आंध्र प्रदेश (Andhra-Pradesh ) पुलिस ने वाईएसआरसीपी के लोकसभा सांसद पीवी मिधुन रेड्डी (P.V. Midhun Reddy )को पिछली सरकार के दौरान हुए 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में गिरफ्तार कर लिया। शराब घोटाले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शनिवार को मिधुन रेड्डी से कई घंटों तक पूछताछ की और शाम लगभग 7.30 बजे विजयवाड़ा में उन्हें गिरफ्तार किया। गृह मंत्री वंगालापुडी अनिता ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें अदालत में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।
पीवी मिधुन रेड्डी (P.V. Midhun Reddy ) आंध्र प्रदेश के राजमपेट निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। मई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इस शराब घोटाले की जांच के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। आंध्र प्रदेश में पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान शराब घोटाले के मुख्य आरोपी कासिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी की रिमांड रिपोर्ट में एसआईटी ने कई लोगों के नाम लिए हैं। इसमें वासुदेव रेड्डी, सत्य प्रसाद, मिधुन रेड्डी, पूर्व वाईएसआरसीपी नेता वी विजय साई रेड्डी, सज्जला श्रीधर रेड्डी, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी धनुंजय रेड्डी, कृष्ण मोहन रेड्डी और बालाजी गोविंदप्पा का नाम शामिल है।
पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के आईटी सलाहकार के रूप में काम कर चुके कासिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी पर अन्य व्यक्तियों के साथ लोकप्रिय शराब ब्रांडों को बंद करने और ‘ब्लू-आइड ब्रांड्स’ (पसंदीदा ब्रांडों) को बढ़ावा देने का आरोप है। एसआईटी के अनुसार, प्रति माह 60 करोड़ रुपये तक की रिश्वत वसूली जाती थी। एसआईटी ने आरोप लगाया कि रिश्वत लेने के बाद, कासिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी कई अन्य अनियमितताओं के अलावा, रिश्वत की रकम पीवी मिधुन रेड्डी (P.V. Midhun Reddy ) और अन्य को भेजते थे।
इस बीच, विपक्षी दल ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू पर बदला लेने और वाईएसआरसीपी सुप्रीमो वाईएस जगन मोहन रेड्डी के करीबी लोगों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने का आरोप लगाया। वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेता मल्लादी विष्णु ने कहा कि पीवी मिधुन रेड्डी (P.V. Midhun Reddy ) के खिलाफ मामला पार्टी नेतृत्व के करीबी लोगों को गिरफ्तार करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है।