ओडिशा ( Odisha ) के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा( Jagannath Rath Yatra 2024 ) का उत्सव शुरू हो चुका है। 53 साल बाद यह यात्रा दो दिनों की हो रही है।हर साल की तरह इस बार भी भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा( Rath Yatra ) निकाली जा रही है, लेकिन रथयात्रा में बहुत ज्यादा भीड़ की वजह से भगवान के नवयौवन दर्शन नहीं होंगे। रथयात्रा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी शामिल हुईं। पीएम नरेंद्र मोदी ने रथयात्रा की देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
बलभद्र के बाद देवी सुभद्रा का रथ आगे बढ़ने लगा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी भक्तों के साथ देवी का रथ खींचा। इसके बाद वे यहां से लौट गई हैं और कल सुबह फिर रथयात्रा ( Rath Yatra ) में शामिल होंगी।
यात्रा का पहला दिन सूर्यास्त के साथ आज (रविवार) पूरा हो गया है। जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ रुक गए हैं। अब रात की पूजा और सोमवार सुबह की पूजा रथों पर ही होगी। कल सुबह नियमित पूजा-पाठ के बाद करीब 9 बजे से रथयात्रा फिर शुरू होगी।
यात्रा से पहले तीनों रथों को जगन्नाथ मंदिर के पूर्वी द्वार, जिसे सिंह द्वार भी कहते हैं, उसके सामने खड़ा किया गया था। यहीं पर भगवान की प्रतिमाओं को श्रीमंदिर से लाकर रथों पर सवार किया गया। यहां से उन्हें गुंडिचा मंदिर ले जाया जा रहा है। इसके बाद भगवान गुंडिचा धाम में एक सप्ताह रहेंगे, आठ दिनों के बाद भगवान जगन्नाथ की पुरी वापसी के साथ ही रथ यात्रा समाप्त होगी।
इस दौरान पुजारियों ने भोर में मंगल आरती का आयोजन किया। शंखनाद की ध्वनि, झांझ और ढोलक की थाप के साथ मंदिरों से देवताओं को रथ पर बिठाकर यात्रा की शुरुआत की गई। तीनों देवताओं को तीन पारंपरिक तौर पर बने लकड़ी के रथ- नंदीघोसा (जगन्नाथ के लिए), तलाध्वजा (बलभद्र के लिए) और देवदलन (सुभद्रा के लिए) पर बिठा कर ले जाया गया।जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा के दौरान पुरी के राजा गजपति महाराज ने सोने के झाडू से सफाई करके ‘छेरा-पहंरा’ की रस्म अदा की।
जगन्नाथ मंदिर के पंचांगकर्ता डॉ. ज्योति प्रसाद के मुताबिक, भगवान को आम दिनों से 2 घंटे पहले जगाया गया। मंगला आरती सुबह 4 की बजाय रात 2 बजे हुई। मंगला आरती के बाद करीब ढाई बजे दशावतार पूजन हुआ। 3 बजे नैत्रोत्सव और 4 बजे पुरी के राजा की तरफ से पूजा की गई। सुबह 5.10 बजे के बाद सूर्य पूजा और करीब 5.30 बजे द्वारपाल पूजा हुई। सुबह 7 बजे भगवान को खिचड़ी भोग-प्रसाद लगाया गया।
विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा ( Rath Yatra ) में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति दौपदी मुर्मु भी पुरी पहुंची हैं।भुवनेश्वर एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर से पुरी के तालाबाणिया स्थित हेलीपैड पर उतरने के बाद वह वहां से कड़ी सुरक्षा के बीच राजभवन पहुंची। इसके बाद शाम 4 बजे वह बड़दांड पहुंचीं, राष्ट्रपति के साथ-साथ राज्यपाल रघुवर दास और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी थे। राष्ट्रपति 6 से 9 जुलाई तक ओडिशा की चार दिवसीय यात्रा पर हैं।
LIVE: President Droupadi Murmu witnesses the Gundicha Jatra (Car Festival) of Lord Jagannath at Puri, Odisha https://t.co/v24YxCL6z8
— President of India (@rashtrapatibhvn) July 7, 2024


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