Tuesday, June 23, 2026

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लखनऊ की महिला डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 85 लाख हड़पने वाले ठग देवाशीष राय को सात साल की सजा

खुद को कस्टम और सीबीआई अधिकारी बनकर लखनऊ की महिला डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 85 लाख रुपये हड़पने वाले ठग आजमगढ़ निवासी देवाशीष राय को कस्टम कोर्ट के विशेष सीजेएम अमित कुमार यादव ने दोषी ठहराया है। देवाशीष राय को सात साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने उसे 68 हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया है।

कोर्ट में अभियोजन की ओर से बताया गया कि वादिनी डॉ. सौम्या गुप्ता ने एक मई 2024 को लखनऊ के साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक वह केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी में काम करती हैं। 15 अप्रैल 2024 को जब वह अपनी ड्यूटी पर थीं, तभी उनके मोबाइल फोन पर अनजान नंबर से फोन आया था। उसने खुद को इंदिरागांधी एयरपोर्ट का कस्टम अधिकारी बताया।उसने सौम्या से कहा कि आपके नाम पर एक कार्गो बुक किया गया है, जिसमे कुछ जाली पासपोर्ट, एटीएम कार्ड तथा 140 ग्राम एमडीएम पाया गया है। लिहाजा, अब यह मामला सीबीआई के अधिकारी देखेंगे। इसके बाद उक्त कस्टम अधिकारी ने किसी सीबीआई अधिकारी को कॉल ट्रांसफर कर दी। कथित सीबीआई अधिकारी ने फोन पर वादिनी को डराया, धमकाया और कहा कि वह किसी को यह बात नहीं बताएं।

जब वादिनी ने बताया कि उन्होंने कोई कार्गो नहीं बुक किया है तो सीबीआई अधिकारी ने उन्हें मदद का झांसा दिया। इसके बाद वादिनी के खाते, पैन कार्ड और सारी संपत्ति का विवरण हासिल कर लिया। यही नहीं, सत्यापन के बहाने वादिनी के खाते में जमा 60 लाख रुपये अपने खाते में जमा करा लिए।

एफआईआर के मुताबिक आरोपी ने उन्हें 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर के रखा था। आरोपी ने वादिनी को जमानत देने के लिए और अन्य तरीके से विभिन्न तारीखों में कुल 85 लाख रुपये ले लिए। साइबर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना की तो पता चला कि आरोपी देवाशीष राय ने घटना की है। देवाशीष लखनऊ में गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर छह स्थित सुलभ आवास में रहता था। वह मूलरूप से आजमगढ़ के मसौना का रहने वाला है।

एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना शुरू की। साइबर क्राइम थाने के प्रभारी ब्रजेश यादव ने बताया कि देवाशीष ने अपनी पहचान छिपाकर बैंक में फर्जी फर्म के नाम से खाता खुलवाया था। यही नहीं, जाली दस्तावेज के जरिए उसने टेलीकॉम कंपनी से सिम लिया था। इससे वह लोगों को फोन कर झांसे में लेता था।

तकनीकी साक्ष्य व सर्विलांस की मदद से साइबर थाने की पुलिस ने देवाशीष को पांच दिन के भीतर मंदाकिनी अपार्टमेंट, गोमतीनगर विस्तार से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस की ओर से दो अगस्त 2024 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल की गई। पुलिस ने देवाशीष के जमानत का पुरजोर विरोध किया, जिसकी वजह से वह जेल से बाहर नहीं निकल पाया।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels