Uttar Pradesh :’प्रोफेसर ने चप्पल मारने, फेल करने की दी धमकी’,ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी की छात्रा ज्योति शर्मा के सुसाइड केस में खुलासा,दो प्रोफेसर गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा (Greater Noida ) स्थित शारदा विश्वविद्यालय ( Sharda University ) की बीडीएस की एक छात्रा ने शुक्रवार, 18 जुलाई को हॉस्टल में जान दे दी थी। इस सुसाइड केस में दो प्रोफेसरों का नाम सामने आया है। मृतक छात्रा का नाम ज्योति शर्मा है, जिसने यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।
ज्योति बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी की सेकेंड ईयर की छात्रा थी। इस मामले मे पांच लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जान देने वाली छात्रा के परिजन लगातार इंसाफ की मांग कर रहे हैं। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में भी लिया है। इस बीच ज्योति शर्मा की मां ने यूनिवर्सिटी के डेंटिस्ट्री डिपार्टमेंट के हेड को थप्पड़ लगा दिया। भारी भीड़ लगी रही।
ज्योति ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है, ”अगर मैं मर जाऊं तो पीसीपी और डेंटल मैटीरियल के टीचर ही दोषी होंगे। महिंदर सर और शैरी मैम मेरी मौत की जिम्मेदार होंगी। मैं चाहती हूं कि वो दोनों सलाखों के पीछे जाएं। उन्होंने मुझे मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया। उन्होंने मुझे अपमानित किया। मैं उनकी वजह से लंबे समय से तनाव में हूं। मैं चाहती हूं कि वो भी यही सब सहें। आई एम सॉरी… मैं इस तरह से और नहीं जी सकती…. मैं नहीं कर सकती।”
रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा की शारदा विश्वविद्यालय( Sharda University ) के हॉस्टल में आत्महत्या करने वाली छात्रा ज्योति शर्मा अगस्त में होने वाली परीक्षा से पहले प्रोजेक्ट पर प्रोफेसरों के हस्ताक्षर नहीं करने से आहत थी। छात्रा की मां सुनीता के मुताबिक अगस्त में तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा होनी है।
मां का आरोप है कि छात्रा के प्रोजेक्ट की फाइल भी फेंक दी गई। प्रोफेसर ने चप्पल फेंककर मारने की बात कही। जिससे छात्रा आहत हो गई। छात्रा की मां का दावा है कि आरोप है कि सारी बातें डीन को पता थी।
आमतौर पर बेटी दिन में तीन बार उन्हें और पांच बार अपने पिता के पास फोन करती थी। लेकिन शुक्रवार को उसने पिता को सिर्फ एक बार फोन किया। जब पांच बजे मां ने फोन किया तो पुत्री ने फोन नहीं उठाया। शाम को पता चला है कि उसने आत्महत्या कर ली। छात्रा 15 दिन पहले ही घर आई थी।
ज्योति के पिता हरियाणा स्थित भिवानी में निजी कंपनी में काम करते हैं। छात्रा की मृत्यु के बाद से परिवार में मातम छाया है। वहीं पुलिस की ओर से इस बात की जांच की जा रही है कि क्या छात्रा ने पहले किसी प्रोफेसर के हस्ताक्षर खुद से किए थे क्या।
छात्रा ने मेडिकल प्रोजेक्ट के तौर पर डेंचर (बत्तीसी) पर प्रोजेक्ट तैयार किया था। 30 नंबरों के इस प्रोजेक्ट पर विभाग के प्रोफेसरों के हस्ताक्षर होने थे। शुक्रवार को छात्रा प्रोजेक्ट की फाइल पर हस्ताक्षर कराने के लिए गई थी। मां के आरोप है कि प्रोफेसरों ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।
शारदा विश्वविद्यालय( Sharda University ) की छात्रा के आत्महत्या करने का मुद्दा पूरे दिन सोशल मीडिया एक्स पर ट्रेंड करता रहा। लोगों ने एक्स पर कमेंट कर कार्रवाई की मांग की। अलग-अलग छात्र संगठनों ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विश्वविद्यालय परिसर में तीन हॉस्टल है। जिनमें घटना में हुई विदेशी छात्राएं भी रहती हैं। 1200 छात्राओं की संख्या वाले हॉस्टल में ज्योति सिंगल बेडरूम वाले हॉस्टल में रहती थी। इसका किराया प्रतिवर्ष 2.35 लाख रुपये प्रतिवर्ष है। जबकि डबल सीटर कमरे का किराया 2.60 लाख रुपये प्रतिवर्ष है।
ज्योति के भाई अक्षय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शारदा विश्वविद्यालय( Sharda University ) के प्रोफेसर ने पिता से बताया किया था कि बहन ने अपने असाइनमेंट और दस्तावेजों पर जाली हस्ताक्षर किए हैं। जिसके कारण पिता सोमवार को यहां आए थे। उन्होंने प्रोफेसर और एचओडी से बात की थी। बाद में उसके बैचमेट्स से पता चला कि प्रोफेसरों ने उसे ताना मारा था यह कहते हुए कि वह जाली हस्ताक्षर करने में माहिर है।
उन्होंने बहन को फेल करने और उसे प्रैक्टिकल और परीक्षा देने से रोकने की भी धमकी दी थी। उस पर दबाव डाला गया था। अक्षय ने कहा कि पुलिस ने मेरे परिवार के सदस्यों पर लाठीचार्ज किया। वहीं पुलिस ने लाठीचार्ज की बात से इंकार किया है। उधर पुलिस ने गिरफ्तार प्रोफेसरों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेजा गया है।