बता दें कि ला. गणेशन ( La. Ganesan )का पूरा नाम ला गणेशन अय्यर हैं, जिनका जन्म 16 फरवरी 1945 को हुआ था। गणेशन ने 20 फरवरी 2023 को नागालैंड के 19वें राज्यपाल के रूप में पदभार संभाला था। इससे पहले गणेशन 27 अगस्त 2021 से 19 फरवरी 2023 तक मणिपुर के 17वें राज्यपाल और 28 जुलाई 2022 से 17 नवंबर 2022 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) की भूमिका निभा चुके हैं। उनके निधन से नगालैंड राज्य और राजभवन में शोक की लहर फैल गई है।
जानकारी के अनुसार, 8 अगस्त को गणेशन ( La. Ganesan )अपने घर में अचानक बेहोश होकर गिर गए और इस दौरान उन्हें सिर में चोट लगी। जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती कर लिया ताकि उनका गहन उपचार और निगरानी की जा सके।
पीएम मोदी ने भी नगालैंड के राज्यपाल रहे ला गणेशन ( La. Ganesan )के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- नगालैंड के राज्यपाल थिरु ला. गणेशन जी के निधन से दुःख हुआ। उन्हें एक समर्पित राष्ट्रवादी के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने अपना जीवन सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा का विस्तार करने के लिए कड़ी मेहनत की। तमिल संस्कृति के प्रति भी उनका गहरा लगाव था। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।
नगालैंड के उपमुख्यमंत्री यंथुंगो पैटन ने राज्यपाल ला गणेशन ( La. Ganesan )के निधन पर लिखा- मुझे इस समाचार से गहरा सदमा और दुःख पहुंचा है। सार्वजनिक जीवन में अपने पूरे सफर में, उन्होंने गरिमा, विनम्रता और जन कल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का परिचय दिया। नगालैंड में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने सद्भाव को मजबूत करने, विकास को प्रोत्साहित करने और लोगों की आकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए समर्पण भाव से काम किया। उनके नेतृत्व और राज्य भर के समुदायों से जुड़ने की क्षमता ने उन्हें सच्चा स्नेह और सम्मान दिलाया।
देश के पूर्व उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री दर्शना जारदोश, मणिपुर के पूर्व सीएम एन. बीरेन सिंह और भाजपा सांसद संबित पात्रा ने भी नगालैंड के राज्यपाल ला गणेशन के निधन पर शोक जताया है।
एल गणेशन ( La. Ganesan )मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं। गणेशन भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक अनुभवी नेता थे। उनका जन्म 16 फरवरी 1945 को तमिलनाडु के इलाकुमिरकवन और अलामेलु में एक तमिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था। बता दें कि उनके पिता का निधन युवावस्था में ही हो गया था। इसके बाद गणेशन भाई के साथ रहने लगे और उन्हीं के साथ पढ़ाई लिखाई जारी रखी। इसके बाद गणेशन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल हो गए और बिना विवाह किए ही उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ी दी और फिर एक पूर्णकालिक संघ कार्यकर्ता के रूप में सार्वजनिक जीवन में लौट आए।
Pained by the passing of Nagaland Governor Thiru La. Ganesan Ji. He will be remembered as a devout nationalist, who dedicated his life to service and nation-building. He worked hard to expand the BJP across Tamil Nadu. He was deeply passionate about Tamil culture too. My thoughts… pic.twitter.com/E1VXtsKul3
— Narendra Modi (@narendramodi) August 15, 2025


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