महाराष्ट्र में 288 सीटों के लिए हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे लगभग आ चुके हैं., जिसमें महायुति (Mahayuti )(भारतीय जनता पार्टी ,शिवसेना, एनसीपी) गठबंधन को प्रचंड जीत मिली है और गठबंधन सत्ता में वापसी कर रहा है। वहीं दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (एमवीए) को करारी हार मिली है। भाजपा की जीत की आंधी ऐसी चली कि पूर्व मुख्यमंत्री और खुद को असली शिवसेना बताने वाले उद्धव ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार की राजनीति को बड़ा झटका लगा है। इस गठबंधन की इस चुनाव में हालत ऐसी हो गई है कि दिग्गज नेता विपक्ष के नेता बनने लायक भी नहीं रह गए हैं।
महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों में से महायुति(Mahayuti ) को 233 सीटें सीटें मिली हैं। वहीँ महा विकास अघाड़ी के खाते में 49 सीटें ही गई।बाकी 5 सीटें अन्य के खाते में गई है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, सभी ने मुझे बधाई दी, मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं। मैं महाराष्ट्र की जनता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी धन्यवाद देता हूं। डबल इंजन सरकार यहां काम कर रही थी और यहां विकास कार्य हुए। केंद्र सरकार ने भी हमारा समर्थन किया।
जेपी नड्डा ने कहा- आज का दिन ऐतिहासिक है। इसका श्रेय मोदी को जाता है। जनता ने पीएम मोदी की राष्ट्र सेवा पर मुहर लगाई है। महाराष्ट्र की जनता ने 2019 में भी भाजपा को जनादेश दिया था, लेकिन तब उद्धव ठाकरे की सत्ता की लालच ने जनता के आदेश का अपमान किया था।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी के अगुवाई वाले महायुति (Mahayuti )की प्रचंड जीत में कांग्रेस को गुजरात वाली चोट मिली है। 2022 के गुजरात विधानसभा चुनावों कांग्रेस सिर्फ 17 सीटें जीत पाई थी। इसके बाद राज्य की सत्ता में 25 साल से बाहर कांग्रेस के हाथों से नेता विपक्ष का पद भी चला गया था। महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों में भी कुछ ऐसी स्थिति उभरी है।
विपक्ष गठबंधन महाविकास आघाड़ी (एमवीए) को कोई भी घटक जरूरी 29 सीटों के आसपास पहुंचता नहीं दिख रहा है। नियमानुसार संसद और विधानसभा में नेता विपक्ष के लिए 10 फीसदी सीटों का होना आवश्यक है। महाराष्ट्र में कम से 29 सीटों होनी चाहिए। कांग्रेस को 25 सीटों के अंदर सिमटती गई है। ऐसे में सवाल खड़ हो गया है कि जिस महाविकास आघाड़ी में सीएम बनने के लिए लड़ाई थी। उसके घटक दल नेता विपक्ष की हैसियत भी नहीं रख पाए।
महाविकास आघाड़ी के नेताओं ने विधानसभा चुनावों में महाराष्ट्र से गुजरात की तरफ निवेश, कारखाने और नौकरियां जानें को चुनावी मुद्दा बनाया था, लेकिन एमवीए का यह दांव उल्टा पड़ा। महायुति (Mahayuti )को 230 से अधिक सीटें मिलती दिख रही है तो वहीं एमवीए 50 के आसपास सिमट गया है। राहुल गांधी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के 99 सीटें हासिल करने के बाद नेता विपक्ष बन पाए थे। लोकसभा में 13 सीटें जीतने वाली कांग्रेस की यह दुर्गति होगी यह शायद किसी ने नहीं सोचा था। गुजरात के बाद कांग्रेस महाराष्ट्र में भी कमजोर स्थिति में पहुंच गई है। महाराष्ट्र में कांग्रेस ने 102 सीटों पर चुनाव लड़ा था।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 363 महिला उम्मीदवार मैदान में थीं। जिनमें सिर्फ 18 को जीत मिलीं। जिसमें से सबसे ज्यादा बीजेपी की 12 महिला उम्मीदवार हैं। 3 एनसीपी अजित गुट, 2 शिंदे गुट और एक कांग्रेस से हैं। पिछले दो विधानसभा में चुनाव जीतने वाली महिलाओं की सबसे कम संख्या है।
VIDEO | “On this historic day, the people of India and Maharashtra have sent a message that they have yet again approved PM Modi’s vision. For this, I thank the people of Maharashtra, Jharkhand and other states where bypolls were conducted,” says Union Minister and BJP president… pic.twitter.com/VI4ehEgvee
— Press Trust of India (@PTI_News) November 23, 2024


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