलीज हुई थी।
Ghazal was already dying and with #PankajUdhas ji, it’s completely dead now..
End of an era….!!! ॐ शांति 🙏 pic.twitter.com/7hd4KZ83y6
— Mr Sinha (@MrSinha_) February 26, 2024
Deeply saddened by the loss of Pankaj Udhas ji, a legendary artist whose ghazals resonated with generations. His soulful music touched the hearts of many. Om shanti 🙏#PankajUdhas pic.twitter.com/9CRAYIiJdZ
— Harsh Sanghavi (Modi ka Parivar) (@sanghaviharsh) February 26, 2024


सरकार ने 16 दवा कॉम्बिनेशन पर रोक लगाई:स्किन और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट भी शामिल, कहा- इनसे इलाज में फायदे से ज्यादा जोखिम
Jharkhand :झारखंड राज्यसभा चुनाव में एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी जीते, कांग्रेस को झटका; प्रणव झा हारे
Uttar Pradesh :फिरोजाबाद में बैंक ऑफ इंडिया के 96 ग्राहकों का करोड़ों का सोना गायब,ब्रांच मैनेजर सहित तीन पर FIR दर्ज
Uttar Pradesh :प्रयागराज में दिल दहला देने वाली वारदात, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की निर्मम हत्या,घर के अंदर से बाहर तक पड़ी थीं लाशें
Rajasthan: जयपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस का छापा, मैनेजर गिरफ्तार,नशीले फ्लेवर जब्त
अमेरिकी वायु सेना का बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस बमवर्षक विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त,आठ की मौत
ट्रेन में आग की अफवाह पर चेन पुलिंग कर उदयपुर इंटरसिटी से कूदे यात्री, दूसरी गाड़ी की चपेट में आने से 4 की मौत
Bihar :ज्ञान बिंदु वाले रौशन आनंद के भाई प्रिंस की नेपाल में मौत,’खान सर’ कोचिंग पर हमले मामले में थे आरोपी
अमेरिकी बयान पर भड़के शशि थरूर: बोले- निर्दोष भारतीयों की मौत पर अफसोस तक नहीं, यह कैसी दोस्ती?