अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर 18 दिनों के प्रवास के बाद शुभांशु शुक्ला( Shubhanshu Shukla ) मंगलवार को खुशी और मुस्कुराहट के साथ पृथ्वी पर लौट आए, लेकिन उनकी स्वदेश वापसी अभी करीब एक महीने दूर है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार, मिशन के बाद की औपचारिकताओं को पूरा कर शुभांशु अगले महीने 17 अगस्त तक भारत आ पाएंगे। शुभांशु की इस उपलब्धि के साथ भारत की मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान गगनयान मिशन की महत्वाकांक्षाओं को साकार करने की तैयारी शुरू हो गई है।
शुभांशु ( Shubhanshu Shukla ) भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री हैं। उनसे पूर्व राकेश शर्मा 1984 में सोवियत रूसी मिशन के तहत अंतरिक्ष में गए थे। शुभांशु ने अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बनने व पृथ्वी की कक्षा में सर्वाधिक समय तक (20 दिन) रहने का भी इतिहास बनाया। हंगरी व पोलैंड के यात्री भी 40 वर्षों के बाद अंतरिक्ष में भेजे गए थे।
शुभांशु ( Shubhanshu Shukla ) और एक्सिओम-4 मिशन के तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भारतीय समयानुसार दोपहर 3:01 बजे प्रशांत महासागर में कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट पर उतरे। 28 हजार किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से यात्रा करते हुए ड्रैगन अंतरिक्ष यान ने प्रशांत महासागर में उतरने से पहले तीव्र गर्मी का सामना किया और इन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किए गए उपायों को इस्तेमाल में लाते हुए धीरे-धीरे गति को कम किया और फिर पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया और अंत में प्रशांत महासागर में गिरा।
इसके कुछ ही मिनट बाद, ड्रैगन अंतरिक्ष यान को स्पेसएक्स के रिकवरी शिप शैनन के ऊपर ले जाया गया, जहां शुभांशु ( Shubhanshu Shukla ) व अन्य तीन अंतरिक्ष यात्री मुस्कुराते हुए और कैमरों की ओर हाथ हिलाते हुए अंतरिक्ष यान से बाहर निकले। सभी ने करीब 20 दिन बाद पृथ्वी की ताजा हवा में सांस ली। ड्रैगन ग्रेस यान के वापस लौटने का सीधा प्रसारण स्पेसएक्स की ओर से किया गया।
एक्सिओम-4 के चालक दल को हेलिकॉप्टर के जरिये तट पर ले जाने से पहले जहाज पर सबकी कई चिकित्सीय जांच की गई। चारों अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर पुनर्वास के तहत अभी सात दिन अलग-थलग बिताना होगा ताकि वे धरती के गुरुत्वाकर्षण से तालमेल बिठा सकें।
बता दें कि एक्सिओम-4 मिशन के तहत स्पेस एक्स कंपनी का ड्रैगन ग्रेस अंतरिक्ष यान 25 जून को फ्लोरिडा से रवाना हुआ था और 28 घंटे की यात्रा के बाद 26 जून को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचा था। पृथ्वी की कक्षीय प्रयोगशाला में, शुक्ला, कमांडर पैगी व्हिटसन, पोलैंड के मिशन विशेषज्ञ स्लावोज़ विस्नीव्स्की और हंगरी के टिबोर कापू ने अगले 18 दिन 60 प्रयोग व 20 आउटरीच सत्र आयोजित करने में बिताए। भारत ने इस एक्सिओम-4 अंतरिक्ष मिशन के लिए 550 करोड़ रुपये निवेश किए थे। इस मिशन से मिले अनुभव से मानव अंतरिक्ष उड़ान के सपने को पूरा करने में मदद मिलेगी। इसरो गगनयान मिशन को 2027 में लॉन्च करेगा।
यह टेक्सास स्थित स्टार्टअप एक्सिओम स्पेस का स्पेसएक्स के सहयोग से चौथा आईएसएस मिशन था। स्पेसएक्स एलन मस्क का निजी रॉकेट उद्यम है, जिसका मुख्यालय लॉस एंजिल्स के पास है।


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