प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi ) ने शुक्रवार को भारत के महत्वपूर्ण सैन्य और नागरिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा एक स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली विकसित करने की परियोजना सुदर्शन चक्र( ‘Sudarshan Chakra’ ) की घोषणा की। परियोजना के तहत किसी भी दुश्मन के खतरे का निर्णायक जवाब देने की क्षमता विकसित की जाएगी। यह कदम पाकिस्तान और चीन से उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों को लेकर चिंताओं के बीच उठाया गया है।
पीएम मोदी ने कहा, ‘अब देश मिशन सुदर्शन चक्र( ‘Sudarshan Chakra’ ) लॉन्च करेगा। यह सुदर्शन चक्र एक ताकतवर वेपन सिस्टम दुश्मन के हमले को न्यूट्रलाइज तो करेगा ही, बल्कि दुश्मन पर कई गुना तेज पलटवार भी करेगा। हमने मिशन सुदर्शन चक्र के लिए कुछ मूलभूत बातें भी तय की हैं, हम 10 साल में उसे पूरी तेजी से आगे बढाना चाहते हैं। उसकी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर पूरी रिसर्च देश में देश के लोगों द्वारा ही हो।’
लाल किले की प्राचीर से अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में पीएम मोदी ने सैन्य प्लेटफार्मों के लिए विदेशी तकनीकों पर निर्भरता कम करने के नई दिल्ली के संकल्प का भी संकेत दिया। उन्होंने भारत के लड़ाकू विमानों के लिए देश में ही जेट इंजन विकसित करने का आह्वान किया। हालांकि, प्रधानमंत्री ने ‘सुदर्शन चक्र'( ‘Sudarshan Chakra’ ) नामक वायु रक्षा प्रणाली के बारे में विस्तार से नहीं बताया, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह इस्राइल की आयरन डोम ऑल-वेदर वायु रक्षा प्रणाली की तर्ज पर हो सकती है, जिसे एक बेहद प्रभावी मिसाइल शील्ड के रूप में जाना जाता है।
उन्होंने कहा कि वॉरफेयर के हिसाब से उसका हिसाब-किताब लेकर हम इस पर प्लस वन की नीति से काम करेंगे। सुदर्शन चक्र ( ‘Sudarshan Chakra’ )की एक खासियत थी कि उसका जो निशाना होता था, वहीं तक जाता था, और फिर वापस आ जाता था। हम भी सुदर्शन चक्र की तरह टारगेट के आधार पर आगे बढ़ेंगे।
पीएम मोदी ने कहा, ‘मैंने एक संकल्प लिया है, इसके लिए मुझे देशवासियों का आशीर्वाद चाहिए, क्योंकि समृद्धि कितनी ही हो, लेकिन सुरक्षा के साथ न हो तो इसका महत्व नहीं होता। मैं लाल किले से कह रहा हूं कि आने वाले 10 साल में यानी 2035 तक राष्ट्र के सभी अहम स्थलों जिनमें सामरिक के साथ साथ सिविलियन क्षेत्र भी शामिल हैं। जैसे अस्पताल, रेलवे, आस्था के केंद्र हों, उन्हें तकनीक के नए प्लेटफॉर्म द्वारा पूरी तरह सुरक्षा का कवच दिया जाएगा। ये सुरक्षा का कवच लगातार विस्तृत होगा।’
उन्होंने कहा, ‘देश का हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे, किसी भी तरह की तकनीक आ जाए, हमारी तकनीक उसका मुकाबला करने में सक्षम हो। मैं 2035 तक इसके लिए राष्ट्रीय कवच को विस्तार देना चाहता हूं। भगवान श्रीकृष्ण का जो सुदर्शन चक्र था, हमने उस चक्र की राह को चुना है। जब महाभारत की लड़ाई चल रही थी, श्रीकृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से सूर्य के प्रकाश को रोक दिया था और दिन में ही अंधेरा कर दिया था। तब अर्जुन ने जो शपथ ली थी जयद्रथ का वध करने की, उसे वे पूर्ण कर पाए थे, यह सुदर्शन चक्र की वजह से हुआ था।’