एटा –कासगंज जनपद में समाजवादी पार्टी ( Samajwadi Party ) को लोकसभा चुनाव के दौरान एक बार फिर से बड़ा झटका लगा है, समाजवादी पार्टी के एटा कासगंज लोकसभा से सपा के पूर्व सांसद व पूर्व जिला अध्यक्ष रहे कुंवर देवेंद्र सिंह यादव ( Devendra Singh Yadav)अब समाजवादी पार्टी छोड़कर आज भाजपा में शामिल हो गए हैं।
सपा के पूर्व सांसद कुंवर देवेंद्र सिंह यादव ( Devendra Singh Yadav)को लखनऊ में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने भाजपा की सदस्यता दिलाई है। भाजपा में शामिल हुए कुंवर देवेंद्र सिंह यादव एटा लोकसभा में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता के रूप में जाने जाते थे।
देश में लोकसभा चुनाव का बिगुल बज गया है और चुनाव की तारीखों का एलान भी हो गया है। एटा लोकसभा पर तीसरे चरण में चुनाव होना है और चुनाव की तैयारी में सभी दलों के नेता चुनाव जीतने के लिए कोई करे कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं और चुनाव में जोड़ तोड़ की राजनीति भी चल रही है और दूसरे दलों के नेता दल बदलने में भी लगे हुए हैं। लोकसभा चुनाव में आज रविवार को समाजवादी पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है।
भाजपा में शामिल होने के दौरान कुमार देवेंद्र सिंह यादव के साथ एटा लोकसभा के सांसद व मौजूदा भाजपा के प्रत्याशी राजवीर सिंह भी मौजूद रहे।
अचानक समाजवादी पार्टी छोड़कर कुमार देवेंद्र सिंह यादव ( Devendra Singh Yadav)के भाजपा में शामिल होने पर कासगंज जिले में लोग तरह की चर्चा कर रहे हैं। कुंवर देवेंद्र सिंह यादव समाजवादी पार्टी में विधायक भी रहे हैं और पूर्व सांसद भी रहे हैं और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि भी रहे हैं और वो कुछ समय पहले तक सपा के जिलाध्यक्ष भी रहे थे, देवेंद्र सिंह यादव समाजवादी पार्टी में एटा लोकसभा में सपा के कद्दावर नेता के रूप में जाने जाते थे।
जिले में समाजवादी के बड़े नेता और मौजूदा सपा जिलाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह यादव कभी सत्ता के केन्द्र में रहे। देवेन्द्र यादव के जरिए ही सपा की पहली बार साइकिल एटा लोक सभा सीट पर चली थी। उन्होंने वर्ष 1999 में भाजपा को लगातार पांचवीं पर चुनाव जीतने से रोका था। वर्ष् 2014 में लोक सभा चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे। वर्ष 1999 और 2004 में लोक सभा सदस्य रहे।
देवेन्द्र सिंह यादव मूल रुप से कासगंज के अल्लीपुर बरबारा के रहने वाले हैं। इन्होंने राजनीति का ककहरा गांव की प्रधान से शुरू की। तीन बार सोरों ब्लाक के प्रमुख रहे। वर्ष 1979 में कांग्रेस और दूसरी बार सपा से विधायक चुने गए। दो बार समाजवादी पार्टी से वर्ष 1999 और वर्ष 2004 में लोक सभा सदस्य बने। वर्ष 2009 और वर्ष 2014 में लोक सभा का चुनाव हार गए। इनका दो विवाह हुआ है। पहली पत्नी उर्मिला खत्म हो गई और सीमा मौजूद है। इनको पांच बेटियां थी एक बेटी शादी के बाद खत्म हो गई। व्यापार की शुरुआत कच्ची शराब की दुकान से हुई थी। लेकिन आज कासगंज और एटा में शराब के बड़े व्यापारी हैं।


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